खरगोन में पर्यटकों की लापरवाही बनी जानलेवा, तीन महीने में डूबने की चौथी घटना

खरगोन जिले के महेश्वर स्थित सहस्त्रधारा में रील बनाते और नहाते समय इंदौर का एक युवक नर्मदा नदी में बह गया। पिछले तीन महीने में यहां डूबने की यह चौथी घटना है।

Jul 27, 2026 - 10:23
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खरगोन में पर्यटकों की लापरवाही बनी जानलेवा, तीन महीने में डूबने की चौथी घटना

खरगोन। खरगोन जिले के महेश्वर से करीब छह किलोमीटर दूर ग्राम जलकोटी स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल 'सहस्त्रधारा' एक बार फिर एक बड़े हादसे का गवाह बन गया है। रविवार शाम को सोशल मीडिया के लिए रील बनाने और स्नान करने के दौरान इंदौर का एक युवक नर्मदा नदी के तेज बहाव में बह गया। हालांकि, सोमवार सुबह तक रेस्क्यू टीम द्वारा उसकी तलाश जारी थी, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग सका है।

लगातार सामने आ रही इस तरह की दर्दनाक घटनाओं ने सहस्त्रधारा की सुरक्षा व्यवस्था और पर्यटकों की लापरवाही दोनों पर ही बेहद गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले तीन महीनों के भीतर यहां डूबने की यह चौथी घटना है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, हादसे का शिकार हुआ युवक अर्पित (30 वर्ष) पुत्र अमर सिंह हाड़ा, जो कि इंदौर के निपानिया का रहने वाला था, अपने परिवार के साथ महेश्वर घूमने आया था।

उसके साथ उसकी पत्नी, तीन साल का बेटा, छोटा भाई और भाई की पत्नी भी मौजूद थे। रविवार शाम को पूरा परिवार सहस्त्रधारा पहुंचा था। इसी दौरान अर्पित नदी में स्नान करते-करते रील बनाने लगा और अचानक तेज बहाव की चपेट में आ गया। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की और मदद के लिए आवाज लगाई, लेकिन पानी का तेज बहाव इतना अधिक था कि वह देखते ही देखते आंखों से ओझल हो गया। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया है।

सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू कराई। देर शाम तक युवक का पता न चलने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी और सोमवार सुबह एक बार फिर से सर्च ऑपरेशन तेजी से शुरू किया गया।

⚠️ प्रशासन का सख्त कदम: सहस्त्रधारा को किया जा सकता है प्रतिबंधित

एसडीएम पूर्वा मंडलोई ने इस संबंध में बताया कि सहस्त्रधारा क्षेत्र में पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पहले से ही चेतावनी बोर्ड और बैरिकेड्स लगाए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद लापरवाह पर्यटक इन्हें नजरअंदाज करके प्रतिबंधित और खतरनाक हिस्सों तक पहुंच जाते हैं। लगातार हो रहे इन हादसों को गंभीरता से लेते हुए, बारिश के मौसम के दौरान सहस्त्रधारा पर्यटन स्थल को आम नागरिकों के लिए पूरी तरह से प्रतिबंधित करने का बड़ा निर्णय लिया जा रहा है। इसके साथ ही, यहां स्थायी रूप से गोताखोरों की तैनाती करने और अतिरिक्त पुलिस बल उपलब्ध कराने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को उच्चस्तरीय प्रस्ताव भी भेजा जाएगा।

🛑 पहले भी हो चुके हैं कई गंभीर हादसे

गौरतलब है कि बारिश के मौसम में सहस्त्रधारा के पास नर्मदा नदी का जलस्तर और पानी का बहाव अचानक बहुत तेज हो जाता है, जिससे यहां पानी में उतरना जानलेवा साबित हो सकता है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में पर्यटक सुरक्षा चेतावनियों की अनदेखी कर जान जोखिम में डालकर नदी के बीच की चट्टानों तक चले जाते हैं।

बार-बार हो रहे इन हादसों के बावजूद पर्यटकों की जिद और जोखिम उठाने की आदत प्रशासन के लिए सिरदर्द बनी हुई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बरसात के इस मौसम में जब तक सहस्त्रधारा पर पुलिस की सख्त निगरानी, नियमित पेट्रोलिंग और पुख्ता सुरक्षा इंतजाम नहीं किए जाते, तब तक ऐसे हादसों पर रोक लगाना मुमकिन नहीं होगा।

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