'यह मेरा क्षेत्र नहीं...', कहकर विधायक ने ग्रामीणों को लौटाया; नरवर में डॉ. अंबेडकर भवन के बाहर भारी बवाल
शिवपुरी के नरवर में करैरा विधायक रमेश खटीक की जनचौपाल में हंगामा हो गया। दूसरे क्षेत्र की शिकायत सुनने से मना करने पर ग्रामीण ने बच्चे को कार के बोनट पर रखा।
शिवपुरी। जिले के नरवर में बुधवार को उस समय बेहद संवेदनशील और हंगामेदार स्थिति निर्मित हो गई, जब करैरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक रमेश खटीक की जनचौपाल के दौरान भारी बवाल हो गया. चौपाल में पहुंचे एक ग्रामीण ने विधायक के व्यवहार से नाराज होकर विरोध जताने का अनोखा और खतरनाक तरीका अपनाया. उसने अपने मासूम बालक को ले जाकर सीधे विधायक की वीआईपी कार के बोनट पर रख दिया. बच्चे को गाड़ी के बोनट पर रखते ही वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया और देखते ही देखते मामला बेहद गरमा गया.
🏛️ 2. दूसरे विधानसभा क्षेत्र के लोग पहुंचे थे फरियाद लेकर: विधायक ने अधिकार क्षेत्र का हवाला देकर जताया असमर्थता
दरअसल, नरवर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर भवन में करैरा विधायक रमेश खटीक ने अपने क्षेत्र के आम नागरिकों की मूलभूत समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए एक 'जनचौपाल' कार्यक्रम का आयोजन किया था. इसी दौरान पड़ोसी विधानसभा क्षेत्र 'पोहरी' के अंतर्गत आने वाले ग्राम नानकपुर और बरखाड़ी के कई ग्रामीण भी अपनी विभिन्न समस्याओं और शिकायतों के आवेदन लेकर विधायक के पास पहुंच गए. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब पोहरी क्षेत्र के इन ग्रामीणों ने विधायक रमेश खटीक को अपनी शिकायतें सौंपनी चाहीं, तो विधायक ने यह कहते हुए आवेदन लेने से असमर्थता जता दी कि यह उनका विधानसभा क्षेत्र नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि वे केवल करैरा विधानसभा क्षेत्र की समस्याओं का ही प्रशासनिक निराकरण कर सकते हैं, पोहरी का नहीं.
🗣️ 3. जबरदस्ती मामले को तूल देने का आरोप: विधायक रमेश खटीक ने दी हंगामे पर अपनी सफाई
जनचौपाल में मौजूद लोगों के अनुसार, विधायक का यह दोटूक और कथित रूप से रुखा व्यवहार सुनकर दूर-दराज से आए ग्रामीण बेहद आक्रोशित हो गए. वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित करने और ग्रामीणों को समझाने का काफी प्रयास किया.
पूरे मामले पर अपनी सफाई देते हुए करैरा विधायक रमेश खटीक ने कहा: "नरवर में शिकायतें सुनने के लिए ही जनचौपाल का आयोजन किया गया था. हम करैरा विधानसभा क्षेत्र के नागरिकों से मिल रहे आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित कर ही रहे थे कि इसी बीच पड़ोसी पोहरी विधानसभा क्षेत्र से कुछ लोग आ गए. उन्होंने जो शिकायतें हमारे सामने रखीं, वे मेरे वैधानिक अधिकार क्षेत्र से बाहर की थीं. चूंकि तकनीकी और कानूनी रूप से मैं उन पर कार्रवाई करने के लिए अधिकृत नहीं हूं, इसलिए मैंने असमर्थता जताई. इसी बात को आधार बनाकर उन लोगों ने वहां अनावश्यक हंगामा मचाया और मामले को जबरदस्ती तूल देने का प्रयास किया."
👥 4. "सुनवाई तो कर सकते थे माननीय...": ग्रामीणों ने विधायक के आचरण पर जताई गहरी नाराजगी
दूसरी ओर, जनचौपाल में मौजूद अन्य नागरिकों और पीड़ित ग्रामीणों ने विधायक रमेश खटीक के इस रवैए की कड़े शब्दों में निंदा की है. ग्रामीणों का तर्क है कि एक जनप्रतिनिधि को जनता के प्रति अधिक संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण अपनाना चाहिए. यदि दूसरे विधानसभा क्षेत्र के पीड़ित लोग बड़ी उम्मीद के साथ अपनी गंभीर समस्याएं लेकर आए थे, तो विधायक को कम से कम शालीनता से उनकी बात सुननी चाहिए थी और वे चाहते तो संबंधित क्षेत्र के विधायक या कलेक्टर को मामला अग्रेषित (Forward) कर सकते थे. ग्रामीणों ने कहा कि वे बहुत दूर-दूर से अपनी फरियाद लेकर आते हैं, ऐसे में निराकरण तो दूर, सामान्य सुनवाई तक न होने से जनता में नाराजगी पैदा होना स्वाभाविक है.
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)