नीट टॉपर्स के लिए डॉक्टरी की पढ़ाई होगी सस्ती; MP में सरकारी व प्राइवेट मेडिकल सीटें बढ़ीं
मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने NEET टॉपर्स को बड़ी राहत देते हुए मेरिट में आने वाले छात्रों की फीस में एक तिहाई (33%) छूट देने का ऐलान किया है। साथ ही 2026 में प्रदेश की मेडिकल सीटें बढ़ाकर 6,020 कर दी गई हैं।
भोपाल। नई दिल्ली में नीट पेपर लीक और शिक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चल रहे छात्र आंदोलनों के बीच मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने नीट अभ्यर्थियों (NEET Aspirants) के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है. राज्य सरकार ने नीट परीक्षा में मेरिट सूची में स्थान बनाने वाले मेधावी छात्रों की शिक्षण फीस में एक तिहाई (लगभग 33%) की कटौती करने का निर्णय लिया है.
इस फैसले से मध्य प्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों के लिए डॉक्टरी की पढ़ाई काफी सस्ती और सुलभ हो जाएगी. इसके साथ ही प्रदेश के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या में भी बड़ा इजाफा किया गया है.
मोहन सरकार के इस नए प्रस्ताव के तहत नीट परीक्षा में बेहतर रैंक और मेरिट हासिल करने वाले विद्यार्थियों को मेडिकल कॉलेजों की भारी-भरकम फीस से राहत मिलेगी.
सरकार द्वारा एक तिहाई फीस का वहन किए जाने से मध्य प्रदेश के ऐसे मध्यमवर्गीय और प्रतिभाशाली छात्र जो फीस के डर से एमबीबीएस की सीट छोड़ देते थे, उन्हें अब डॉक्टरी की पढ़ाई पूरी करने में आसानी होगी.
फीस में राहत देने के साथ-साथ राज्य सरकार ने प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में कुल सीटों की क्षमता भी बढ़ा दी है. सीटों में बढ़ोतरी होने से नीट अभ्यर्थियों को दोहरा लाभ मिलेगा.
एक ओर जहाँ उनकी पढ़ाई का खर्च कम होगा, वहीं दूसरी ओर सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों को एमबीबीएस में दाखिले का अवसर मिल सकेगा.
वर्ष 2023 की तुलना में वर्ष 2026 में मध्य प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में सीटों का ब्योरा नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:
| विवरण / श्रेणी | वर्ष 2023 की स्थिति | वर्ष 2026 की वर्तमान स्थिति |
| कुल मेडिकल सीटें | 4,675 सीटें | 6,020 सीटें |
| सरकारी कॉलेजों में कुल सीटें | 2,275 सीटें | 3,020 सीटें |
| प्राइवेट कॉलेजों में कुल सीटें | 2,400 सीटें | 3,000 सीटें |
| मेरिट कोटा (कुल सीटें) | 4,315 सीटें | 4,520 सीटें |
| सरकारी कॉलेजों में मेरिट कोटा | 2,215 सीटें | 3,020 सीटें |
| प्राइवेट कॉलेजों में मेरिट कोटा | 2,040 सीटें | 1,500 सीटें |
प्रदेश के प्राइवेट और सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दाखिले की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी जाएगी.
मैनेजमेंट कोटे के तहत होने वाले दाखिलों में भी मनमानी नहीं चलेगी. निजी कॉलेजों के मैनेजमेंट कोटे की सीटों पर भी छात्रों का एडमिशन नीट मेरिट लिस्ट के आधार पर राज्य सरकार द्वारा आयोजित की जाने वाली आधिकारिक काउंसलिंग प्रक्रिया के जरिए ही किया जाएगा.
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