जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक से मिलीं डिंपल यादव; 20 जुलाई को संसद मार्च में शामिल होने की अपील
सपा सांसद डिंपल यादव ने जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक से मुलाकात की। उन्होंने युवाओं से 20 जुलाई के संसद मार्च में शामिल होने का आह्वान किया।
समाजवादी पार्टी (सपा) की वरिष्ठ नेता और सांसद डिंपल यादव गुरुवार को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे जाने-माने पर्यावरण एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक से मुलाकात करने पहुंचीं. सोनम वांगचुक आज लगातार 19वें दिन भी भूख हड़ताल पर डटे हुए हैं. इस दौरान डिंपल यादव ने उनके संघर्ष के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और देश के युवाओं से बड़ी अपील की. सपा सांसद ने कहा, "मुझे पूरा विश्वास है कि देश का युवा अपने अधिकारों के प्रति सजग है. मैं सभी नौजवानों से अपील करती हूं कि वे 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक होने वाले शांतिपूर्ण मार्च में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें. यह आपके हक, अधिकार और सम्मान की बड़ी लड़ाई है." इसके साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि सोनम वांगचुक 20 जुलाई को अपना यह अनशन समाप्त करेंगे.
🏫 2. संसद में गूंजेंगे जनता के मुद्दे: सपा उठाएगी पेपर लीक का मामला, जौहर यूनिवर्सिटी पर डिंपल ने साधा बुलडोजर पॉलिटिक्स पर निशाना
मीडियाकर्मियों से चर्चा करते हुए डिंपल यादव ने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी आगामी संसद सत्र में जनहित के मुद्दों को पूरी प्रखरता से उठाएगी. उन्होंने कहा, "हमारी पार्टी संसद के भीतर देश के करोड़ों छात्रों से जुड़े पेपर लीक के गंभीर मुद्दे और सोनम वांगचुक की जायज मांगों को उठाएगी. समाजवादी पार्टी सदैव युवाओं और छात्रों के अधिकारों के साथ खड़ी रही है."
इसी दौरान रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी की अवैध घोषित की गई बिल्डिंग को ध्वस्त किए जाने के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए डिंपल ने भाजपा सरकार की नीतियों पर जमकर प्रहार किया. उन्होंने जंतर-मंतर से सीधे आरोप लगाते हुए कहा, "भारतीय जनता पार्टी की सरकार का बुलडोजर केवल विपक्ष और चुनिंदा लोगों पर ही चलता है. वे कहीं भी मनमाने ढंग से बुलडोजर चला सकते हैं, लेकिन जब राम मंदिर निर्माण में चंदा चोरी करने वालों की बात आती है, तो उनकी सरकार का यह बुलडोजर अचानक थम जाता है."
📲 3. अखिलेश यादव ने की अनशन तोड़ने की अपील: बोले— 'नैतिक बल की देश को जरूरत', बीजेपी पर लगाया शिक्षा में सांप्रदायिकता का आरोप
डिंपल यादव के जंतर-मंतर पहुंचने से पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे पर अपनी मजबूत आवाज उठाई थी. अखिलेश यादव ने बीते दिनों फोन पर सोनम वांगचुक से बात कर उनके बिगड़ते स्वास्थ्य पर चिंता जताई थी और उनसे अनशन समाप्त करने का विनम्र आग्रह किया था. इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर पोस्ट करते हुए अखिलेश ने लिखा, "हमारा मानना है कि सोनम वांगचुक जी जनहित और देश के संपूर्ण युवा शक्ति के आग्रह पर विचार करें. देश को उनके नैतिक बल और मार्गदर्शन की अत्यंत आवश्यकता है. इसलिए वे दुनियाभर से आ रहे अनुरोधों को स्वीकार करते हुए अपना अनशन समाप्त कर दें और स्वास्थ्य लाभ लेकर नई ऊर्जा के साथ आंदोलन में पुनः जुटें."
जौहर यूनिवर्सिटी की कार्रवाई पर भाजपा को घेरते हुए अखिलेश ने लिखा, "भारतीय जनता पार्टी को अब शिक्षा में भी सांप्रदायिकता दिखने लगी है. शिक्षा, शिक्षक, शिक्षार्थी और रोजगार इस पार्टी के एजेंडे में दूर-दूर तक शामिल नहीं हैं. यह पार्टी अपने अनरजिस्टर्ड संगी-साथियों के अवैध भवनों को कब ढहाएगी? जब इनके साथी ही अपंजीकृत हैं तो उनके कार्यालय और संस्थान कैसे वैध हो सकते हैं?"
🚜 4. राकेश टिकैत भी पहुंचे समर्थन में: बोले— 'तानाशाह सरकार को करनी होगी बात, ट्रैक्टर-ट्रॉली तैयार खड़े हैं'
सपा सांसदों के अलावा गुरुवार को भारतीय किसान यूनियन (BKU) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और किसान नेता राकेश टिकैत भी सोनम वांगचुक के समर्थन में जंतर-मंतर पहुंचे. वांगचुक से मुलाकात के बाद किसान नेता ने खुलकर अपना समर्थन घोषित करते हुए कहा, "आपके इस न्यायसंगत आंदोलन को हमारा पूर्ण समर्थन है. सत्ता में बैठे लोग आपको बदनाम करने की तमाम कोशिशें कर रहे हैं, लेकिन आपको अपने इरादों पर पूरी तरह डटे रहना है."
टिकैत ने आगे कहा, "आने वाली 20 तारीख के संसद मार्च को भी हमारा पूरा समर्थन है. यद्यपि वर्तमान में हमारी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां दिल्ली की सीमाओं पर नहीं हैं, लेकिन वे पूरी तरह से तैयार खड़ी हैं. तानाशाही का अंत निश्चित है और इस गूंगी-बहरी सरकार को किसानों और नागरिकों की जायज मांगों पर बैठकर बात करनी ही होगी."
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