सूझबूझ से बचाई 46 बच्चों की जान, चलती बस रोककर ड्राइवर कन्हैयालाल ने तोड़ा दम
बाग में स्कूल बस ड्राइवर ने तबीयत बिगड़ने पर सूझबूझ दिखाते हुए बस को सुरक्षित रोककर 46 बच्चों की जान बचा ली, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर उनका निधन हो गया।
मध्य प्रदेश के बाग से एक झकझोर देने वाली और प्रेरणादायक घटना सामने आई है, जहां महेश मेमोरियल स्कूल की बस के 57 वर्षीय ड्राइवर कन्हैयालाल बघेल ने अपनी जान पर खेलकर 46 बच्चों की जिंदगी बचा ली। सोमवार को जब बस बच्चों को लेकर जोबट जा रही थी, तभी रास्ते में झिरपन्या के पास अचानक ड्राइवर कन्हैयालाल को घबराहट और उल्टी की शिकायत हुई। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए उन्होंने बिना घबराए चलती बस को सड़क किनारे पूरी तरह सुरक्षित खड़ा कर दिया। हालांकि, कुछ देर बाद अस्पताल में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।
❤️ अंतिम समय तक बच्चों की सुरक्षा को दी प्राथमिकता, स्कूल प्रबंधन ने मंगलवार को रखा अवकाश
ग्राम देंगाव भीलखेड़ी के रहने वाले कन्हैयालाल दोपहर तक बिल्कुल सामान्य थे और उन्होंने स्कूल स्टाफ से बातचीत भी की थी। तबीयत बिगड़ने के बाद कंडक्टर ने उन्हें सीट से हटाया और मौके पर पहुंचे दूसरे चालक ने बच्चों को सुरक्षित जोबट अस्पताल पहुंचाया। प्राचार्य सुरेंद्रसिंह चौहान ने बताया कि यदि ड्राइवर समय रहते बस नहीं रोकते, तो बड़ा हादसा हो सकता था। बस में छोटे बच्चों से लेकर 12वीं तक के 46 छात्र सवार थे। बच्चों की जान बचाने वाले ड्राइवर के निधन से पूरे विद्यालय परिवार में शोक की लहर है, और शोक स्वरूप मंगलवार को स्कूल में अवकाश घोषित किया गया।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)