सतना समाचार: दिवाली पर मिठाई खरीदते समय रहें सावधान; जानिए कैसे कानपुर से विंध्य में सप्लाई हो रहा था मिलावटी सामान
सतना बस स्टैंड पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने कानपुर से आई बस से 450 किलो मिलावटी खोवा और पाम ऑयल से बना नकली मिल्क केक जब्त किया है। जानिए पूरी रिपोर्ट।
दीपावली का त्योहार आते ही बाजारों में मिठाइयों की डिमांड अचानक काफी बढ़ जाती है। इसी मांग का फायदा उठाने के लिए पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश से जानलेवा नकली खोवा और मिलावटी खाद्य सामग्रियां मध्य प्रदेश में खपाई जाने लगती हैं। इसी बीच सतना जिले की खाद्य सुरक्षा टीम ने देर रात बस स्टैंड परिसर में औचक दबिश दी, जहाँ एक यात्री बस के अंदर से भारी मात्रा में अवैध मिलावटी खोवा, पाम ऑयल से बना नकली मिल्क केक और मोतीचूर के लड्डू की बूंदी पकड़ी गई। लगभग 450 किलोग्राम यह मिलावटी सामग्री कानपुर से सतना लाई गई थी। इस संबंध में सामग्री के साथ तीन लोगों के नाम के बिल भी बरामद हुए हैं, जिन्हें पक्षकार बनाकर सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
📦 यात्री बस में बोरियों में भरकर भरा था जहरीला मिल्क केक और बूंदी
कार्रवाई की विस्तृत जानकारी देते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवेंद्र दुबे ने बताया:
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संदिग्ध बस की चेकिंग: कानपुर से सतना आने वाली यात्री बस (रजिस्ट्रेशन नंबर
MP07-ZV-3777) में संदिग्ध सामग्री होने की पक्की सूचना मिली थी। -
बोरियों से निकली मिलावटी मिठाई: खाद्य सुरक्षा टीम ने जब बस के अंदर रखी बोरियों को खुलवाकर देखा, तो उसमें खोवे की आड़ में मिलावटी चीजों से तैयार किया गया हानिकारक मिल्क केक भरा हुआ था। इसके अलावा दो अन्य बोरियों में मोतीचूर के लड्डू बनाने वाली घटिया बूंदी भी पाई गई।
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गोपाल डेयरी के बिल बरामद: बस के चालक व परिचालक से जब कड़ी पूछताछ की गई, तो उन्होंने सामग्री से संबंधित दस्तावेज व बिल खाद्य विभाग की टीम को सौंपे। पड़ताल में सामने आया कि कानपुर की 'गोपाल डेयरी' के नाम से यह नकली सामग्री सतना सप्लाई की जा रही थी।
🚨 उत्तर प्रदेश से मध्य प्रदेश में फर्जी तरीके से आ रही नकली मिठाइयाँ
पूरे मिलावट के खेल का सनसनीखेज खुलासा:
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जानलेवा तत्वों का इस्तेमाल: पुलिस व खाद्य विभाग को लगातार सूचनाएं मिल रही हैं कि यूपी से एमपी के विंध्य क्षेत्र में अवैध और घटिया खोवा व मिल्क केक भेजा जा रहा है। जांच में सामने आया है कि जब्त किए गए इस मिल्क केक में असली दूध के बजाय सूजी और पाम ऑयल का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया गया है।
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मुनाफाखोरी का बड़ा खेल: यह जहरीली मिठाई कानपुर से महज ₹100 से ₹150 प्रति किलो की लागत में सतना लाई जाती है और यहाँ विंध्य क्षेत्र के बाजारों में स्थानीय दुकानदारों द्वारा ग्राहकों को ₹400 प्रति किलो के ऊंचे दामों में बेची जाती है।
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मैन्युफैक्चरिंग डेट नदारद: सबसे गंभीर बात यह है कि इस पैकेज्ड सामग्री पर निर्माण तिथि (Manufacturing Date) या एक्सपायरी डेट का कोई उल्लेख नहीं होता, जो सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है।
🛒 दीपावली पर मिठाइयाँ खरीदते वक्त बरतें विशेष सावधानी
त्योहारी सीजन में सतर्क रहने की सख्त आवश्यकता:
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दुकानदारों का लालच: कम दामों में मिलने के चक्कर में कई स्थानीय दुकानदार फर्जी तरीके से बनाए गए खोवे व मिठाइयों के पैकेट खरीदकर उन्हें दोगुने और तिगुने दामों में आम ग्राहकों को बेच देते हैं।
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सावधानी ही बचाव: यदि आप इस दीपावली पर बाजार से खोवे की मिठाइयाँ, मिल्क केक या मोतीचूर के लड्डू खरीद रहे हैं, तो बहुत सावधानी बरतें। दीपावली और रक्षाबंधन जैसे बड़े त्योहारों पर ऐसा नकली सामान बाजारों में बहुतायत से खपाया जाता है, इसलिए हमेशा भरोसेमंद और पंजीकृत दुकानों से ही शुद्ध मिठाइयों की खरीदारी करें।
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