जबलपुर के सकरी गांव में सादे कपड़ों में गए पुलिसकर्मियों से झड़प, ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
जबलपुर के तिलवारा क्षेत्र में अवैध शराब की सूचना पर सादे कपड़ों में पहुंचे दो पुलिस जवानों को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया। भारी हंगामे के बाद पुलिस बल ने उन्हें मुक्त कराया।
जबलपुर। तिलवारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सकरी में उस समय भारी तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब अवैध शराब के कारोबार की सूचना मिलने पर सादे कपड़ों में पहुंचे दो पुलिस जवानों को आक्रोशित ग्रामीणों ने बंधक बना लिया। हालांकि, बाद में भारी पुलिस बल के हस्तक्षेप के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया।
🏃♂️ जान बचाकर तिलवारा थाने पहुंचा एक जवान
घटना के दौरान एक पुलिस जवान जैसे-तैसे ग्रामीणों के चंगुल से छूटकर भागने में कामयाब रहा और सीधे तिलवारा थाने पहुंचा। इसके बाद थाने से तुरंत भारी पुलिस बल गांव के लिए रवाना किया गया, जिसने मौके पर पहुंचकर दूसरे जवान को ग्रामीणों के कब्जे से सुरक्षित मुक्त कराया।
🏛️ ग्रामीणों ने थाने के सामने दिया धरना और किया घेराव
इस पूरी घटना के बाद बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और अन्य ग्रामीण आक्रोशित होकर तिलवारा थाने पहुंच गए। उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और थाने का मुख्य घेराव कर दिया। ग्रामीण थाने के ठीक सामने धरने पर बैठ गए, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
🔍 बिना अनुमति जांच के लिए जाने के मामले की भी होगी जांच
करीब डेढ़ घंटे तक चले इस उग्र प्रदर्शन और हंगामे के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की समझाइश और आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ। पुलिस अब इस पहलू की भी गंभीरता से जांच कर रही है कि आखिर ये दोनों जवान बिना किसी अधिकारिक अनुमति के वहां जांच करने क्यों गए थे।
🏠 ग्रामीणों का आरोप: बिना सूचना घर में घुसे थे जवान
तिलवारा थाने में पदस्थ हवलदार पृथ्वीराज और हवलदार राजेश परते गुप्त सूचना पर ग्राम सकरी पहुँचे थे। उस वक्त दोनों ने सादे कपड़े पहने हुए थे। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि दोनों जवान बिना किसी पूर्व सूचना या अधिकारिक आदेश के एक स्थानीय नागरिक के घर में घुस गए और वहाँ परिजनों के साथ धक्का-मुक्की की।
⚠️ पुलिस बताने के बावजूद ग्रामीणों ने नहीं किया यकीन
जब ग्रामीणों ने दोनों को संदिग्ध अवस्था में पकड़ा, तो पकड़े जाने पर उन्होंने खुद को पुलिस कर्मी होना भी बताया, लेकिन सादे कपड़ों में होने के कारण ग्रामीणों ने उनकी बात को नजरअंदाज कर दिया और भड़क उठे।
🤝 सरपंच और वरिष्ठों से चर्चा के बाद छुड़ाए गए जवान
हवलदार राजेश परते किसी तरह वहाँ से जान बचाकर थाने पहुँचे और अधिकारियों को पूरी घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस बल को तुरंत गाँव भेजा गया। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुँचकर ग्राम के सरपंच और गणमान्य लोगों से बातचीत की और हवलदार पृथ्वीराज को सुरक्षित बाहर निकाला।
📋 बिना अनुमति गए थे जवान, गंभीर आरोपों से घिरे
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि दोनों जवानों ने ग्राम सकरी जाने की कोई भी जानकारी थाने के रोजनामचे में दर्ज नहीं कराई थी। साथ ही, मौके पर रवाना होने से पूर्व उन्होंने किसी भी वरिष्ठ अधिकारी से अनुमति लेना भी उचित नहीं समझा था।
⚖️ निष्पक्ष जांच के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ प्रदर्शन
जवानों को मुक्त कराने के बाद ग्रामीण बड़ी संख्या में थाने पहुँचे और पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने आरोप लगाया कि सादे कपड़ों में आए पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया था। अधिकारियों द्वारा मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने का आश्वासन दिए जाने के बाद आखिरकार प्रदर्शन समाप्त हुआ।
🍷 अवैध शराब निर्माण और विक्रय का पुराना है मामला
स्थानीय स्तर पर लंबे समय से यह आरोप लगते रहे हैं कि ग्राम सकरी के कई घरों में अवैध रूप से कच्ची शराब बनाने और बेचने का अवैध कारोबार चल रहा है। इससे पहले भी पुलिस ने इस इलाके से कच्ची शराब ले जाते हुए कई लोगों को पकड़ा था। इसी पुख्ता सूचना के आधार पर दोनों जवान कार्रवाई करने गाँव पहुँचे थे, लेकिन बिना औपचारिक सूचना और सादे कपड़ों में की गई इस कार्रवाई के कारण पूरा मामला गंभीर विवाद में बदल गया।
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