नर्मदा चौथे चरण के लिए केंद्र देगा ₹302 करोड़; अब 1600 करोड़ की जगह सिर्फ 300 करोड़ का कर्ज लेगा निगम

इंदौर में जल प्रदाय और सीवरेज नेटवर्क के विस्तार के लिए ₹1214.54 करोड़ के प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार के अर्बन चैलेंज फंड (UCF) से मंजूरी मिल गई है।

Jul 16, 2026 - 10:23
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नर्मदा चौथे चरण के लिए केंद्र देगा ₹302 करोड़; अब 1600 करोड़ की जगह सिर्फ 300 करोड़ का कर्ज लेगा निगम

इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के विकास में एक और बड़ा अध्याय जुड़ गया है। इंदौर में जल प्रदाय और सीवरेज व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए ₹1214.54 करोड़ के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार के अर्बन चैलेंज फंड (UCF) से अंतिम मंजूरी मिल गई है। नई दिल्ली में आयोजित आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की हाई-लेवल एपेक्स कमेटी ने इस वृहद परियोजना को हरी झंडी दी है। इस कुल स्वीकृत बजट में ₹907.74 करोड़ रुपये जल प्रदाय (नर्मदा प्रोजेक्ट) के लिए और ₹306.80 करोड़ रुपये सीवरेज नेटवर्क की परियोजनाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं।

इस कुल परियोजना लागत का 25 प्रतिशत हिस्सा (यानी करीब ₹302.70 करोड़) केंद्र सरकार द्वारा विशेष वित्तीय सहायता के रूप में प्रदान किया जाएगा। यह राशि नर्मदा परियोजना के चौथे चरण के अंतर्गत शहर में नई जल वितरण लाइनें बिछाने और सीवरेज नेटवर्क के व्यापक विस्तार पर खर्च की जाएगी। इंदौर नगर निगम के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पहले इस विशाल परियोजना को अमलीजामा पहनाने के लिए वित्तीय बाजार से करीब ₹1600 करोड़ का भारी-भरकम ऋण (लोन) लेने की योजना बनाई गई थी। लेकिन अब केंद्र सरकार से मिलने वाली भारी सब्सिडी और अन्य आंतरिक वित्तीय प्रबंधों के बाद, निगम को केवल ₹300 करोड़ के आसपास ही कर्ज लेना पड़ेगा, जिससे निगम की वित्तीय स्थिति पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।

इस महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक में मध्य प्रदेश शासन के नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) संजय दुबे, इंदौर नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल और यूडीडी (UDD) के दिव्यांक सिंह वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा अर्बन चैलेंज फंड के तहत केंद्र को करीब ₹3,000 करोड़ के विभिन्न विकास प्रोजेक्ट भेजे गए थे, जिनमें से पहले चरण में 4 शहरों के प्रस्ताव स्वीकृत हुए हैं।

🛠️ इंदौर को क्या-क्या मिलेगा?: 2.95 लाख नए नल कनेक्शन, माइक्रो टनल और 4 पैकेजों में बिछेगी सीवर लाइन

इस ₹1214 करोड़ के विशाल बजट से इंदौर शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े जमीनी बदलाव देखने को मिलेंगे। इस प्रोजेक्ट के तहत होने वाले प्रमुख निर्माण और विकास कार्य इस प्रकार हैं:

  • 🚰 जल वितरण नेटवर्क: शहर भर में 1545 किलोमीटर लंबी नई जल वितरण लाइनें बिछाई जाएंगी, जबकि 545 किलोमीटर पुरानी व जर्जर हो चुकी पाइपलाइनों को पूरी तरह बदला जाएगा।

  • 🏡 कॉलोनियों को लाभ: शहर की 100 से अधिक नई कॉलोनियों और पिछड़े क्षेत्रों को सीधे इस ग्रिड से जोड़ा जाएगा, जिससे नागरिकों को 2.95 लाख नए वैध नल कनेक्शन मिलेंगे।

  • 🏗️ मुख्य अधोसंरचना: पानी की आपूर्ति सुचारू करने के लिए नए सब-स्टेशन का निर्माण, रॉ वाटर पंपिंग मेन पाइपलाइन और 2200 मिलीमीटर व्यास की विशाल ग्रेविटी मेन पाइपलाइन डाली जाएगी।

  • 🚇 आधुनिक तकनीक: शहर के व्यस्त इलाकों में बिना खुदाई के काम करने के लिए 2.8 किलोमीटर लंबी अत्याधुनिक 'माइक्रो टनल' का निर्माण किया जाएगा।

  • 🧪 शुद्धिकरण और सप्लाई: राऊ क्षेत्र में एक उन्नत क्लोरिनेशन सिस्टम स्थापित होगा और पूरे नेटवर्क को जोड़ने के लिए 52.2 किलोमीटर लंबी फीडर मेन पाइपलाइन बिछाई जाएगी।

  • 🎛️ सीवरेज अपग्रेडेशन: सीवर नेटवर्क का कार्य चार विशेष पैकेजों (पैकेज 63, 64, 72 और 27.55 किमी) में विभाजित कर कुल नई सीवर लाइनें बिछाई जाएंगी।

🏆 इंदौर को सबसे अधिक राशि: मप्र के 4 शहरों के प्रोजेक्ट्स पास, महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने जताई खुशी

इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इस ऐतिहासिक स्वीकृति पर हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि पूरे मध्य प्रदेश में सबसे अधिक राशि का प्रोजेक्ट इंदौर शहर को हासिल हुआ है। उन्होंने कहा, "यह इंदौर के नागरिकों के लिए गर्व का विषय है कि जिस बुनियादी ढांचे के लिए हमें ₹1600 करोड़ का बड़ा लोन लेना पड़ रहा था, वह अब केंद्र के सहयोग से केवल ₹300 करोड़ के न्यूनतम कर्ज में पूरा हो जाएगा।"

एपेक्स कमेटी की बैठक में मध्य प्रदेश के जिन 4 प्रमुख शहरों के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है, उनका विवरण इस प्रकार है:

शहर का नाम स्वीकृत प्रोजेक्ट राशि (करोड़ रुपये में) प्रमुख फोकस क्षेत्र
इंदौर ₹ 1214.54 करोड़ नर्मदा जल प्रदाय चरण-4 और सीवरेज नेटवर्क विस्तार
उज्जैन ₹ 1000.00 करोड़ शहरी अधोसंरचना एवं स्मार्ट यूटिलिटी विकास
जबलपुर ₹ 350.00 करोड़ जल प्रदाय सुदृढ़ीकरण और ड्रेनेज सिस्टम
रीवा ₹ 99.00 करोड़ सीवरेज ट्रीटमेंट और शहरी सौंदर्यीकरण

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह शुरुआत है और अगले चरण में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा केंद्र सरकार को करीब ₹15,000 करोड़ रुपये के नए विकास प्रोजेक्ट्स के प्रस्ताव भेजे जाएंगे।

🌱 भूजल संरक्षण और वाटर रीसायकल: आधुनिक एसटीपी प्लांट्स और पीपीपी मॉडल पर जोर, केंद्र ने की इंदौर की तारीफ

इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान इंदौर नगर निगम की तकनीकी टीम की ओर से शहर की जल वितरण प्रणाली को मजबूत करने, सीवर नेटवर्क विस्तार और मौजूदा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के आधुनिकीकरण व उन्नयन से जुड़ा एक बेहद विस्तृत प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया गया। इस प्रेजेंटेशन में इंदौर की वर्तमान आबादी और भविष्य की (अगले 30 वर्षों की) जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक और नवाचार आधारित तकनीकों के उपयोग की पूरी रूपरेखा दिखाई गई।

मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने इंदौर नगर निगम के जल प्रदाय और सीवरेज क्षेत्र से जुड़े इस भविष्य-उन्मुख (Future-Ready) प्रस्ताव की मुक्त कंठ से सराहना की। बैठक में विशेष रूप से उपचारित जल (Treated Water) के पुनः उपयोग, आधुनिक ट्रीटमेंट प्लांटों की स्थापना, पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल और भूजल संरक्षण (Groundwater Conservation) से जुड़े इंदौर के इनोवेटिव प्रस्तावों को सराहा गया और केंद्र सरकार ने इसे देश के अन्य बड़े शहरों के लिए भी एक रोल मॉडल और उपयोगी मार्गदर्शिका बताया।

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