अयोध्या में 10वें दीपोत्सव की भव्य शुरुआत: 30 लाख दीये और 2100 ड्रोन से सजेगी रामनगरी, उपराष्ट्रपति होंगे मुख्य अतिथि
अयोध्या में 10वें दीपोत्सव की तैयारियां तेज। 30 लाख दीये, 2100 ड्रोन शो और अंतरराष्ट्रीय रामलीलाओं से सजेगी रामनगरी। जानिए पूरी खबर।
अयोध्या में दीपोत्सव के ऐतिहासिक दसवें संस्करण को पूरी तरह यादगार बनाने के लिए सभी तैयारियां अंतिम चरण में पूरी हो चुकी हैं। सरयू नदी के तट पर 30 लाख से अधिक मिट्टी के दीये जलाए जाएंगे, जबकि रात के समय आसमान में 2,100 स्वदेशी ड्रोन्स के माध्यम से रामायण के विभिन्न प्रमुख प्रसंगों को जीवंत किया जाएगा। इस बार के दीपोत्सव के मुख्य कार्यक्रम में देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। हालांकि मुख्य आयोजन शनिवार को है, लेकिन इस उत्सव का उल्लास 9 नवंबर तक चलेगा। इसके अलावा, 9 नवंबर को विशेष रूप से अयोध्या के स्थानीय निवासियों के लिए एक अलग ड्रोन शो का भी आयोजन किया जाएगा, और विदेशों में तैनात 34 भारतीय राजदूतों को भी इस भव्य समारोह में शामिल होने का विशेष निमंत्रण दिया गया है।
🎨 राम कथा पार्क में सैंड आर्टिस्ट ने बनाई 58 फीट लंबी और 220 टन वजनी राम दरबार की अद्भुत रेत मूर्ति
कला और शिल्प का अनूठा प्रदर्शन:
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रेत की कलाकारी: प्रख्यात रेत मूर्तिकार (Sand Artist) मधुरेंद्र कुमार ने अपने चार अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर राम कथा पार्क में अयोध्या के 'राम दरबार' की एक विशाल रेत मूर्ति का निर्माण किया है।
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आकार और वजन: इस भव्य मूर्ति की लंबाई 58 फीट और कुल वजन 220 टन है, जिसे तैयार करने में पूरी टीम को लगातार 7 दिनों का कठिन परिश्रम करना पड़ा है।
🔥 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक दीये; 35 हजार छात्र रचेंगे नया विश्व रिकॉर्ड
दीपोत्सव और दीयों का महाअभियान:
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मुख्य आयोजन: दीपोत्सव का मुख्य और अलौकिक आयोजन राम की पैड़ी पर संपन्न होगा, जहाँ सरयू नदी के किनारे स्थित 56 घाटों पर 30 लाख से ज्यादा दीये प्रज्वलित किए जाएंगे।
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छात्रों का योगदान: इस विशाल आयोजन को सफलतापूर्वक जमीन पर उतारने के लिए अयोध्या के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के करीब 35,000 छात्र-छात्राएं पूरी तन्मयता से जुटे हुए हैं।
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रिकॉर्ड का सफर: वर्ष 2017 में लगभग 1.71 लाख दीयों से शुरू हुआ यह सफर लगातार बढ़ता गया और पिछले साल यानी 2025 में 26.17 लाख दीये जलाकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया था, जिसे इस बार 30 लाख दीयों के साथ पार करने की तैयारी है।
🌠 2,100 स्वदेशी ड्रोन और तैरते हुए मंच पर लेजर शो का होगा भव्य प्रदर्शन
आधुनिक तकनीक का अद्भुत नजारा:
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ड्रोन शो: इस बार दीपोत्सव में तकनीक का अभूतपूर्व प्रदर्शन देखने को मिलेगा। रात के वक्त 2,100 ड्रोन आसमान में विभिन्न आकृतियां बनाकर रामायण के प्रसंगों को प्रदर्शित करेंगे (पिछले वर्ष इनकी संख्या 1,100 थी)।
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तैरता हुआ मंच: सरयू नदी के ऊपर एक विशेष तैरता हुआ मंच तैयार किया गया है, जिस पर नृत्य, संगीत और पारंपरिक शैली में भगवान राम की अयोध्या वापसी का मंचन होगा। इसके साथ ही 8 मिनट का लेजर शो, 20 मिनट की प्रोजेक्शन मैपिंग और म्यूजिकल आतिशबाजी मुख्य आकर्षण होगी।
🌍 अंतरराष्ट्रीय रामलीलाएं और 12 देशों-राज्यों के कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
वैश्विक स्तर पर रामकथा का मंचन:
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ग्लोबल रंग: इस बार के दीपोत्सव को अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक स्वरूप दिया गया है। दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, नेपाल, लाओस और थाइलैंड की प्रसिद्ध रामलीला टीमें अयोध्या में अपनी प्रस्तुतियां देंगी।
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देशभर के लोकनृत्य: शहर में बनाए गए 12 अलग-अलग मंचों पर करीब 2,500 कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। इसमें कर्नाटक का डोलू कुनिथा, राजस्थान का घूमर, बिहार का झिझिया, पीलीभीत की थारू परंपरा और गोरखपुर का वनटांगिया नृत्य विशेष रूप से देखने को मिलेगा। कुल मिलाकर 12 देशों और 13 राज्यों के कलाकार इस पावन अवसर पर अपनी सांस्कृतिक छटा बिखेरेंगे।
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