इंदौर में ब्रिजों के नीचे बनेंगे 'स्मार्ट हब'; केसरबाग और भंवरकुआं ब्रिज से शुरू होगी नई पहल
इंदौर में ब्रिजों के नीचे खाली जमीन का बेहतर उपयोग। नगर निगम केसरबाग और भंवरकुआं ब्रिज के नीचे बनाएगा स्मार्ट हब। जानिए प्रोजेक्ट की लागत और पूरी योजना।
इंदौर। इंदौर शहर में फ्लाईओवरों और ब्रिजों के नीचे खाली पड़ी जमीनों का अब बेहतर और रचनात्मक उपयोग किया जाएगा। नगर निगम ने शहर के सौंदर्यीकरण और उपयोगिता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ी योजना पर काम शुरू कर दिया है। पहले चरण के तहत, शहर के दो प्रमुख स्थानों—केसरबाग ब्रिज और भंवरकुआं ब्रिज—के नीचे की खाली जगह को 'स्मार्ट हब' में बदलने की तैयारी है। दोनों परियोजनाओं की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार हो चुकी है और अब इन्हें अंतिम प्रशासनिक स्वीकृति के लिए महापौर परिषद (MIC) के पास भेजा गया है।
💰 स्मार्ट हब का वित्तीय और प्रशासनिक ढांचा
नगर निगम द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट के अनुसार, इन दोनों स्मार्ट हब के विकास में आने वाला खर्च और राजस्व मॉडल इस प्रकार है:
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केसरबाग ब्रिज स्मार्ट हब: इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹5.25 करोड़ है। इसमें निगम को ₹60 लाख का प्रीमियम और ₹30 लाख का वार्षिक शुल्क मिलने का अनुमान है।
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भंवरकुआं ब्रिज स्मार्ट हब: इस प्रोजेक्ट पर ₹3.96 करोड़ की लागत आएगी। इसके लिए ₹36 लाख का प्रीमियम और ₹24 लाख का वार्षिक शुल्क निर्धारित किया गया है।
🚀 इंदौर निगम का पहला अनोखा प्रयास
ब्रिज के नीचे व्यावसायिक या सार्वजनिक उपयोग के लिए 'स्मार्ट हब' विकसित करने का यह इंदौर नगर निगम का पहला और अनोखा प्रयोग है। हालांकि, निगम इससे पहले भी ब्रिजों के नीचे की जगहों का कुशलतापूर्वक इस्तेमाल कर चुका है। तीन इमली चौराहे पर ब्रिज के नीचे संचालित कचरा प्रोसेसिंग प्लांट और शहर के विभिन्न हिस्सों में व्यवस्थित हॉकर्स जोन इसके सफल उदाहरण हैं, जिन्होंने न केवल जगह का उपयोग किया, बल्कि सड़कों से ट्रैफिक का दबाव भी कम किया है।
✅ एमआईसी की मंजूरी का इंतजार
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि एमआईसी की हरी झंडी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इन स्मार्ट हब के निर्माण से न केवल शहर की खाली पड़ी जगहों का कायाकल्प होगा, बल्कि इससे नगर निगम को राजस्व का एक नया जरिया भी प्राप्त होगा।
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