सागर में होगा डॉ. हेडगेवार के जीवन पर आधारित महानाट्य 'युगप्रवर्तक'; भोपाल के बाद 24 जुलाई को मंचन

आरएसएस के शताब्दी वर्ष पर सागर के पद्माकर सभागार में 24 जुलाई को डॉ. हेडगेवार के जीवन पर आधारित महानाट्य 'युगप्रवर्तक' का मंचन होगा। जानें नाटक का समय और विशेषता।

Jul 16, 2026 - 17:48
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सागर में होगा डॉ. हेडगेवार के जीवन पर आधारित महानाट्य 'युगप्रवर्तक'; भोपाल के बाद 24 जुलाई को मंचन

सागर। अपने गठन का गौरवशाली शताब्दी वर्ष मना रहा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) अपनी स्थापना के ऐतिहासिक उद्देश्यों और राष्ट्र निर्माण में किए गए अब तक के कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए देश भर में कई बड़े आयोजन कर रहा है. इसी कड़ी में संघ के संस्थापक डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार के प्रेरक जीवन पर आधारित भव्य महानाट्य 'युगप्रवर्तक' का मंचन सागर जिले में होने जा रहा है. सागर में आयोजित होने वाले इस ऐतिहासिक मंचन से पहले इस महानाट्य की विशेष प्रस्तुति मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में दी जाएगी, जहां सूबे के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनके कैबिनेट के कई वरिष्ठ मंत्री विशेष रूप से मौजूद रहेंगे. इस महानाट्य को प्रस्तुत करने के लिए 40 कुशल कलाकारों की एक अनुशासित टीम तैयार की गई है, जो इससे पहले देश के कई बड़े महानगरों और राज्यों में अपनी सफल प्रस्तुतियां दे चुकी है.

🏛️ 2. पद्माकर सभागार में 24 जुलाई को सजेगी रंगमंच की महफिल: दर्शक जानेंगे 1925 में संघ स्थापना की ऐतिहासिक परिस्थितियां

ब्रह्मनाद संस्था के प्रचार-प्रसार संयोजक रवींद्र सहस्त्रबुद्धे ने कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा साझा करते हुए बताया, "डॉ. हेडगेवार के जीवन दर्शन पर केंद्रित नाटक 'युगप्रवर्तक डॉक्टर हेडगेवार' का भव्य मंचन सागर के सिविल लाइन स्थित पद्माकर सभागार में आगामी 24 जुलाई 2026 को शाम ठीक 6:30 बजे किया जाएगा." उन्होंने आगे बताया कि ब्रह्मनाद संस्था द्वारा अब तक इस नाटक की भारत के विभिन्न राज्यों में 54 सफल प्रस्तुतियां दी जा चुकी हैं और सागर की धरती पर होने जा रहा यह मंचन इस महानाट्य की 55वीं ऐतिहासिक प्रस्तुति होगी. इस नाटक के माध्यम से दर्शकों को सजीव रूप से यह देखने और समझने का अवसर मिलेगा कि आखिरकार वर्ष 1925 में किन विकट सामाजिक और राजनैतिक परिस्थितियों के बीच डॉ. हेडगेवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की नींव रखनी पड़ी थी और इसके गठन के पीछे क्या दूरगामी राष्ट्रीय सोच थी.

🚀 3. नागपुर से शुरू हुआ था 'युगप्रवर्तक' का सफर: मध्य प्रदेश संस्कृति संचालनालय और संस्कार भारती का मिला विशेष सहयोग

महानाट्य के कार्यक्रम संयोजक अरविंद उपाध्ये ने नाटक के अब तक के सफर पर प्रकाश डालते हुए बताया, "इस बहुचर्चित नाटक की पहली प्रस्तुति संघ के मुख्यालय नागपुर में 1 अप्रैल 2025 को एक अभिनव प्रयोग के रूप में प्रारंभ की गई थी, जो अपनी लोकप्रियता के कारण आज भी निरंतर जारी है." उन्होंने बताया कि सागर में इस भव्य मंचन के बाद इस नाटक को जबलपुर और सतना जैसे मध्य प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों में भी प्रदर्शित किया जाएगा. मध्य प्रदेश संस्कृति संचालनालय के विशेष सहयोग से प्रदेश के विभिन्न शहरों में इस नाटक के मंचन की श्रृंखला आयोजित की जा रही है, जिसमें सागर के स्थानीय आयोजन में कला और साहित्य को समर्पित संस्था 'संस्कार भारती' भी मुख्य सहयोगी की भूमिका निभा रही है.

🎬 4. 'फिल्म' जैसा अहसास कराएगा यह रिकॉर्ड प्ले: संस्कार भारती ने सागर के नागरिकों से सपरिवार शामिल होने की अपील की

संस्कार भारती के जिला संयोजक डॉ. मनीष बोहरे ने सागर के प्रबुद्ध नागरिकों, कला प्रेमियों और राष्ट्रवादी विचारों से जुड़े परिवारों से इस गरिमामयी आयोजन में सपरिवार सम्मिलित होने का विशेष आग्रह किया है. डॉ. बोहरे ने नाटक की तकनीकी विशेषता बताते हुए कहा, "यह नाटक सामान्य नाटकों से बिल्कुल अलग और अपने आप में रंगमंच का एक अनूठा व आधुनिक प्रयोग है. यह पूरा नाटक 'रिकॉर्ड प्ले' (प्री-रिकॉर्डेड साउंडट्रैक और संवादों) पर आधारित है, जो दर्शकों को किसी भव्य ऐतिहासिक फिल्म को लाइव देखने जैसा जीवंत अहसास कराएगा." इसकी ध्वनि व्यवस्था और दृश्यों का संयोजन इतना उत्कृष्ट और कसा हुआ है कि दर्शक इसकी कुल 2 घंटे 15 मिनट की अवधि के दौरान बिना पलक झपकाए अपनी कुर्सियों से बंधे रहेंगे. प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क और गरिमापूर्ण रहेगा.

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