एमपी पुलिस अकादमी भौंरी में दीक्षांत समारोह: सीएम मोहन यादव ने 48 नए डीएसपी को दिलाई शपथ, माफिया पर सख्ती के निर्देश

एमपी पुलिस अकादमी भौंरी में 48 नए डीएसपी की पासिंग आउट परेड हुई। सीएम मोहन यादव ने अधिकारियों को माफिया पर सख्ती बरतने और सोशल मीडिया रील्स से दूर रहने की नसीहत दी है।

Nov 03, 2026 - 19:28
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एमपी पुलिस अकादमी भौंरी में दीक्षांत समारोह: सीएम मोहन यादव ने 48 नए डीएसपी को दिलाई शपथ, माफिया पर सख्ती के निर्देश

मध्य प्रदेश पुलिस अकादमी भौंरी में 44वें और 45वें बैच का दीक्षांत समारोह अत्यंत हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया। नवनियुक्त उप पुलिस अधीक्षकों (DSP) की इस पासिंग आउट परेड में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। मुख्यमंत्री ने परेड की सलामी ली, निरीक्षण किया और नवनियुक्त 48 नए डीएसपी अधिकारियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें जनता की सेवा और सुरक्षा का कड़ा संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रदेश में माफिया से डरने की कोई आवश्यकता नहीं है, पुलिस पूरी तरह सक्षम है और अपने उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए पूरी ताकत के साथ काम करेगी।

📱 'सोशल मीडिया की रील से नहीं, जनता की समस्याओं के समाधान से बने पहचान'; अधिकारियों को सख्त नसीहत

कमजोरों की सुरक्षा और कार्यशैली पर निर्देश:

  • कमजोर वर्गों के लिए देवदूत बनें: मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को याद दिलाया कि उनकी जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं है, बल्कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद लोगों को सुरक्षा का पूरा अहसास कराना है। महिलाओं, बच्चों और पीड़ितों के लिए पुलिस को देवदूत की तरह मददगार बनना चाहिए।

  • रील कल्चर से तौबा: मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने और वीडियो/रील बनाने वाले पुलिसकर्मियों को नसीहत देते हुए कहा कि पुलिस की पहचान सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली रीलों से नहीं, बल्कि आम जनता की वास्तविक समस्याओं के त्वरित समाधान से होनी चाहिए।

  • विवेक और धैर्य: फील्ड में कार्य करते समय पुलिस अधिकारियों को सोशल मीडिया के दिखावे से दूर रहकर अपनी सूझबूझ, निर्णय लेने की क्षमता और संयम को प्राथमिकता देनी चाहिए।

🛡️ चंबल से लेकर नक्सलवाद तक का जिक्र; हर चुनौती का सामना करने में सक्षम है एमपी पुलिस

ऐतिहासिक उपलब्धियां और कानून का राज:

  • भयमुक्त राज्य: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि एक समय था जब चंबल, ग्वालियर और विंध्य क्षेत्र डकैतों के आतंक के लिए जाने जाते थे, लेकिन पुलिस बल ने कठिन चुनौतियों का सामना करते हुए इन क्षेत्रों में कानून का राज स्थापित किया है।

  • नक्सल मुक्ति: मध्य प्रदेश को नक्सलवाद के प्रभाव से मुक्त कराने में भी राज्य के पुलिस बल की भूमिका अत्यंत सराहनीय और ऐतिहासिक रही है।

⚖️ शहीद टीआई दिलीप पुरी के परिवार को हरसंभव मदद का आश्वासन; अपराधियों पर रहेगा कड़ा प्रहार

शहादत और आपराधिक मामलों पर प्रतिक्रिया:

  • टी.आई. की शहादत पर दुख: मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने खातेगांव के शहीद टीआई दिलीप पुरी की शहादत पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार शहीद पुलिसकर्मी के परिवार की हरसंभव मदद और जरूरत को पूरा करेगी, परिवार को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।

  • जीरो टॉलरेंस नीति: जहरीली शराब और इस तरह के अवैध धंधों व आपराधिक गतिविधियों को सरकार कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सरकार पूरी तरह गंभीर है।

  • शार्ट एनकाउंटर पर बयान: भोपाल में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के आरोपी के खिलाफ हुई त्वरित कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अपराधियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई कर रही है। अपराध होने पर अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

🎖️ डीजीपी कैलाश मकवाना ने दी श्रद्धांजलि; कर्तव्य के साथ अपनी सुरक्षा का भी रखें ध्यान

पुलिस महानिदेशक का संबोधन:

  • अपूर्णनीय क्षति: समारोह के दौरान डीजीपी कैलाशनथ मकवाना ने खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की असामयिक मौत का विशेष रूप से जिक्र किया और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

  • सुरक्षा के निर्देश: डीजीपी ने नए अधिकारियों को सीख देते हुए कहा कि अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना पुलिसकर्मी के लिए सर्वोपरि है, लेकिन अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा का ध्यान रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। प्रशिक्षण के दौरान सिखाई गई सुरक्षा संबंधी बारीकियों को मैदानी वास्तविक परिस्थितियों में जरूर अपनाएं।

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