घरों में रखे 31 हजार टन सोने को सर्कुलेशन में लाने की योजना, सितंबर में 15 फीसदी तक और गिर सकता है आयात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील और कस्टम ड्यूटी बढ़ने के बाद भारत में सोने के आयात में लगातार कमी आई है। सरकार का उद्देश्य देश के आयात बिल को कम करना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारतीयों से सोना न खरीदने और इस पर पुनर्विचार करने की अपील का सकारात्मक असर देश के आर्थिक आंकड़ों में दिखाई देने लगा है। सरकार का मुख्य उद्देश्य देश के भारी-भरकम सोने के आयात बिल को कम करना और भारतीय घरों में बेकार पड़े अनुमानित 31,000 टन सोने को उत्पादक कार्यों व सर्कुलेशन में लाना है। 'Metals Focus' के आंकड़ों के अनुसार, मई में पीएम मोदी की अपील और सरकार द्वारा सोने-चांदी पर कस्टम ड्यूटी को 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी किए जाने के बाद देश में सोने के आयात में लगातार तेज गिरावट दर्ज की गई है।
📉 जून, जुलाई और अगस्त में लगातार घटा आयात, सितंबर में भी 15 फीसदी तक कमी आने की उम्मीद
आंकड़ों के मुताबिक, मई में सोने का आयात सालाना आधार पर 4 फीसदी घटकर 29.4 टन रह गया था, जिसके बाद गिरावट और अधिक तेज हो गई। जून में आयात 20 फीसदी, जुलाई में 23.7 फीसदी और अगस्त में लगभग 30 फीसदी तक कम हुआ है। हालांकि, जानकारों का मानना है कि इस गिरावट के पीछे सिर्फ पीएम की अपील ही नहीं, बल्कि बढ़ी हुई कस्टम ड्यूटी और सोने की ऊंची कीमतें भी मुख्य वजह हैं। 'India Bullion & Jewellers Association' को उम्मीद है कि इस नई अपील के चलते सितंबर महीने में सोने के आयात में लगभग 15 फीसदी की और गिरावट देखने को मिल सकती है, जिससे देश के ट्रेड और करंट अकाउंट डेफिसिट पर दबाव कम करने में काफी मदद मिलेगी।
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