दिल्ली एकलव्य केंद्रीय और नवोदय विद्यालय में कृषि विज्ञान पाठ्यक्रम में किया जाए शामिल

कृषि विज्ञान पाठ्यक्रम में शामिल करने की राज्यसभा सांसद की मांग

Dec 11, 2024 - 17:44
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दिल्ली एकलव्य केंद्रीय और नवोदय विद्यालय में कृषि विज्ञान पाठ्यक्रम में किया जाए शामिल

एकलव्य केंद्रीय और नवोदय विद्यालय में कृषि विज्ञान पाठ्यक्रम शामिल करने एकलव्य आवासीय विद्यालय में एकलव्य प्रतिमा स्थापित किए जाने की मांग 

बड़वानी: राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री, (भारत सरकार) दुर्गादास उइके से दिल्ली आवास पर भेंट कर देश के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, केंद्रीय विद्यालय एवं नवोदय विद्यालयों में कृषि विज्ञान विषय(Agriculture Subject ) को पाठ्यक्रम में शामिल करने व एकलव्य की प्रतिमा स्थापित करने के सम्बंध में मांग पत्र सौंपा।।

राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी ने केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइके से चर्चा के दौरान उन्हें बताया कि उन्होंने एक शिक्षक के रूप में लगभग 15 वर्षों तक देश की सेवा की है और उनका पालन पोषण भी एक गरीब और किसान परिवार में हुआ है । वे अपनी शिक्षा के दौरान से ही अपने पारंपरिक कृषि के कार्यों को आज तक करते आये हैं और आज भी जन सेवा के कार्यों के साथ-साथ खेती-बाड़ी करने में आनंद अनुभव करते हैं ।

सांसद डॉ. सोलंकी ने बताया कि बचपन से लेकर आज तक उन्होंने व्यक्तिगत यह अनुभव किया है कि हमारी प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था में कृषि विषय का कोई भी पाठ्यक्रम विशिष्ठ रूप से उपलब्ध नहीं हैं, जो कि भारत जैसे कृषि प्रधान देश में अनिवार्य होना चाहिए।

उन्होंने देश के किसान भाइयों की तरफ से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का साधुवाद किया । क्योंकि उनके कुशल नेतृत्व में आज प्रत्येक किसान की आय दोगुनी हो चुकी है और आज किसान खुशहाल है । उन्होंने कहा कि उनके जैसे न जाने कितने हिंदुस्तानी भाई-बहन हैं जोकि कृषि के क्षेत्र में अपनी एक विशिष्ठ पहचान बनाना चाहते हैं, क्यूंकि कृषि के क्षेत्र में नवाचार की अपार संभावनाएं है।।

देश के अग्रणी शासकीय संस्थानों जैसे कि नवोदय विद्यालय समिति के स्कूलों, केंद्रीय विद्यालय समिति के स्कूलों और एकलव्य मॉडल संस्था के स्कूलों में कृषि संकाय में पाठ्यक्रम को शामिल किया जाता है तो उन्हें पूर्ण विश्वास है कि हिंदुस्तान कृषि के क्षेत्र में पूरे विश्व का शिरमोर बन सकता है।

किसानों के बच्चे किसानी से ही अपने जीवन को शुरुवात करते हैं, तो हमें यह भी ज्ञात होना चाहिए कि यदि उन्हें इसी क्षेत्र में आधुनिक तकनीकी की प्राथमिक कक्षा दी जाती है तो उनकी दक्षता का क्या आलम होगा।

राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी ने बताया कि वे आदिवासी क्षेत्र से आते हैं जहाँ लोगो का मुख्य आजीविका का साधन ही कृषि है, तो वे कृषि की आधुनिक तकनीकों से अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ा सकेंगे और इससे देश की बेरोजगारी से भी छुटकारा मिलेगा।

आज न जाने कितने किसान भाई अपने बच्चों को कृषि शिक्षा देना चाहते हैं परंतु उच्च्तर शिक्षा के लिए कृषि संकाय में सीटों की कम उपलब्धता के कारण अपने बच्चों के एडमिशन को लेकर चिंतित हैं । उनका मानना है कि हमारे देश के बच्चे अपने कृषि व्यवसाय को आधुनिक कृषि तकनीक के माध्यम से आगे बढ़ाएंगे ।।

सांसद डॉ. सोलंकी ने बताया कि सरकार एवं शिक्षा मंत्री भारतवर्ष में कृषि क्षेत्र में अपार संभावनाएं है, इसलिए भारत सरकार को प्राथमिक तौर पर विशेषकर शासकीय शिक्षा संस्थानों जैसे एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, केंद्रीय विद्यालय एवं नवोदय विद्यालयों में कृषि विज्ञान विषय (Agriculture Subject ) के पाठ्यक्रम की शुरुवात करनी चाहिए जिससे देश के ग्रामीण क्षेत्रों में पढ़ने वाले छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखी जा सके।।

साथ ही देश के समस्त एकलव्य स्कूलों में एकलव्य की प्रतिमा स्थापित होनी चाहिए जिससे संस्था में अध्ययन करने वाले छात्र-छात्राएं उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व से परिचय होकर एकलव्य की भांति विपरीत परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल हों।।

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