छप्पन भोग के बाद डिंडौरी में शुरू हुई भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा, रूट और व्यवस्थाएं देखें
मध्य प्रदेश के डिंडौरी में इस्कॉन के तत्वावधान में भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी की भव्य रथयात्रा धूमधाम से निकाली गई। छप्पन भोग के बाद शुरू हुई इस यात्रा में हरिनाम संकीर्तन पर श्रद्धालु झूम उठे।
डिंडौरी। मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले में रविवार को इस्कॉन (अंतर्राष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ) के तत्वावधान में भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी की भव्य और अलौकिक रथयात्रा अत्यंत धूमधाम के साथ निकाली गई. इस ऐतिहासिक रथयात्रा को लेकर स्थानीय श्रद्धालुओं और आम जनता में एक विशेष उत्साह और उत्सुकता दिखाई दी. पूरी यात्रा के मार्ग पर जगह-जगह स्थानीय नागरिकों द्वारा भगवान के रथ का आत्मीय स्वागत और दर्शन-पूजन किया गया, जबकि महाप्रभु के रथ को खींचने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े. पूरे मार्ग में 'जय जगन्नाथ' के गगनभेदी जयघोष, मधुर हरिनाम संकीर्तन और मनमोहक भजनों से आसपास का पूरा वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा.
दोपहर लगभग ढाई बजे भगवान श्री जगन्नाथ, भ्राता बलदेव और बहन सुभद्रा महारानी को पूरी श्रद्धा के साथ विशेष छप्पन भोग अर्पित किया गया. इसके तुरंत बाद पुरानी डिंडौरी के कंपनी चौक से इस भव्य रथयात्रा का विधि-विधान से शुभारंभ किया गया. यात्रा के दौरान पूरे रास्ते श्रद्धालु रथ में दिव्य रूप में विराजमान भगवान के दर्शन और आरती उतारते नजर आए. इसके साथ ही, आयोजन समिति द्वारा रास्ते भर आम जनता और श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का निरंतर वितरण भी किया जा रहा था, जिसे पाने के लिए लोग लालायित दिखे.
यह भव्य रथयात्रा अपने निर्धारित मार्ग यानी कंपनी चौक से शुरू होकर कलेक्ट्रेट तिराहा, एसबीआई (SBI) तिराहा, उत्कृष्ट स्कूल, भारत माता चौक, मुख्य बस स्टैंड, पुराना यातायात थाना और सुबखार होते हुए अंतिम पड़ाव मेकलसुता कॉलेज पहुंची.
इस विशाल आयोजन को सुचारु, सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न बनाने के लिए प्रशासन और इस्कॉन समिति द्वारा रथ की भव्य सज्जा, संकीर्तन मंडली, स्वागत व्यवस्था, स्वयंसेवकों की तैनातियां, प्रसाद वितरण काउंटर, विशाल भंडारा, स्वच्छता अभियान, यातायात प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन चिकित्सा सहायता सहित सभी आवश्यक और पुख्ता इंतजाम पहले से ही पूरे कर लिए गए थे.
इस भव्य धार्मिक महोत्सव के प्रमुख आकर्षणों और यात्रा के विवरण को नीचे दी गई तालिका के माध्यम से समझा जा सकता है:
| मुख्य आयोजन बिंदु | आधिकारिक विवरण व रूट | मुख्य आकर्षण |
| आयोजक संस्था | इस्कॉन (ISKCON) डिंडौरी इकाई | हरिनाम संकीर्तन और भक्तिमय नृत्य. |
| प्रारंभिक स्थल व समय | दोपहर 2:30 बजे, कंपनी चौक (पुरानी डिंडौरी) | भगवान को समर्पित 56 भोग. |
| मुख्य मार्ग (Route) | कलेक्ट्रेट तिराहा, भारत माता चौक, बस स्टैंड | रथ खींचने के लिए उमड़ा जनसैलाब. |
| समापन स्थल | मेकलसुता कॉलेज परिसर | भव्य सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम. |
| प्रशासनिक व्यवस्थाएं | सुरक्षा बल, यातायात डायवर्जन और चिकित्सा टीम | विशाल भंडारा एवं महाप्रसाद वितरण. |
यात्रा के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से आए संकीर्तन प्रेमियों के साथ स्थानीय श्रद्धालु भी ढोल-मंजीरों और मृदंग की थाप पर झूमते, गाते और भावविभोर होकर नृत्य करते नजर आए.
देर शाम तक चलने वाले इस भव्य आयोजन में डिंडौरी और आसपास के ग्रामीण अंचलों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और भगवान जगन्नाथ स्वामी का आशीर्वाद प्राप्त कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की.
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