सोशल मीडिया से दूरी और 10 घंटे की पढ़ाई, किसान की बेटी वैष्णवी पटेल ऐसे बनेगी डॉक्टर
मध्य प्रदेश के सागर जिले की वैष्णवी पटेल ने बिना कोचिंग के NEET परीक्षा पास कर मिसाल पेश की है। किसान की बेटी वैष्णवी ने 546 अंक हासिल किए। पढ़ें सफलता की पूरी कहानी।
सागर: सफलता कभी भी संसाधनों की मोहताज नहीं होती। सागर के खुरई के ग्राम निर्तला की होनहार बेटी वैष्णवी पटेल ने सीमित संसाधनों और बिना कोचिंग के नीट परीक्षा (NEET Exam) पास कर इसे चरितार्थ कर दिखाया है। वैष्णवी ने नीट परीक्षा में 546 अंक हासिल कर यह साबित कर दिया है कि स्पष्ट लक्ष्य और अटूट संकल्प के सहारे मंजिल तक पहुंचा जा सकता है।
उनकी यह उपलब्धि न केवल क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणा है, बल्कि उन सभी विद्यार्थियों के लिए भी एक संदेश है, जो कठिन परिस्थितियों में अपने सपनों को साकार करने का साहस रखते हैं।
🎯 अपनी कमियों को आंका और उसे सुधारा
वैष्णवी पटेल ने कहा, "सफलता पाने के मूल मंत्रों में अपनी कमियों का आकलन कर, उन्हें दूर करना भी शामिल है।" इसलिए कक्षा 12वीं के बाद वैष्णवी ने नीट का पहला एग्जाम दिया था, जिसमें उन्हें 340 अंक प्राप्त हुए थे। इसके बाद अपनी कमियों का आकलन कर दूसरे प्रयास के लिए साल भर का अंतराल रखते हुए तैयारी जारी रखी। इस बार उन्होंने पूरी तैयारी स्वयं से घर पर रहकर करने की ठानी और रोजाना 10 घंटे से अधिक पढ़ाई की। लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने के लिए सोशल मीडिया से भी पूरी तरह दूरी बना ली।
👨👩👧 निराशा में परिवार ने दी हिम्मत और आशा
बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद के साथ वैष्णवी ने परीक्षा दी, लेकिन नीट का पेपर लीक होने की खबरों से वह निराश हो गईं। निराशा में डूबती वैष्णवी के लिए परिवार सहारा बना और उसे हिम्मत दी। परिवार ने वैष्णवी को धैर्य रखने और दोबारा मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। अंततः परिजनों के सहयोग और उनकी खुद की मेहनत ने वैष्णवी को सफलता दिलाई और उन्होंने नीट परीक्षा में 546 अंक प्राप्त किए।
🩺 परिवार में पहली डॉक्टर बनेगी वैष्णवी
वैष्णवी के पिता देवेंद्र पटेल पेशे से किसान हैं और जिला मुख्यालय सागर में एक प्राइवेट जॉब भी करते हैं। वैष्णवी की इस सफलता से पूरा परिवार बेहद खुश है और रिश्तेदारों से भी खूब बधाइयां आ रही हैं। वैष्णवी अपने पूरे परिवार में पहली डॉक्टर बनने जा रही हैं।
🏆 पिछले साल भी गांव की एक बेटी ने पास की थी नीट
निर्तला गांव से लगातार दूसरे वर्ष नीट परीक्षा में किसी बेटी ने सफलता प्राप्त की है। बीते साल गांव की ही दीक्षा कुर्मी ने भी नीट परीक्षा पास की थी। लगातार दो सालों में गांव की दो बेटियों के नीट पास करने से ग्रामीणों में भारी उत्साह है। दोनों बेटियों की इस सफलता पर ग्रामीणों ने गांव में स्वागत यात्रा निकाली। आज दीक्षा और वैष्णवी की सफलता गांव के अन्य विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन गई है।
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