सावन में कब-कब निकलेगी बाबा महाकाल की सवारी? श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते बदला गया स्कूलों का समय

सावन में बाबा महाकाल की सवारी और श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए उज्जैन प्रशासन ने स्कूलों की छुट्टी का दिन बदला है। अब सोमवार को स्कूल बंद रहेंगे और रविवार को कक्षाएं लगेंगी। जानें सवारी का पूरा शेड्यूल और रूट।

Jul 25, 2026 - 19:02
0
सावन में कब-कब निकलेगी बाबा महाकाल की सवारी? श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते बदला गया स्कूलों का समय

उज्जैन: भगवान भोलेनाथ की भक्ति का माह श्रावण उज्जैन में निराले तरीके से मनाया जाता है। सावन व भादौ माह में भगवान महाकाल की सवारी निकलती है। सोमवार को निकलने वाली सवारी के दर्शन करने के लिए देशभर से श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। 30 जुलाई से सावन का महीना शुरू होने वाला है। बाबा महाकाल के दरबार में भक्तों का हुजूम उमड़ेगा, जिससे ट्रैफिक का दबाव बढ़ेगा। इसके मद्देनजर स्कूलों की व्यवस्था में परिवर्तन किया गया है।

👑 बाबा की शाही सवारी 7 सितंबर को

सावन-भादौ के प्रति सोमवार को बाबा महाकाल नगर भ्रमण पर निकलते हैं, जिसको लेकर पूरे सवारी मार्ग पर श्रद्धालुओं की व्यवस्थाओं को देखते हुए बैरिकेडिंग की जाएगी। स्कूल बसों व अभिभावक-बच्चों को परेशानी का सामना न करना पड़े, इसलिए जिला प्रशासन ने फैसला लिया है कि उज्जैन में स्कूल सोमवार को बंद रहेंगे। इसके साथ ही रविवार को स्कूल विधिवत लगेंगे। 7 सितम्बर को शाही सवारी के कारण पूरे जिले में अवकाश घोषित रहेगा। यह आदेश निजी व शासकीय सभी स्कूलों पर लागू होगा।

🗓️ महाकाल की सवारी कब-कब निकलेगी?

इस बार सावन-भादौ में 6 सवारियां महाकाल मंदिर से निकलेंगी। सावन में प्रथम सवारी 3 अगस्त, दूसरी सवारी 10 अगस्त, तृतीय सवारी 17 अगस्त और चतुर्थ सवारी 24 अगस्त को निकलेगी। भादौ में पंचम सवारी 31 अगस्त तथा शाही (राजसी) सवारी 7 सितंबर को निकाली जाएगी। इसे देखते हुए 31 अगस्त तक स्कूलों की सोमवार को छुट्टी रहेगी व रविवार को स्कूल लगेंगे।

कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया, "रविवार को स्कूल लगाने का कारण यह है कि बाबा महाकाल की सवारी देखने के लिए देशभर से भक्त उज्जैन पहुंचते हैं। ऐसे में बैरिकेडिंग व भीड़ के दबाव में सिटी में जाने वाली स्कूल बसें फंस जाती हैं, जिससे स्कूली बच्चों व श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।"

🗺️ ऐसा है बाबा महाकाल का सवारी मार्ग

सवारी महाकाल मंदिर से शुरू होकर कोट मोहल्ला, गुदरी चौराहा, कहारवाड़ी, हरसिद्धि की पाल, रामानुज कोट से रामघाट पहुंचती है, जहां बाबा महाकाल का मोक्षदायिनी शिप्रा के जल से अभिषेक व पूजन-अर्चन किया जाता है। इसके बाद सवारी वापस रामानुज कोट, कार्तिक चौक, जगदीश मंदिर, ढाबा रोड, छत्री चौक, गोपाल मंदिर पहुंचती है, जहां हरि से हर का मिलन होता है। जिसके बाद सवारी पटनी बाजार, गुदरी चौराहा होते हुए वापस महाकाल मंदिर पहुंचती है। इसी दौरान मार्ग पर बैरिकेडिंग रहती है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा की एक झलक पाने के लिए यहां पहुंचते हैं।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User