जबलपुर में मालवीय चौक पर भारी बवाल; TI और कांग्रेस नेता में हाथापाई, 3 पर FIR दर्ज
जबलपुर के मालवीय चौक पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच तीखी झड़प हो गई। TI और कांग्रेस नेता के बीच हाथापाई के बाद 3 नेताओं पर FIR दर्ज हुई है, जिसके विरोध में कांग्रेस ने SP कार्यालय का घेराव किया।
जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर में कांग्रेस के धरना-प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई तीखी झड़प के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. मालवीय चौक पर हुए इस हंगामे के बाद पुलिस ने तीन प्रमुख कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कोतवाली थाने में शासकीय कार्य में बाधा डालने का मामला (FIR) दर्ज किया है, जिसके बाद से शहर का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है.
मामला दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में किए जा रहे प्रदर्शन से जुड़ा है. प्रदर्शन के दौरान पुलिस और नेताओं के बीच हुई झूमाझटकी का वीडियो भी सामने आया है, जिसके बाद कांग्रेस एक बार फिर पुलिस प्रशासन के खिलाफ सड़कों पर उतर आई है.
दिल्ली की घटना के विरोध में 50 से अधिक कांग्रेसी कार्यकर्ता मालवीय चौक पर एकत्र हुए थे और प्रधानमंत्री का पुतला दहन कर सड़क पर बैठ गए. पुलिस का कहना है कि अचानक हुए इस प्रदर्शन से सड़क पर जाम की स्थिति बनने लगी थी.
जब मौके पर मौजूद कोतवाली थाना प्रभारी (TI) मानस द्विवेदी ने कार्यकर्ताओं को सड़क से हटाने की कोशिश की, तो माहौल गर्मा गया. इसी दौरान कांग्रेस नेता आलोक मिश्रा और TI मानस द्विवेदी के बीच तीखी बहस के बाद कॉलर पकड़ने तक की नौबत आ गई और दोनों के बीच जमकर झूमाझटकी हुई.
घटना के दौरान मौजूद कांग्रेस नेता चिंटू चौकसे ने बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को अलग कराया. हालांकि, घटना के बाद पुलिस ने थाना प्रभारी मानस द्विवेदी की शिकायत पर आलोक मिश्रा, चिंटू चौकसे और एक अन्य कांग्रेसी नेता के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने (IPC की संबंधित धाराओं) के तहत कोतवाली थाने में मामला दर्ज कर लिया.
FIR दर्ज होने के विरोध में आक्रोशित कांग्रेस नेताओं ने जबलपुर पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय का घेराव किया. युवक कांग्रेस नेता राहुल रजक ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई पूरी तरह से सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दबाव में की गई है और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
इस पूरे विवाद से जुड़े मुख्य तथ्यों का विवरण नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:
| विवरण / मापदंड | घटनाक्रम व आधिकारिक जानकारी |
| घटना स्थल | मालवीय चौक, जबलपुर (मध्य प्रदेश) |
| मुख्य कारण | राहुल गांधी की गिरफ्तारी का विरोध व पुतला दहन |
| विवाद में शामिल | कांग्रेस नेता आलोक मिश्रा व TI मानस द्विवेदी |
| दर्ज मामला | शासकीय कार्य में बाधा डालने का केस (कोतवाली थाना) |
| नामित आरोपी | आलोक मिश्रा, चिंटू चौकसे व अन्य 1 कांग्रेसी |
| कांग्रेस का रुख | SP दफ्तर का घेराव, राजनीतिक द्वेष का आरोप |
मामले में बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया है.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आम तौर पर होने वाले राजनीतिक प्रदर्शनों की तुलना में यह प्रदर्शन काफी आक्रोशित था, जिसके चलते स्थितियां बिगड़ीं. फिलहाल, FIR रद्द कराने की मांग को लेकर कांग्रेस जबलपुर में आगे भी उग्र आंदोलन की रणनीति बना रही है.
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