खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी: बदनावर में 2 साल पढ़ाया, फिर जुनून और मेहनत के बल पर बने पुलिस अधिकारी
देवास के खातेगांव TI दिलीप पुरी धार जिले के बरमंडल के निवासी थे। 2 साल शिक्षक के रूप में सेवा देने के बाद उन्होंने अपने जुनून से पुलिस सेवा में चयन हासिल किया था।
देवास जिले के खातेगांव में तैनात थाना प्रभारी (TI) दिलीप पुरी की जीवन यात्रा लगन, कड़े संघर्ष और अटूट देशभक्ति की एक अनूठी मिसाल रही है। वे मूल रूप से मध्य प्रदेश के धार जिले की सरदारपुर तहसील के ग्राम बरमंडल के निवासी थे। उनकी प्रारंभिक और प्राथमिक शिक्षा गांव के ही स्कूल में संपन्न हुई, जिसके बाद उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए वे धार शहर आए और धार कॉलेज से अपनी पढ़ाई पूरी की। दिलीप पुरी का बचपन से ही वर्दी पहनकर शासकीय पुलिस सेवा में जाने का जबरदस्त जुनून था।
🏫 शिक्षक के रूप में की थी करियर की शुरुआत, बदनावर के दौतरीया गांव में 2 वर्षों तक दीं सेवाएं
अपनी मंजिल पाने की तैयारी के दौरान ही उनका चयन शिक्षा विभाग में शिक्षक के पद पर हो गया था:
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शिक्षकीय सेवाएं: उन्होंने धार जिले की बदनावर तहसील के ग्राम दौतरीया के सरकारी स्कूल में करीब दो वर्षों तक पूरी निष्ठा के साथ एक शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दीं और बच्चों का मार्गदर्शन किया।
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सपनों के लिए प्रयास: शिक्षक बनने के बाद भी उनके मन में देश और जनता की रक्षा के लिए पुलिस विभाग में जाने का सपना लगातार बना हुआ था।
🏋️♂️ कठिन शारीरिक व बौद्धिक परीक्षा की तैयारी; आखिरकार रंग लाई मेहनत और बने पुलिस अधिकारी
पुलिस सेवा में जाने के अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए वे बिना रुके लगातार प्रयासरत रहे:
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अनवरत मेहनत: शिक्षक की अपनी रोजाना की जिम्मेदारी के साथ-साथ वे लगातार शारीरिक फिटनेस और प्रतियोगी परीक्षाओं (बौद्धिक परीक्षा) की तैयारी में रात-दिन जुटे रहे।
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पुलिस में चयन: आखिरकार उनकी वर्षों की कठिन तपस्या और अटूट मेहनत रंग लाई। उनका चयन मध्य प्रदेश पुलिस सेवा में अधिकारी के पद पर हो गया, जिसके बाद उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी के साथ निभाया।
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