Cyber Fraud News: 37 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखकर लूटे थे 1.58 करोड़; ग्वालियर पुलिस ने नासिक के कारोबारी को दबोचा
ग्वालियर में 1.58 करोड़ की डिजिटल अरेस्ट ठगी मामले में पहली गिरफ्तारी। नासिक से पकड़ा गया म्यूल खाता धारक। 11 राज्यों के 133 खातों में गई थी रकम।
ग्वालियर। जनकगंज निवासी रिटायर्ड लैब टेक्नीशियन मीनाक्षी नाखरे को 'डिजिटल अरेस्ट' कर 1.58 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में ग्वालियर पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। क्राइम ब्रांच की टीम ने महाराष्ट्र के नासिक से एक लोहा कारोबारी, विठ्ठल पलसे को गिरफ्तार किया है। ठगी की रकम का करीब 19.50 लाख रुपये इसी कारोबारी के करंट बैंक खाते में ट्रांसफर हुआ था।
👮 पुलिस की गिरफ्त में 'म्यूल खाता' धारक
आरोपी विठ्ठल पलसे ने पूछताछ में खुलासा किया कि वह बैंक से लोन लेने के लिए ऑनलाइन नंबर सर्च कर रहा था, तभी वह 'म्यूल खातों' के एजेंटों के जाल में फंस गया। उसने बताया कि एजेंटों ने उसके खाते में 19.50 लाख रुपये भिजवाए और बदले में उसे 10 प्रतिशत कमीशन देने का लालच दिया। वह यह नहीं जानता था कि यह रकम किसी के साथ हुई साइबर ठगी की है। फिलहाल पुलिस टीम उसे नासिक से ग्वालियर ला रही है।
🎭 आईपीएस बनकर किया 'डिजिटल अरेस्ट'
ठगों ने बेहद शातिर तरीके से मीनाक्षी नाखरे को मनी लॉन्ड्रिंग और ड्रग्स केस में फंसाने का डर दिखाकर 37 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा। इस दौरान डरा-धमकाकर उनकी एफडी (FD) तुड़वाई गई और अन्य खातों से 1.58 करोड़ रुपये ठग लिए गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच ने जब तकनीकी पड़ताल की तो ठगी की रकम का जाल 11 राज्यों तक फैला हुआ मिला।
📊 11 राज्यों के 133 खातों में बंटी ठगी की रकम
पुलिस जांच में एक हैरान कर देने वाला खुलासा हुआ है। ठगी की रकम को तीन परतों (Layers) में 11 राज्यों के 133 अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया था। इसमें महाराष्ट्र, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, गुजरात और ओडिशा शामिल हैं। पुलिस अब इन सभी 133 बैंक खातों का विवरण जुटा रही है ताकि मुख्य मास्टरमाइंड तक पहुँचा जा सके।
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