मध्य प्रदेश के 5 जिलों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट; भोपाल-इंदौर समेत कई शहरों में वज्रपात की चेतावनी
मध्य प्रदेश में 3 मानसूनी सिस्टम सक्रिय होने से अलीराजपुर, रतलाम, मंदसौर, श्योपुर और पन्ना में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। भोपाल-इंदौर समेत कई जिलों में वज्रपात की चेतावनी। जानिए मौसम विभाग का ताजा अपडेट।
भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर अपनी रफ्तार पकड़ ली है. मौसम केंद्र भोपाल ने प्रदेश के कई जिलों में मूसलाधार बारिश, आकाशीय बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया है.
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मालवा, बुंदेलखंड और चंबल अंचल में बारिश का दौर सबसे ज्यादा प्रभाव दिखाएगा. प्रदेश में एक साथ 3 मानसूनी तंत्र सक्रिय होने के कारण आगामी 24 घंटे बेहद संवेदनशील और अहम माने जा रहे हैं, जिसे देखते हुए प्रशासन ने आम नागरिकों को सतर्क रहने और गैर-जरूरी यात्राओं से बचने की सलाह दी है.
मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार अलीराजपुर, रतलाम, मंदसौर, श्योपुर और पन्ना जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है.
इस दौरान इन इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ेंगी और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं. निचले इलाकों में जलभराव और खुले क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है.
अत्यधिक भारी बारिश वाले जिलों के अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सागर, धार, बैतूल, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम और खरगोन सहित प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने का पूर्वानुमान है.
कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं, जिसे देखते हुए मौसम केंद्र ने किसानों और राहगीरों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है.
मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार वर्तमान में प्रदेश के ऊपर तीन प्रमुख मौसमी तंत्र एक साथ क्रियाशील हैं, जिससे वातावरण में प्रचुर नमी आ रही है.
मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट और बारिश के आंकड़ों का संक्षिप्त ब्योरा नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:
| श्रेणी / विवरण | प्रभावित क्षेत्र व आंकड़े |
| भारी बारिश अलर्ट वाले जिले | अलीराजपुर, रतलाम, मंदसौर, श्योपुर और पन्ना |
| मध्यम बारिश व वज्रपात क्षेत्र | भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सागर आदि |
| मुख्य मौसमी तंत्र | मानसून ट्रफ, ईस्ट-वेस्ट शियर जोन व चक्रवाती परिसंचरण |
| सीजनल बारिश की स्थिति | सामान्य से ~10% कम (पश्चिमी MP: -6%, पूर्वी MP: -13%) |
मौसम केंद्र के अनुसार 25 जुलाई से बारिश की तीव्रता में धीरे-धीरे कमी आने लगेगी. इस दिन केवल धार और रतलाम जैसे चुनिंदा जिलों में भारी बारिश के आसार रहेंगे, जबकि अन्य क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा होगी. वहीं 26 और 27 जुलाई को अधिकांश हिस्सों में केवल छिटपुट बौछारें गिरेंगी.
हालिया दौर की बारिश के बावजूद पूरे मानसून सीजन की बात करें तो प्रदेश में अब भी औसत से लगभग 10 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में 6% और पूर्वी मध्य प्रदेश में 13% की कमी बनी हुई है. उम्मीद है कि वर्तमान स्पेल से यह घाटा काफी हद तक पूरा हो जाएगा.
खराब मौसम और वज्रपात की घटनाओं को देखते हुए मौसम विभाग ने जनहित में निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
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यात्रा से बचें: मौसम खराब होने पर अनावश्यक लंबी यात्राओं से परहेज करें.
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जलभराव से दूरी: उफान वाले नालों, पुल-पुलियों और रपटों को पार करने का जोखिम न उठाएं.
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बिजली से बचाव: गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों या कच्चे ढांचों के नीचे शरण न लें.
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सुरक्षित ड्राइविंग: वाहन चलाते समय गति नियंत्रित रखें और हेडलाइट्स का उपयोग करें.
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