मध्य प्रदेश न्यूज़: 43 किमी लंबे रेल मार्ग पर दौड़ा इंजन, जल्द इंदौर से जुड़ेगा धार; जानिए रेलवे की पूरी रिपोर्ट
इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के तहत पीथमपुर से धार के बीच CRS निरीक्षण और 120 किमी/घंटे की रफ्तार से स्पीड ट्रायल पूरा हुआ। जल्द मिलेगी रेल कनेक्टिविटी।
धार: इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के तहत पीथमपुर से धार तक ट्रेन संचालन की दिशा में एक बहुत ही महत्वपूर्ण और निर्णायक कदम आगे बढ़ा है। शुक्रवार को पश्चिम रेलवे मंडल के रेल संरक्षा आयुक्त (CRS) श्रीनिवास ने पीथमपुर से धार के बीच नवनिर्मित रेल ट्रैक का औचक और विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने रेलवे ट्रॉली में बैठकर करीब 43 किलोमीटर लंबे इस रेल मार्ग का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान रेलवे के तमाम वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। निरीक्षण के बाद रेलवे इंजन को 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाकर इसका सफल गति परीक्षण (Speed Trial) किया गया।
🔍 सीआरएस ने परखी तकनीकी व्यवस्थाएं; बिजली, सिग्नल और पुल-पुलियों की हुई बारीकी से जांच
निरीक्षण और तकनीकी परीक्षण के बिंदु:
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बारीकी से मुआयना: निरीक्षण के दौरान रेल संरक्षा आयुक्त ने ट्रैक की मजबूती, बिजली व्यवस्था (Electricity System), सिग्नल सिस्टम और रास्ते में पड़ने वाले सभी पुल-पुलियों का सूक्ष्म परीक्षण किया।
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क्षमता की जांच: रेल संचालन से जुड़ी अन्य तमाम तकनीकी व्यवस्थाओं को भी परखा गया। गति परीक्षण के जरिए ट्रैक की भार क्षमता और निर्धारित उच्च रफ्तार पर रेल परिचालन की उपयुक्तता की मुस्तैदी से जांच की गई। रेलवे सुरक्षा के लिहाज से यह प्रक्रिया ट्रेन संचालन शुरू करने से पहले अंतिम चरणों में सबसे अहम मानी जाती है।
📋 रिपोर्ट और औपचारिकताओं के बाद तय होगी ट्रेन संचालन की तारीख; अधिकारियों ने साझा किए अनुभव
अंतिम मंजूरी की प्रक्रिया:
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निरीक्षक आयुक्त का बयान: इस संबंध में रेल संरक्षा आयुक्त श्रीनिवास ने बताया, "हमने पीथमपुर से धार तक दो दिनों तक सघन निरीक्षण किया है, जिसमें रेलवे के विभिन्न विभागों के कार्य, बिजली व्यवस्था, सिग्नल सिस्टम, पुल-पुलियों और कम्युनिकेशन नेटवर्क का बारीकी से परीक्षण किया गया है।"
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संचालन की तिथि: सीआरएस के निरीक्षण और गति परीक्षण के बाद अब अंतिम रिपोर्ट तथा जरूरी प्रशासनिक औपचारिकताओं पर आगे की प्रक्रिया निर्भर करेगी। रेलवे की अंतिम हरी झंडी मिलने और यदि कोई मामूली तकनीकी कमी पाई जाती है, तो उसे दूर करने के बाद ही आधिकारिक तौर पर ट्रेन संचालन की तारीख तय की जाएगी।
🛤️ सड़क मार्ग की निर्भरता होगी खत्म; धार और आसपास के क्षेत्रवासियों को मिलेगा नया परिवहन विकल्प
यात्रियों को मिलने वाले लाभ:
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बेहतर रेल कनेक्टिविटी: ट्रेन संचालन शुरू होने से धार और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के नागरिकों को इंदौर के साथ सीधे रेल मार्ग के जरिए जुड़ने की बड़ी सुविधा मिल जाएगी।
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यात्रियों की उम्मीदें बढ़ीं: फिलहाल इस क्षेत्र के यात्रियों को आवागमन और परिवहन के लिए पूरी तरह से सड़क मार्ग पर ही निर्भर रहना पड़ता है। नई रेल सुविधा शुरू होने से यात्रियों को समय की बचत के साथ एक सुरक्षित और सुलभ विकल्प मिलेगा। इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के तहत धार तक ट्रेन पहुँचने का लोग लंबे समय से इंतजार कर रहे थे, और इस सफल सीआरएस निरीक्षण के बाद स्थानीय लोगों की उम्मीदें और अधिक बढ़ गई हैं।
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