तेज रफ्तार ट्रैक्टर की टक्कर से बाइक सवार की मौत, प्रशासनिक लापरवाही और राजनीति का शिकार हुआ मामला
शिवपुरी के रन्नौद में सड़क हादसे के बाद घायल व्यक्ति 2 घंटे तक तड़पता रहा, लेकिन पुलिस और एम्बुलेंस नहीं पहुंची। अधिकारियों के आने से पहले लोगों ने किया धरना प्रदर्शन।
रन्नौद। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के रन्नौद थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक बेहद दर्दनाक और मानवता को झकझोर देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। इस भीषण हादसे के बाद एक घायल व्यक्ति करीब दो घंटे तक लगातार सड़क किनारे दर्द से तड़पता रहा, लेकिन न तो वक्त पर पुलिस मौके पर पहुँची और न ही कोई एम्बुलेंस उसकी मदद के लिए आ सकी। हद तो तब पार हो गई जब मौके पर पहुँचे कुछ स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नेताओं ने घायल व्यक्ति को तुरंत अस्पताल भिजवाने की संवेदनशीलता दिखाने के बजाय इस पूरी घटना को चुनावी मुद्दा बना लिया और सड़क पर ही धरना देकर बैठ गए।
🏍️ क्या है पूरा मामला? जानिए कैसे हुआ यह सड़क हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम को करीब 4 बजे खरैह गांव के रहने वाले 55 वर्षीय जगदीश जोशी (पिता स्वर्गीय भगवान लाल जोशी) अपनी बाइक से सजाई मार्ग के रास्ते अपने गाँव वापस लौट रहे थे।
जब वे खरैह में स्थित पेट्रोल पंप के पास पहुँचे, तभी सामने से आ रहे एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उनकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। यह टक्कर इतनी ज्यादा भीषण थी कि जगदीश जोशी सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद वहाँ से गुजर रहे राहगीरों ने उन्हें उठाकर सड़क के किनारे किया, जिसके बाद धीरे-धीरे गाँव के दर्जनों लोग भी मौके पर एकत्र हो गए।
🚨 'पुलिस केस' का खौफ और प्रशासनिक व्यवस्था की बड़ी नाकामी
दुर्घटना के बाद अक्सर सामने आने वाले 'पुलिस केस' के अनावश्यक डर और झंझट के कारण मौके पर मौजूद किसी भी राहगीर या ग्रामीण ने घायल व्यक्ति को अपनी निजी गाड़ी से अस्पताल ले जाने की हिम्मत नहीं जुटाई।
इस गंभीर मामले को लेकर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विजय रघुवंशी का सीधा आरोप है कि उन्होंने दुर्घटना के तुरंत बाद रन्नौद थाना प्रभारी, स्थानीय एसडीएम (SDM) और तहसीलदार सभी जिम्मेदार अधिकारियों को कई-कई बार फोन कॉल किए। लेकिन एक घंटे से अधिक लंबा समय बीत जाने के बाद भी कोई भी प्रशासनिक अधिकारी या डायल-100 पुलिस वाहन मौके पर नहीं पहुँचा।
⚖️ अस्पताल भिजवाने के बजाय शव के पास शुरू हो गया राजनीतिक धरना
करीब दो घंटे तक जब कोई भी सरकारी या चिकित्सकीय मदद मौके पर नहीं पहुँची, तो आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय ग्रामीणों ने शव के पास ही सड़क पर बैठकर जोरदार धरना शुरू कर दिया।
कांग्रेस अध्यक्ष विजय रघुवंशी का कहना है कि रन्नौद पुलिस की घोर लापरवाही और उदासीनता के कारण ही समय पर उचित इलाज न मिल पाने की वजह से व्यक्ति की सांसें थम गईं। मृतक को न्याय दिलाने के लिए ही उन्हें मजबूरन सड़क पर धरने पर बैठना पड़ा। वहीं दूसरी ओर, मौके पर मौजूद कई प्रत्यक्षदर्शियों का यह भी मानना है कि यदि हादसे के तुरंत बाद आपसी बहसबाजी और राजनीति करने के बजाय लोग घायल व्यक्ति को किसी भी साधन से तुरंत अस्पताल पहुँचा देते, तो शायद समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बचाई जा सकती थी।
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