अगवा नहीं, पिता ने ही गला घोंटकर दफनाई थी बेटी; विदिशा के गंजबासौदा से मुख्य आरोपी गिरफ्तार
भोपाल के सूखीसेवनिया में अंधविश्वास और गड़े खजाने के लालच में पिता द्वारा अपनी ही नाबालिग बेटी की बलि देने का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से तीन महीने पहले लापता हुई एक नाबालिग लड़की के मामले में एक ऐसा दिल दहला देने वाला और सनसनीखेज खुलासा हुआ है, जिसने हर किसी को भीतर तक झकझोर कर रख दिया है। पुलिस की सघन जांच में यह खौफनाक सच सामने आया है कि जिस पिता पर अपनी मासूम बेटी की सुरक्षा की सबसे बड़ी जिम्मेदारी थी, उसी ने घोर अंधविश्वास और जमीन में गड़े कथित सोने-चांदी के खजाने को हासिल करने के लालच में अपनी ही बेटी की बेरहमी से हत्या कर दी। इतना ही नहीं, अपनी इस घिनौनी वारदात को कानून की नजरों से छिपाने के लिए उसने मासूम के शव को एक सुनसान खेत में चुपचाप दफन कर दिया और पुलिस को गुमराह करने के लिए अपहरण की झूठी कहानी रच दी।
💀 खेत में मिला मानव कंकाल: अपहरण की झूठी कहानी बनाकर शव को दफनाया, पत्नी के संदेह पर पुलिस ने बदला जांच का रुख
इस रूह कंपा देने वाली घटना का खुलासा वारदात के ठीक तीन महीने बाद हुआ है। पुलिस अधीक्षक भोपाल (देहात) पंकज कुमार पांडे ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया, "बीते 3 अप्रैल 2026 को सूखीसेवनिया थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग बेटी खलिहान में परिवार के साथ सो रही थी। महिला के मुताबिक, देर रात कोई अज्ञात अपहरणकर्ता उसे उठाकर ले गया था। महिला की इस प्रारंभिक शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।"
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र और वैज्ञानिक पद्धतियों का सहारा लिया। इसी दौरान 7 मई को घटनास्थल से महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित एक खेत से पुलिस को एक मानव कंकाल बरामद हुआ। पुलिस ने फौरन कंकाल की फॉरेंसिक जांच शुरू कराई और उसकी शिनाख्त के प्रयास तेज किए। जांच के दौरान एक बेहद अहम सुराग पुलिस के हाथ लगा कि बच्ची का पिता घटना के बाद से अचानक बिना किसी को बताए घर छोड़कर गायब हो गया था। इसके बाद खुद उसकी पत्नी ने भी अपने पति के अजीब व्यवहार को लेकर पुलिस के सामने गहरा संदेह जताया, जिसने पुलिस की जांच की पूरी दिशा ही बदलकर रख दी।
🚓 गंजबासौदा से हैवान पिता गिरफ्तार: पुलिस पूछताछ में कबूला जुर्म, खजाना निकालने के लिए दो साथियों संग मिलकर रची थी साजिश
लगातार तीन महीने तक चली लंबी और पेंचदार जांच के बाद पुलिस को आखिरकार सफलता मिली, जब मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी पिता विदिशा जिले के गंजबासौदा क्षेत्र में नाम बदलकर छिपा हुआ है। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर 14 जुलाई को उसे हिरासत में ले लिया। शुरुआत में वह शातिर अपराधी की तरह पुलिस को लगातार गुमराह करने की कोशिश करता रहा, लेकिन जब पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और परिस्थितियों के आधार पर कड़ाई से पूछताछ की, तो वह टूट गया और उसने अपना खौफनाक जुर्म कबूल कर लिया।
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने जो चौंकाने वाला खुलासा किया, उसने पुलिस अफसरों के भी होश उड़ा दिए। आरोपी ने बताया कि उसे किसी तांत्रिक या माध्यम के जरिए यह पक्का विश्वास हो गया था कि उसके खेत की जमीन में भारी मात्रा में सोने-चांदी का गुप्त खजाना दबा हुआ है। उस दबे हुए खजाने को बाहर निकालने के लिए तांत्रिक क्रिया के तहत एक मानव बलि देना अनिवार्य था। इसी भयानक अंधविश्वास की आड़ में उसने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर अपनी ही सगी बेटी की हत्या की एक खौफनाक साजिश रची। वारदात वाली रात बच्ची को खलिहान से चुपचाप उठाकर सुनसान जगह ले जाया गया, जहां पहले उसे डंडे से बेरहमी से पीटा गया और फिर उसकी मौत सुनिश्चित करने के लिए उसका गला घोंट दिया गया। इसके बाद शव को खेत में गहरा गड्ढा खोदकर दफना दिया गया, ताकि पूरा मामला एक सामान्य अपहरण का लगे।
⛓️ भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज: हत्या में इस्तेमाल डंडा बरामद, फरार चल रहे दो अन्य आरोपियों की तलाश तेज
पुलिस ने मुख्य आरोपी पिता के इकबालिया बयान और अन्य पुख्ता भौतिक साक्ष्यों के आधार पर हत्या, साक्ष्य मिटाने और आपराधिक षड्यंत्र रचने सहित भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या की वारदात में इस्तेमाल किया गया वह डंडा भी बरामद कर लिया है जिससे बच्ची को पीटा गया था।
भोपाल देहात एसपी पंकज कुमार पांडे ने आगे बताया, "मुख्य आरोपी पिता फिलहाल पुलिस की गिरफ्त में है और उससे कोर्ट से रिमांड लेकर आगे की पूछताछ की जा रही है। वहीं, इस जघन्य वारदात में उसका साथ देने वाले उसके दोनों अन्य साथी फिलहाल फरार चल रहे हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। उन दोनों सह-आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे षड्यंत्र और इस घिनौने अंधविश्वास के नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों और पहलुओं की भी गहनता से जांच की जाएगी।"
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