30 साल से हुलिया बदलकर फरार चल रहा स्थायी वारंटी गिरफ्तार, खंडवा पुलिस की बड़ी सफलता
खंडवा की कोतवाली पुलिस ने 'ऑपरेशन खोज' अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 30 साल से फरार स्थायी वारंटी करतार सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी हुलिया और नाम बदलकर फरारी काट रहा था।
खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले की कोतवाली थाना पुलिस ने कानून के शिकंजे से बचने के लिए पिछले तीन दशकों से लगातार फरार चल रहे एक बेहद शातिर स्थायी वारंटी को दबोचने में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है. वर्ष 1996 में दर्ज हुए एक धोखाधड़ी (जालसाजी) के मामले में यह आरोपी करीब 30 वर्षों से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर अपनी फरारी काट रहा था. कोतवाली पुलिस ने जिला स्तर पर चलाए जा रहे विशेष 'ऑपरेशन खोज' अभियान के तहत आरोपी करतार सिंह (पुत्र मानसिंह नायक, निवासी संजय गांधी वार्ड, खंडवा) को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उसे सीधे जेल भेज दिया गया है.
🎭 1. गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार बदलता रहा ठिकाने और हुलिया
कोतवाली पुलिस प्रशासन से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आरोपी करतार सिंह के खिलाफ थाना कोतवाली में गंभीर धाराओं के तहत धोखाधड़ी का आपराधिक मामला दर्ज था, जिसके बाद से ही अदालत द्वारा उसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी किया गया था.
कानूनी कार्रवाई और पुलिसिया गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी पिछले 30 सालों से बेहद शातिराना ढंग से एक शहर से दूसरे शहर अपने ठिकाने लगातार बदल रहा था. इतना ही नहीं, उसने कानून को चकमा देने के लिए न सिर्फ अपना वास्तविक नाम बदल लिया था, बल्कि अपना शारीरिक हुलिया और वेशभूषा भी पूरी तरह बदल ली थी. इसी कारण से पुलिस की कई टीमें लंबे समय तक उसकी तलाश करने के बावजूद उसे पकड़ने में नाकाम साबित हो रही थीं.
🔍 2. गुप्त सूचना और तकनीकी इनपुट के आधार पर पुलिस ने बिछाया जाल
इस लंबी फरारी का अंत करने के लिए कोतवाली पुलिस ने अत्याधुनिक तकनीकी सेल (Technical Cell) की मदद ली और धरातल पर अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया. पुलिस को आरोपी के वर्तमान ठिकाने और उसकी बदली हुई पहचान को लेकर एक ठोस गुप्त सूचना प्राप्त हुई. इसके बाद पुलिस टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए एक विशेष और गोपनीय रणनीति तैयार की.
पुलिसकर्मियों ने अपनी आधिकारिक पहचान छिपाकर और सादे कपड़ों में एक आम नागरिक बनकर आरोपी से संपर्क साधा. टीम ने बेहद सूझबूझ के साथ उसे अपने विश्वास में लिया और अनौपचारिक बातचीत शुरू की. इस लंबी पूछताछ और बातचीत के दौरान जब आरोपी ने अनजाने में अपना वास्तविक नाम और खंडवा का पुराना पता उबला, तो पहले से ही मुस्तैद पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए उसे तुरंत अपनी हिरासत में ले लिया और थाने लाकर विधिवत रूप से गिरफ्तार कर लिया.
📊 3. खंडवा पुलिस 'ऑपरेशन खोज' 2026: एक नजर में मुख्य विवरण
इस महत्वपूर्ण पुलिसिया कार्रवाई और आरोपी के आपराधिक इतिहास का संक्षिप्त विवरण नीचे दी गई तालिका में संकलित है:
| पुलिस कार्रवाई के मुख्य बिंदु | आधिकारिक रिकॉर्ड व विवरण | कार्रवाई में शामिल मुख्य टीम |
| आरोपी का नाम | करतार सिंह पुत्र मानसिंह नायक | थाना प्रभारी (TI): प्रवीण आर्य |
| मूल निवास स्थान | संजय गांधी वार्ड, खंडवा (म.प्र.) | मुख्य आरक्षक: रफीक खान |
| मामला दर्ज होने का वर्ष | वर्ष 1996 (धोखाधड़ी का मामला) | सहयोगी आरक्षक: अनुराग |
| कुल फरारी की अवधि | लगभग 30 वर्ष (तीन दशक) | विशेष अभियान: 'ऑपरेशन खोज' |
| अपराध का तरीका | नाम, हुलिया और ठिकाने बदलकर रहना. | वर्तमान स्थिति: न्यायालय के आदेश पर जेल भेजा गया. |
👮 4. थाना प्रभारी प्रवीण आर्य के नेतृत्व में मिली सफलता: पुलिस टीम को मिलेगा प्रोत्साहन
तीन दशकों से लंबित इस पुराने और पेचीदा मामले को सुलझाने और स्थायी वारंटी को सलाखों के पीछे पहुंचाने में खंडवा पुलिस की इस विशेष टीम ने बेहद सराहनीय भूमिका निभाई है.
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