नौकरी से हटाए गए 4000 कोरोना योद्धाओं का प्रदर्शन जारी, कहा- जब तक बहाली नहीं, संघर्ष रहेगा जारी
भोपाल के नीलम पार्क में नौकरी से निकाले गए 4 हजार कोरोना योद्धा मनाएंगे दीपावली। आयुष चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ एक महीने से धरने पर बैठे हैं।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। नौकरी से हटाए गए करीब चार हजार कोरोना योद्धा इस बार अपनी दीपावली अपने घरों और परिवारों के साथ मनाने के बजाय भोपाल के नीलम पार्क में ही मनाएंगे। पिछले एक महीने से लगातार धरने पर बैठे आयुष चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ की मांगें अब तक बेनतीजा रही हैं। इसी के चलते इन कोरोना योद्धाओं ने यह कड़ा फैसला लिया है कि वे इस बार दीपावली पर घर जाने के बजाए धरना स्थल पर ही दीया जलाकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
🕯️ धरने पर ही दीया जलाएंगे, पार्क में मनाएंगे दिवाली: संयोजक डॉ. अंकित असाटी
आंदोलन और संघर्ष की सुगबुगाहट:
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सामूहिक निर्णय: कोविड-19 आयुष चिकित्सक संघ के प्रदेश संयोजक डॉ. अंकित असाटी ने बताया कि इस बार दीपावली पर सभी कोरोना योद्धा अपने परिवारों से दूर नीलम पार्क में ही दीपावली मनाएंगे। यह सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है।
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जब तक न्याय नहीं, संघर्ष जारी: उनका स्पष्ट कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर पूरी गंभीरता से विचार करते हुए उनकी सेवा में पुनर्बहाली का कोई ठोस निर्णय नहीं लेती है, तब तक उनका यह शांतिपूर्ण संघर्ष यूं ही जारी रहेगा।
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बीता वक्त और आज का सिला: डॉ. असाटी ने भावुक होते हुए कहा कि यही वे कोरोना योद्धा थे जिन्होंने महामारी के भीषण दौर में अपनी जान जोखिम में डालकर हजारों लोगों की जिंदगियां बचाई थीं और लोगों के घरों में खुशियां लौटाई थीं। लेकिन आज इसका सिला यह मिला है कि वे अपने ही आशियानों और परिजनों से दूर सड़क पर दीपावली मनाने को मजबूर हैं।
🏥 महामारी के वक्त सिर माथे पर बैठाया, बाद में सेवा से किया बाहर
कोरोना काल के संस्मरण और वर्तमान संकट:
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दिन-रात की सेवा: कोरोना काल के सबसे कठिन दौर में इन स्वास्थ्यकर्मियों ने बिना अपनी जान की परवाह किए अस्पतालों, कोविड सेंटरों, आईसीयू, सैंपलिंग सेंटर्स और वैक्सीनेशन अभियानों में दिन-रात एक कर काम किया था।
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सम्मान से बेरुखी: उस वक्त शासन-प्रशासन द्वारा इन कोरोना योद्धाओं को सिर माथे पर बैठाया गया और उनका भव्य सम्मान किया गया था। लेकिन समय बीतने के बाद सरकार ने उनकी सुध नहीं ली और एक झटके में चार हजार कोरोना योद्धाओं को उनकी सेवाओं से अलग कर दिया।
📋 कोरोना योद्धाओं की एक सूत्रीय मांग: मानवीय दृष्टिकोण से हो सेवा में पुनर्बहाली
प्रमुख मांगें और वर्तमान स्थिति:
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एक सूत्रीय मांग: इन सभी कोरोना योद्धाओं की एकमात्र और प्रमुख मांग यह है कि महामारी के समय अपनी सेवाएं देने वाले तमाम आयुष चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की मानवीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सरकार उनकी सेवा में तत्काल पुनर्बहाली के लिए आदेश जारी करे।
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कौन-कौन है शामिल: इस संघर्षरत समूह में आयुष चिकित्सक, स्टाफ नर्स, एएनएम, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य तमाम स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं, जो वर्तमान में भारी आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहे हैं।
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पहले भी हो चुका है प्रदर्शन: अपनी मांगों को मनवाने के लिए ये स्वास्थ्यकर्मी पूर्व में पीपीई किट (PPE Kit) पहनकर स्वास्थ्य मंत्री के बंगले के बाहर भी प्रदर्शन कर चुके हैं, और फिलहाल पिछले एक महीने से लगातार भोपाल के नीलम पार्क में धरना देकर बैठे हुए हैं।
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