सागर में स्कूल बैग खोलते ही फुफकारी नागिन; पहली क्लास के बच्चे के उड़े होश, शिक्षकों ने बोतल में भरा
सागर के रहली में पहली कक्षा के छात्र के स्कूल बैग से खतरनाक नागिन निकलने से हड़कंप मच गया। शिक्षकों ने सूझबूझ से उसे बोतल में बंद किया। देखें मानसून अलर्ट।
सागर। सोचिए अगर स्कूल पहुंचकर कोई मासूम बच्चा पढ़ने के लिए जैसे ही अपना बस्ता खोले और उसमें से अचानक एक जहरीला सांप फन फैलाए बाहर आ जाए, तो क्या मंजर होगा. ऐसा ही एक रोंगटे खड़े कर देने वाला नजारा सागर जिले के रहली विकासखंड के अंतर्गत आने वाले चांदपुर गांव के शासकीय प्राथमिक शाला में देखने को मिला. जैसे ही पहली कक्षा के एक छात्र ने स्कूल पहुंचकर क्लासरूम में किताबें निकालने के लिए अपना बैग खोला, वह डर के मारे जोर से उछलकर सीधे क्लास के कोने में जाकर खड़ा हो गया. जब वर्ग शिक्षक ने छात्र के इस तरह अचानक डरने की वजह पूछी, तो सहमे हुए बच्चे ने थरथराते हाथों से अपने स्कूल बैग की तरफ इशारा किया. शिक्षक ने जब बैग के पास जाकर देखा तो उनके भी होश उड़ गए.
🐍 2. बैग की ज़िप खोलते ही फुफकारने लगी नागिन: शिक्षकों ने स्नेक कैचर की तरह बोतल में किया बंद
शिक्षक ने जब बैग के भीतर झांककर देखा तो वहां एक खतरनाक नागिन फन फैलाए बैठी थी और फुफकार मार रही थी. इस बेहद डरावने और जानलेवा माहौल में भी शिक्षकों ने अपनी हिम्मत और सूझबूझ नहीं खोई.
शिक्षकों का साहसिक रेस्क्यू: क्लास में कई छोटे बच्चे मौजूद थे, जिससे कोई भी अनहोनी हो सकती थी. शिक्षक ने तुरंत बैग को उठाकर क्लासरूम से बाहर खुले मैदान में रखा. इसके बाद उन्होंने किसी पेशेवर स्नेक कैचर (Snake Catcher) की तरह बड़ी ही सावधानी और हिम्मत से काम लेते हुए नागिन को एक प्लास्टिक की बोतल में बंद कर दिया. जब नागिन सुरक्षित रूप से बोतल में कैद हो गई, तब जाकर स्कूल के बच्चों और स्टाफ की जान में जान आई. यह पूरी घटना दो दिन पुरानी बताई जा रही है, जब रोजाना की तरह बुधवार को स्कूल की कक्षाएं शुरू हुई थीं.
🤝 3. दो शिक्षकों ने मिलकर दिखाया अदम्य साहस: बच्चों को सुरक्षित बचाकर जंगल में छोड़ा
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तत्परता और तालमेल: पहली कक्षा का छात्र सुबह खुशी-खुशी स्कूल पहुंचा था. क्लास में शिक्षक भी अपनी सीट पर आ चुके थे और उन्होंने बच्चों को अपनी-अपनी किताबें निकालने का निर्देश दिया था.
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सहयोगी की मदद: छात्र के घबराकर कोने में खड़े होने के बाद जब शिक्षक ने देखा कि बैग की ज़िप (चैन) वाली जगह से नागिन अपना सिर बाहर निकाल रही है, तो उन्होंने तुरंत शोर मचाए बिना अपने साथी शिक्षक अभय यादव को इसकी जानकारी दी.
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सुरक्षित रेस्क्यू: दोनों शिक्षकों ने मिलकर बेहद सतर्कता के साथ बैग को खाली मैदान में पहुंचाया और बमुश्किल नागिन को बोतल में कैद कर पास के सुरक्षित घने जंगल में छोड़ आए, जिससे वन्यजीव की जान भी बच गई और बच्चे भी सुरक्षित रहे.
📢 4. अभिभावकों को शिक्षकों की बेहद जरूरी सलाह: मानसून में रोजाना चेक करें बच्चों के बैग
इस घटना के बाद शिक्षक अभय यादव ने क्षेत्र के सभी अभिभावकों और पालकों से एक बेहद महत्वपूर्ण अपील की है:
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रोजाना बैग की जांच: माता-पिता को रोजाना सुबह बच्चों को स्कूल भेजने से पहले और घर लौटने के बाद उनके बैग को बारीकी और सावधानी से चेक करना चाहिए.
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बारिश में बढ़ता है खतरा: बरसात के मौसम में लगातार होने वाली बारिश के कारण जहरीले जीव-जंतुओं के बिलों में पानी भर जाता है. ऐसे में सुरक्षित और सूखी जगह की तलाश में सांप, बिच्छू या अन्य कीड़े-मकौड़े अक्सर घरों के कोनों, जूतों या बच्चों के बस्तों में छिप जाते हैं.
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सतर्कता ही बचाव है: बच्चों को स्कूल बैग जमीन पर रखने के बजाय हमेशा ऊंचाई पर टांगने की आदत डालें और चैन को हमेशा बंद रखें ताकि कोई भी जहरीला जीव बस्ते के भीतर शरण न ले सके.
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