हाई टेंशन लाइनों के नीचे मंडरा रहा मौत का खतरा; 1031 अवैध निर्माण चिह्नित, प्रशासन बेखबर
इंदौर में हाई टेंशन लाइनों के नीचे 1031 अवैध निर्माण चिह्नित। प्रशासन और निकायों के सहयोग के अभाव में सुरक्षा नियमों की अनदेखी।
इंदौर। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्यक्षेत्र में हाई टेंशन लाइनों के नीचे और सुरक्षा कॉरिडोर (Safety Corridor) में हो रहे अवैध निर्माणों ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। बिजली कंपनी द्वारा इंदौर में 1,031 और अन्य जिलों में 903 निर्माणों को चिह्नित किए जाने के बावजूद, ठोस कार्रवाई न होना एक बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। विभिन्न सरकारी विभागों के बीच समन्वय के अभाव में इन इलाकों में रहने वाले हजारों परिवारों पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
🏗️ टाउनशिप और ग्रीन बेल्ट के नाम पर खिलवाड़
राऊ, रंगवासा, सिंहासा और बेटमा जैसे क्षेत्रों में हाई टेंशन लाइनों के नीचे धड़ल्ले से नई टाउनशिप विकसित की जा रही हैं। बिल्डर्स और स्थानीय लोग सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर इन खतरनाक बिजली लाइनों के ठीक नीचे की जमीन को 'ग्रीन बेल्ट' या बगीचे के रूप में उपयोग कर रहे हैं। यह स्थिति न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि किसी भी वक्त बड़े हादसे को न्योता दे सकती है।
🤝 समन्वय का अभाव और सरकारी आनाकानी
एमपी ट्रांसको और विद्युत वितरण कंपनी के उच्च अधिकारियों का कहना है कि वे इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA), टीएंडसीपी (T&CP) और स्थानीय निकायों को लगातार पत्राचार कर रहे हैं, लेकिन धरातल पर सहयोग शून्य है। इस गंभीर विषय पर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने भी नाराजगी जताई है और स्पष्ट किया है कि सुरक्षा कॉरिडोर के नियमों का पालन सुनिश्चित कराना सभी सरकारी एजेंसियों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
📣 जागरूकता के प्रयास, पर कार्रवाई का इंतजार
संवेदनशीलता को देखते हुए एमपी ट्रांसको ने अब जनजागरूकता अभियान तेज कर दिया है। प्रभावित क्षेत्रों में लाउडस्पीकर के माध्यम से मुनादी करवाई जा रही है और चेतावनी सूचनाएं चस्पा की गई हैं। हालांकि, बिजली कंपनी का स्पष्ट मानना है कि केवल चेतावनी पर्याप्त नहीं है; अवैध कब्जों को हटाने के लिए प्रशासन और नगरीय निकायों को सख्ती बरतनी होगी।
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