आदर्श शिक्षक का तबादला रुकवाने 65 KM दूर कलेक्ट्रेट पहुंचे बच्चे; रतलाम जनसुनवाई में अनोखा प्रदर्शन

रतलाम जनसुनवाई में शिक्षा के दो रूप दिखे। रूपनगर के बच्चे अच्छे शिक्षक का तबादला रुकवाने पहुंचे, वहीं झरी गांव के लोग शराबी शिक्षकों को हटाने की मांग लेकर आए।

Jul 14, 2026 - 18:40
0
आदर्श शिक्षक का तबादला रुकवाने 65 KM दूर कलेक्ट्रेट पहुंचे बच्चे; रतलाम जनसुनवाई में अनोखा प्रदर्शन

रतलाम। जिला मुख्यालय पर आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में मंगलवार को स्कूली बच्चे अपनी-अपनी गंभीर समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे और धरना-प्रदर्शन किया। शिक्षा विभाग की मौजूदा कार्यप्रणाली को दर्शाते दो बिल्कुल अलग मामले आज जनसुनवाई में देखने को मिले। जहां एक ओर एक आदर्श स्कूल के बच्चे अपने स्थानांतरित हो चुके प्रिय शिक्षक को वापस लाने के लिए कड़ाके की धूप में धरने पर बैठ गए, तो वहीं दूसरी ओर, एक अन्य स्कूल के बच्चे अपने विद्यालय में शराब पीकर आने वाले शिक्षकों को तत्काल हटाने की मांग को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के पास पहुंचे। दोनों ही मामलों में स्थानीय स्तर पर लंबे समय से बच्चों की सुनवाई नहीं हुई थी, जिसके बाद तंग आकर उन्होंने खुद ही कलेक्ट्रेट का रुख किया।

🧑‍🏫 आदर्श शिक्षक के लिए 65 KM का सफर: रूपनगर के बच्चों ने शिक्षक बद्रीलाल राठौड़ का तबादला रुकवाने के लिए दिया धरना

जावरा ब्लॉक का रूपनगर गांव स्थित शासकीय प्राथमिक स्कूल पूरे क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान रखता है। प्राकृतिक सौंदर्य और उच्च स्तर की स्वच्छता के बीच यहां दी जाने वाली बेहतर शिक्षा की वजह से गांव के बच्चे प्राइवेट स्कूलों को छोड़कर इस सरकारी स्कूल में पढ़ने आते हैं। इस स्कूल को एक आदर्श विद्यालय के रूप में स्थापित करने वाले शिक्षक बद्रीलाल राठौड़ का हाल ही में तबादला कर दिया गया है, जिससे बच्चे और उनके अभिभावक बेहद आहत हैं। अपने चहेते शिक्षक का स्थानांतरण रुकवाने के लिए बच्चे आज 65 किलोमीटर दूर ग्रामीण अंचल से कलेक्ट्रेट पहुंचे और शिक्षक को पुनः रूपनगर गांव में ही पदस्थ करने की मांग को लेकर नारेबाजी करने लगे।

🛑 कक्षा में शराबखोरी का गंभीर आरोप: झरी गांव के प्राथमिक स्कूल में शराबी शिक्षकों को हटाने के लिए परिजनों ने दिखाए वीडियो

जनसुनवाई में जहां एक तरफ गुरुभक्ति की मिसाल दिखी, तो वहीं दूसरी तरफ सैलाना तहसील के झरी गांव के प्राथमिक स्कूल के बच्चे और उनके अभिभावक एक कड़वी हकीकत लेकर पहुंचे। यहाँ बच्चे और ग्रामीण अपने स्कूल के दो शिक्षकों की शराबखोरी की लत से परेशान होकर उन्हें हटाने की गुहार लगा रहे थे। अभिभावक बबलू खराड़ी ने बताया कि इस प्राथमिक स्कूल में करीब 80 बच्चे पढ़ते हैं और यहां 3 शिक्षक पदस्थ हैं। लेकिन तीन में से दो शिक्षक हरीश चौहान और सुनील जोशी रोजाना शराब पीकर स्कूल आते हैं और बच्चों को पढ़ाते भी नहीं हैं। अन्य ग्रामीणों (गिरधारी और तुलसीराम) ने बताया कि शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को कई बार फोटो और वीडियो साक्ष्य के साथ शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। आज मजबूरन कलेक्ट्रेट में अधिकारियों को मोबाइल पर उनका वीडियो साक्ष्य दिखाना पड़ा।

⚖️ प्रशासन का त्वरित आश्वासन: एडीएम ने जिला शिक्षा अधिकारी और आदिवासी कल्याण विभाग को दिए जांच के कड़े निर्देश

कलेक्ट्रेट में बच्चों के इस भारी जमावड़े और दोनों गंभीर मामलों को देखते हुए प्रशासनिक अमला तुरंत हरकत में आया। रूपनगर स्कूल के मामले में एडीएम (ADM) अवधेश कुमार ने तत्काल जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को निर्देश दिए कि वे स्वयं गांव का दौरा करें और बच्चों व अभिभावकों की भावना के अनुरूप समस्या का त्वरित समाधान करें। वहीं, झरी गांव का मामला आदिवासी कल्याण विभाग से जुड़ा होने के कारण एडीएम ने विभाग के उपसंचालक को तत्काल जांच कर दोषी शिक्षकों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। बहरहाल, आज की जनसुनवाई में बच्चों के बेहतर भविष्य की उम्मीद और प्रशासनिक ढुलमुल रवैये के खिलाफ उनका यह संघर्ष पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User