किसानों की जानकारी के बिना निकाला करोड़ों का कर्ज; रतलाम में अधिकारियों पर दर्ज हुआ केस
रतलाम की शेरपुर सहकारी समिति में 74 लाख का घोटाला। ऑफलाइन बैंकिंग का फायदा उठा किसानों के नाम पर निकाला कर्ज। प्रबंधक और उप प्रबंधक पर केस दर्ज।
रतलाम। जिले की सहकारी सोसाइटियों में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी का मामला सामने आया है। ताजा घटनाक्रम में शेरपुर सहकारी समिति के प्रबंधक अशोक बाफना और उप प्रबंधक गेंदालाल शर्मा द्वारा 74.45 लाख रुपये के गबन का खुलासा हुआ है। जिला सहकारी विभाग की ऑडिट टीम ने जब बैलेंस शीट की जाँच की, तो करीब 70 ऐसे किसानों के खातों में हेराफेरी मिली, जिन्होंने कभी ऋण लिया ही नहीं था। पिपलोदा पुलिस ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर लिया है।
🕵️ ऑनलाइन व्यवस्था से पहले हुआ सुनियोजित गबन
उपायुक्त एनएस भाटी के अनुसार, यह गड़बड़ी वर्ष 2017-18 से 2023-24 के बीच हुई है, जब समितियाँ 'ऑफलाइन मोड' में काम करती थीं। वर्ष 2024 से सभी संस्थाओं में ऑनलाइन कंप्यूटराइज्ड बैंकिंग लागू होने के बाद इस तरह के घोटालों पर लगाम लगाने की कोशिश की गई है। आरोपितों ने किसानों की जानकारी के बिना उनके खातों में ऋण की राशि जारी की और बाद में उसे निकाल लिया, जिसकी कोई रसीद भी जारी नहीं की गई थी।
⚠️ किसानों में आक्रोश और जाँच की मांग
इस तरह के मामलों का यह पहला उदाहरण नहीं है। पूर्व में नगरा सहकारी समिति में भी 45 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आ चुका है, जहाँ किसानों के फर्जी हस्ताक्षर तक किए गए थे। जिला पंचायत सदस्य और किसान नेता डीपी धाकड़ ने सहकारी सोसाइटियों में चल रही इस मनमानी पर कड़ा विरोध जताया है। किसानों का आरोप है कि सरकारी ऋण योजनाओं का लाभ न लेने वाले किसानों को भी कागजों में कर्जदार बना दिया गया। फिलहाल, मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग और पुलिस की जाँच जारी है, ताकि भविष्य में किसानों को ऐसी धोखाधड़ी से बचाया जा सके।
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