मंडला में एंबुलेंस न मिलने से ऑटो में डिलीवरी; 4 प्रीमैच्योर नवजातों की दर्दनाक मौत
मंडला के बिछिया में एंबुलेंस न मिलने पर ऑटो में अस्पताल जा रही महिला ने एक साथ 4 बच्चों को जन्म दिया। दुर्भाग्य से चारों नवजातों की मौत हो गई।
मंडला। मध्य प्रदेश के मंडला जिले से एक बेहद दुखद और हृदयविदारक मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया, लेकिन दुर्भाग्यवश चारों की मृत्यु हो गई। यह घटना बिछिया विकासखंड के नवगांवा की है। मंगलवार को गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों के अनुसार, एंबुलेंस न मिलने पर वे आनन-फानन में महिला को एक ऑटो-रिक्शा से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिछिया ले जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में ही महिला का प्रसव हो गया और उसने ऑटो में ही चारों बच्चों को जन्म दिया, जो मृत पैदा हुए।
🏥 चारों नवजात मृत घोषित
ऑटो में डिलीवरी होने के तुरंत बाद परिजनों ने महिला को तत्काल बिछिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। डॉक्टरों ने जांच के बाद महिला के चारों नवजातों को मृत घोषित कर दिया। इस दुखद घटना के बाद से पूरे परिवार में मातम का माहौल है। वहीं, महिला का अस्पताल में उपचार जारी है और डॉक्टरों की टीम उसकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
🗣️ पीड़ित महिला का दर्द: 'रास्ते में ही सब खत्म हो गया'
इस दर्दनाक घटना पर पीड़ित महिला ने बताया, "हम घर से सुबह 8 बजे निकले थे। मनेगांव पहुंचने के बाद जब आगे बढ़े, तभी रास्ते में ही सब खत्म हो गया। 4 नवजातों में 3 लड़के और 1 लड़की थी, लेकिन सभी खत्म हो गए।" इस मामले में बीएमओ अनूप भारती ने जानकारी दी कि महिला को एक निजी वाहन (ऑटो) से अस्पताल लाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही डिलीवरी हो गई और नवजातों की मौत हो चुकी थी। उन्होंने बताया कि अस्पताल पहुंचते ही महिला को तत्काल प्राथमिक उपचार दिया गया और फिलहाल वह पूरी तरह स्वस्थ है।
⚠️ प्रीमैच्योर डिलीवरी का जोखिम
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, जुड़वा या उससे अधिक बच्चों के गर्भ में होने पर डिलीवरी के दौरान जोखिम काफी बढ़ जाता है। ऐसे मामलों में अक्सर 'प्रीमैच्योर डिलीवरी' (समय से पहले प्रसव) की संभावना अधिक रहती है, जिसके लिए विशेष मेडिकल निगरानी और सतर्कता की आवश्यकता होती है। इस मामले में भी महिला की प्रीमैच्योर डिलीवरी हुई और खतरा काफी ज्यादा था। सही समय पर मेडिकल सहायता और एंबुलेंस न मिल पाने के कारण ऑटो में ही प्रसव हो गया, जिससे बच्चों के बचने की संभावना लगभग समाप्त हो गई।
🚑 परिजनों के गंभीर आरोप: एंबुलेंस न मिलने से गई जान
इस पूरी घटना को लेकर पीड़ित महिला के परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस सेवा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि प्रसव पीड़ा शुरू होते ही उन्होंने एंबुलेंस के लिए कई बार फोन किया, लेकिन जब कोई मदद नहीं मिली, तो मजबूरी में गर्भवती को ऑटो से अस्पताल ले जाना पड़ा। महिला के पति ने रोते हुए आरोप लगाया कि यदि समय पर एंबुलेंस मिल जाती और मेडिकल सुविधा उपलब्ध होती, तो शायद बच्चों की जान बचाई जा सकती थी। वहीं, डॉक्टरों ने बच्चों की मृत्यु का मुख्य कारण प्रीमैच्योर डिलीवरी और उससे जुड़े जोखिमों को बताया है।
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