21वें दिन जंतर-मंतर से अस्पताल पहुंचाए गए सोनम वांगचुक, सुरक्षा कारणों से प्रदर्शन स्थल पर लगे जैमर

जंतर-मंतर पर 21 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने सीक्रेट ऑपरेशन के जरिए हटाया। मॉक ड्रिल के बहाने 30 सेकंड में की गई पूरी कार्रवाई।

Jul 18, 2026 - 10:24
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21वें दिन जंतर-मंतर से अस्पताल पहुंचाए गए सोनम वांगचुक, सुरक्षा कारणों से प्रदर्शन स्थल पर लगे जैमर

नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर पिछले 21 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को वहां से हटाने के लिए दिल्ली पुलिस की ओर से शुक्रवार रात से ही बड़े स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई थीं. नई दिल्ली जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की तरफ से इस पूरे ऑपरेशन को बेहद गोपनीय (सीक्रेट) रखा गया था. गोपनीयता का आलम यह था कि इस कार्रवाई में शामिल किए गए जमीनी पुलिसकर्मियों तक को असल मकसद नहीं बताया गया था; उन्हें सिर्फ यही जानकारी दी गई थी कि संसद भवन की सुरक्षा को लेकर एक मॉक ड्रिल आयोजित की जानी है. तड़के जब पुलिस बल मौके पर पहुंचा, तब जाकर उन्हें असलियत पता चली कि उन्हें सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से सुरक्षित हटाना है.

⏱️ 2. थानों में रात 3 बजे की हलचल: पुलिसकर्मियों को ब्रीफिंग में मिला 30 सेकंड का अल्टीमेटम

पुलिस सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, नई दिल्ली जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार रात करीब 11 बजे सभी थाना प्रभारियों (SHO) को एक आपातकालीन निर्देश जारी किया था. इस निर्देश के तहत सभी को अपने साथ 10-10 चुनिंदा पुलिसकर्मियों को लेकर शनिवार तड़के 3 बजे हर हाल में संसद मार्ग थाने पहुंचने को कहा गया था.

ऑपरेशन की अंदरूनी टाइमलाइन:

  • तड़के 3:00 बजे: भारी संख्या में पुलिस बल संसद मार्ग थाने पहुंचा, जहां पहले से ही दो कंपनी अतिरिक्त पुलिस बल (Reserve Force) तैनात था.

  • तड़के 3:30 बजे: सभी पुलिसकर्मियों को अचानक मंदिर मार्ग थाने ले जाया गया, जहां जिले के तीनों डीसीपी (DCP) स्वयं मौजूद थे.

  • ब्रीफिंग और रणनीति: यहीं पर पुलिस बल को अंतिम रणनीति समझाई गई. अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सोनम वांगचुक को वहां से हटाने के लिए उन्हें कुल मिलाकर केवल 30 सेकंड का समय मिलेगा, इसलिए बिना कोई शोर-शराबा किए काम को अंजाम देना होगा.

🚨 3. ठीक सुबह 7 बजे घेरा गया मंच: स्ट्रेचर से उठाकर एंबुलेंस में किया शिफ्ट, प्रदर्शन स्थल पर लगाए जैमर

रणनीति के मुताबिक, तड़के ही जंतर-मंतर के मुख्य रास्तों से सभी पुलिस बैरिकेड्स को हटा दिया गया और बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई. पुलिस ने बाहरी बल को जंतर-मंतर के दोनों छोरों पर तैनात किया, जबकि एक आपातकालीन एंबुलेंस को पहले से ही केरल भवन के पास स्टैंडबाय पर खड़ा कर दिया गया था.

  • कमजोर कड़ी पर नजर: पुलिस प्रशासन को खुफिया इनपुट था कि सुबह करीब 7 बजे सोनम वांगचुक के मुख्य सहयोगी अभिजीत दीपके दैनिक कार्यों (शौचालय) के लिए मंच से दूर जाते हैं.

  • 30 सेकंड का एक्शन: जैसे ही वह समय आया, वरिष्ठ अधिकारियों ने इशारा किया. इशारा मिलते ही पुलिसकर्मियों ने पलक झपकते ही पूरे मंच को चारों तरफ से घेर लिया.

  • अस्पताल रवानगी: स्ट्रेचर लेकर कुछ चुनिंदा पुलिसकर्मी तुरंत मंच पर चढ़े और सोनम वांगचुक को अत्यंत सावधानी से लेकर पिछले रास्ते से नीचे उतर गए. उन्हें तुरंत तैयार खड़ी एंबुलेंस में शिफ्ट कर नजदीकी अस्पताल ले जाया गया. इस पूरे ऑपरेशन के तुरंत बाद वहां कोई बाहरी संपर्क या विरोध प्रदर्शन न भड़क सके, इसके लिए प्रशासन द्वारा प्रदर्शन स्थल के आसपास मोबाइल सिग्नल जैमर भी सक्रिय कर दिए गए थे.

📋 4. दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश और गिरती सेहत का हवाला: नई दिल्ली जिला डीसीपी का आधिकारिक बयान

इस पूरे हाई-वोल्टेज घटनाक्रम के बाद नई दिल्ली जिले के डीसीपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर एक आधिकारिक पोस्ट साझा करते हुए पुलिस कार्रवाई की वजह स्पष्ट की है.

इस औचक कार्रवाई के बाद से ही जंतर-मंतर पर मौजूद अन्य प्रदर्शनकारी और समर्थक काफी आक्रोशित हैं और हंगामा कर रहे हैं, जिन्हें मौके पर मौजूद पुलिस बल शांत कराने का प्रयास कर रहा है. पुलिस प्रशासन ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों से जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थल को जल्द से जल्द पूरी तरह खाली करने का अनुरोध किया है.

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