मध्य प्रदेश की राजनीति में फिर लौटा 'पदयात्रा' का दौर: शिवराज, दिग्विजय और उमा भारती से लेकर राजनाथ सिंह तक, जानें सियासी सफर
मध्य प्रदेश की राजनीति में पदयात्राएं हमेशा टर्निंग पॉइंट रही हैं। 79 की उम्र में दिग्विजय सिंह अयोध्या यात्रा पर हैं, तो शिवराज सिंह और राजनाथ सिंह बीजेपी अभियान के तहत पैदल मार्च कर रहे हैं।
मध्य प्रदेश की सियासत में जनता से सीधे जुड़ने और अपने राजनीतिक कद को मजबूत करने के लिए 'पदयात्राओं' का दौर एक बार फिर लौट आया है। राज्य के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों—उमा भारती, दिग्विजय सिंह और शिवराज सिंह चौहान के राजनीतिक करियर में पदयात्राएं हमेशा टर्निंग पॉइंट साबित हुई हैं। इसी क्रम में 4 नवंबर को भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित भारतीय जनता पार्टी के तमाम दिग्गज नेता केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में सड़क पर उतरेंगे। दूसरी ओर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह 'सनातन स्वाभिमान यात्रा' के जरिए उज्जैन से अयोध्या तक पैदल मार्च कर रहे हैं, वहीं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पदयात्रा करते नजर आए।
📣 अलग राज्य, अलग रास्ते और अलग एजेंडा; लखनऊ में पैदल चले 'पांव-पांव वाले भैया' शिवराज
लखनऊ मार्च और विपक्षी दलों पर हमला:
-
बीजेपी का राष्ट्रव्यापी अभियान: इंडिया गठबंधन के आरोपों और राजनीतिक नैरेटिव का जवाब देने के लिए बीजेपी पूरे देश में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान चला रही है। इसी के तहत शिवराज सिंह चौहान ने लखनऊ में पैदल मार्च किया।
-
राहुल गांधी पर तीखा तंज: इस अवसर पर शिवराज सिंह चौहान ने हमला बोलते हुए कहा, "राहुल गांधी को विदेशी ताकतों से एंटी-इंडिया नैरेटिव चलाने का टेंडर मिला है। राहुल और अखिलेश यादव के पास न तो विश्वसनीयता (Credibility) है और न ही क्षमता (Capability)। इंडी गठबंधन लोकतंत्र को लूटतंत्र और राजनीति को रक्तनीति बनाना चाहता है।"
🚩 79 वर्ष की उम्र में 1,000 किलोमीटर की पदयात्रा पर निकले दिग्विजय सिंह; उज्जैन से अयोध्या तक की यात्रा जारी
दिग्विजय सिंह की पदयात्राओं का ऐतिहासिक रिकॉर्ड:
-
सनातन स्वाभिमान यात्रा: दिग्विजय सिंह इस समय उज्जैन से शुरू हुई 'सनातन स्वाभिमान यात्रा' का नेतृत्व कर रहे हैं, जो लगभग 1,000 किलोमीटर की दूरी तय कर अयोध्या में समाप्त होगी। इस यात्रा के माध्यम से वे चंदा चोरी और वोट चोरी के मामलों की निष्पक्ष जांच व जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
-
नर्मदा परिक्रमा व भारत जोड़ो यात्रा: इससे पूर्व 71 वर्ष की आयु में उन्होंने लगभग 3,600 किलोमीटर की कठिन नर्मदा परिक्रमा पैदल पूरी की थी। इसके बाद 76 वर्ष की उम्र में उन्होंने राहुल गांधी के साथ 4,000 किलोमीटर लंबी 'भारत जोड़ो यात्रा' में पैदल दूरी तय की थी।
🛕 उमा भारती की 'राम रोटी यात्रा' से लेकर भावनात्मक ननिहाल यात्रा तक का सफर
उमा भारती का सियासी व भावनात्मक कदम:
-
राम रोटी व जनादेश यात्रा: बीजेपी से अलग होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने नवंबर 2005 से जनवरी 2006 के बीच 48 दिनों की ऐतिहासिक 'राम रोटी यात्रा' निकाली थी। भोपाल से शुरू होकर अयोध्या में खत्म हुई इस यात्रा ने उनकी राजनीतिक जमीन दोबारा तैयार की थी, जिसके बाद उन्होंने 'जनादेश यात्रा' निकाली।
-
ननिहाल की यादें: बीते वर्ष उमा भारती ने टीकमगढ़ जिले के खरगापुर विधानसभा के गरौली गांव से अपने ननिहाल डूंडा तक 15 गांवों को कवर करते हुए 3 दिवसीय भावनात्मक पदयात्रा की। इसी रास्ते पर बचपन में उनकी मां उन्हें पैदल ले जाया करती थीं। उमा भारती ने इस दौरान 2029 का लोकसभा चुनाव झांसी से लड़ने का ऐलान भी किया है।
🛠️ 'पांव-पांव वाले भैया' शिवराज की पहचान और भोपाल में राजनाथ सिंह की अगुवाई में बीजेपी का पैदल मार्च
बीजेपी के अभियान की जमीनी रूपरेखा:
-
मामा से पहले 'पांव-पांव वाले भैया': शिवराज सिंह चौहान को 'मामा' की उपाधि मिलने से पहले जनता 'पांव-पांव वाले भैया' कहती थी। वे अक्सर विदिशा से बुधनी तक पैदल चलकर ग्रामीणों के बीच ही रात्रि विश्राम किया करते थे, जिससे उनका जन-कनेक्ट बेहद मजबूत हुआ।
-
अटल पथ पर पदयात्रा: भोपाल में आयोजित होने वाली बीजेपी की पदयात्रा में केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, सीएम मोहन यादव और मंत्री विश्वास सारंग शामिल होंगे।
-
व्यापारियों का ध्यान: मंत्री विश्वास सारंग ने स्पष्ट किया कि यह पदयात्रा अटल पथ से अपेक्स बैंक चौराहे के बीच आयोजित की जा रही है ताकि मुख्य बाजारों का आवागमन बाधित न हो। इस यात्रा में राजधानी के व्यापारी वर्ग के लोग भी बड़ी संख्या में भाग ले रहे हैं।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)