जनसुनवाई से सीएम हेल्पलाइन तक गुहार; रतलाम के किसानों को सितंबर 2026 में सोलर पंप मिलने का मिला आश्वासन

रतलाम जिले में पीएम कृषक मित्र सूर्य योजना के तहत रजिस्ट्रेशन और भारी अंशदान जमा करने के बाद भी किसानों को सोलर पंप नहीं मिल पा रहे हैं। जानें क्या है मुख्य वजह।

Jul 16, 2026 - 17:45
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जनसुनवाई से सीएम हेल्पलाइन तक गुहार; रतलाम के किसानों को सितंबर 2026 में सोलर पंप मिलने का मिला आश्वासन

रतलाम। केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी 'पीएम कृषक मित्र सूर्य योजना' के अंतर्गत हर साल 1 लाख किसानों को भारी सब्सिडी पर सोलर पंप देने की घोषणा की गई थी. लेकिन धरातल पर इस योजना की हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है. सोलर पंप सब्सिडी योजना के अंतर्गत अपना रजिस्ट्रेशन कराने वाले रतलाम जिले के सैकड़ों किसानों को 1 साल से भी अधिक का समय बीत जाने के बाद भी अब तक सोलर पंप का लाभ नहीं मिल पाया है. रतलाम जिले में किसानों द्वारा सभी आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने और अपने हिस्से के अंशदान की बड़ी राशि सरकारी खजाने में जमा करवाने के बावजूद वे खेतों की सिंचाई के लिए सोलर पंप की राह देख रहे हैं.

🏢 2. रतलाम में दफ्तर नहीं, मंदसौर जाने की मजबूरी: पीड़ित किसान बाबूलाल पाटीदार ने बयां किया अपना दर्द

इस प्रशासनिक ढर्रे का सबसे बड़ा कारण यह है कि इस योजना को संचालित करने वाली जिम्मेदार सरकारी एजेंसी 'मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम' और अनुबंधित निजी कंपनी का कोई भी कार्यालय रतलाम जिले में मौजूद नहीं है. ऊर्जा विकास निगम का क्षेत्रीय कार्यालय पड़ोसी जिले मंदसौर में स्थित है. इस वजह से रतलाम के किसानों को योजना से जुड़ी छोटी से छोटी समस्या के निराकरण या जानकारी के लिए बार-बार मंदसौर के चक्कर काटने पड़ते हैं.

सिरूखेड़ी के पीड़ित किसान बाबूलाल पाटीदार पिछले डेढ़ साल से ऊर्जा विकास निगम, रतलाम कलेक्ट्रेट और सोलर पंप लगाने वाली कंपनी के दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं. पीड़ित किसान बाबूलाल पाटीदार ने बताया, ''मैंने जनवरी 2025 में अपने खेत पर तीन सोलर पंप कनेक्शन के लिए आवेदन किया था, जिसके लिए कुल ₹2,34,000 की बड़ी राशि अंशदान के रूप में जमा की थी. मैंने यह राशि ऋण (कर्ज) लेकर जमा की थी, जिसका भारी ब्याज मैं आज भी चुका रहा हूं. लेकिन डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी मेरे खेत पर सोलर पंप का इंस्टॉलेशन नहीं हो सका है.''

📅 3. सितंबर 2026 में मिलेगा सोलर पंप: जनसुनवाई और सीएम हेल्पलाइन की शिकायत के बाद हरकत में आया प्रशासन

लगातार हो रही देरी से परेशान होकर किसान बाबूलाल पाटीदार ने जनसुनवाई और सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद प्रशासनिक अमला हरकत में आया है. इस मामले में जनसुनवाई के माध्यम से कार्रवाई सुनिश्चित करने वाले डिप्टी कलेक्टर संजय शर्मा ने बताया, ''पीड़ित किसान की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए मंदसौर स्थित मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम के कार्यालय से पत्राचार कर देरी के कारणों की विस्तृत जानकारी मांगी गई थी. वहां से प्राप्त जवाब के अनुसार, संबंधित पंप प्रदाता एजेंसी को सोलर पंप इंस्टॉलेशन की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं. ऊर्जा विकास निगम ने लिखित में आश्वस्त किया है कि सितंबर 2026 तक किसान के खेत पर सोलर पंप का सफल इंस्टॉलेशन सुनिश्चित कर दिया जाएगा.''

🌾 4. छोटे किसानों के लिए 90% तक सब्सिडी: मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना का प्रचार-प्रसार न होने से परेशान हैं अन्नदाता

गौरतलब है कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा छोटे व सीमांत किसानों को सिंचाई के संकट से उबारने के लिए 'मुख्यमंत्री सोलर पंप सब्सिडी स्कीम' और 'पीएम कृषक मित्र सूर्य योजना' के तहत 3 एचपी से लेकर 7.5 एचपी तक के सोलर पंपों पर 90 प्रतिशत तक के भारी अनुदान का प्रावधान किया गया है. हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में उचित प्रचार-प्रसार के अभाव में अभी भी अधिकांश किसानों को इस कल्याणकारी योजना की पूरी जानकारी नहीं है.

चिंता की बात यह है कि जिन जागरूक किसानों ने कर्ज उठाकर और अपनी जमा-पूंजी दांव पर लगाकर इस योजना के तहत भारी-भरकम अंशदान राशि जमा कर दी है, वे भी बिजली कनेक्शन न होने और सोलर पंप न मिलने के कारण अपने खेतों में समय पर सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं. इससे किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है— एक तरफ सिंचाई के बिना फसलें प्रभावित हो रही हैं, तो दूसरी तरफ जमा की गई राशि पर ब्याज का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है.

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