अजयगढ़ विकासखंड के छात्रों ने कलेक्टर से की शिकायत, तकनीकी खामी के कारण रुका साइकिलों का वितरण
पन्ना के अजयगढ़ में समग्र पोर्टल की तकनीकी त्रुटि के कारण छात्र-छात्राओं को साइकिल नहीं मिल पाई है। बच्चे रोज 5 किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल जाने को मजबूर हैं।
पन्ना: मध्य प्रदेश शासन द्वारा स्कूली छात्र-छात्राओं की सुविधा के लिए साइकिल वितरण योजना चलाई जा रही है। इस महत्वाकांक्षी योजना के नियमों के अनुसार, यदि किसी छात्र या छात्रा के घर से स्कूल की दूरी 2 किलोमीटर या उससे अधिक है, तो शासन की तरफ से उन्हें मुफ्त साइकिल प्रदान की जाती है। लेकिन पन्ना जिले के अजयगढ़ विकासखंड में समग्र पोर्टल (Samagra Portal) पर तकनीकी त्रुटि होने के कारण करीब दो दर्जन बच्चों को इस योजना का लाभ नहीं मिल सका है। इस तकनीकी खामी के चलते ये बच्चे रोजाना लगभग 5 किलोमीटर का लंबा सफर पैदल तय करके स्कूल जाने को मजबूर हैं। परेशान छात्रों ने अपनी इस समस्या को लेकर पन्ना कलेक्टर से औपचारिक शिकायत की है और जल्द से जल्द साइकिल दिलाने की पुरजोर मांग की है।
🚶♂️ 5 किलोमीटर पैदल चलकर रोजाना स्कूल जाने को विवश हैं नौनिहाल
यह पूरा मामला पन्ना जिले के अजयगढ़ विकासखंड के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत खोरा में स्थित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का है। यहाँ कक्षा नवमी और दसवीं में पढ़ने वाले करीब दो दर्जन विद्यार्थी ऐसे हैं, जो खोरा स्कूल से लगभग 5 किलोमीटर दूर ग्रामीण इलाकों में निवास करते हैं।
इन छात्र-छात्राओं को रोजाना अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए विद्यालय तक पहुँचने के वास्ते 5 किलोमीटर का सफर पैदल ही तय करना पड़ता है। जबकि मध्य प्रदेश शासन के स्पष्ट निर्देश और योजना यह कहती है कि स्कूल से दूरी 2 किलोमीटर से अधिक होने पर बच्चों को मुफ्त साइकिल दी जानी चाहिए। इसके बावजूद इन बच्चों को अब तक साइकिल का वितरण नहीं किया जा सका है, जिससे परेशान होकर बच्चों ने अब पन्ना कलेक्टर के पास अपनी गुहार लगाई है।
👧 स्कूली छात्रा सोनम की जुबानी, क्या है बच्चों की मुख्य परेशानी?
विद्यालय में अध्यनरत छात्रा सोनम ने अपनी इस समस्या के बारे में बताते हुए कहा, ''मेरा स्कूल मेरे घर से करीब 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। खोरा स्कूल के प्रिंसिपल तकनीकी कारणों से हमें साइकिल उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। इस वजह से मुझे और मेरे जैसे कई अन्य विद्यार्थियों को रोजाना आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। हम पन्ना कलेक्टर से यही शिकायत करने आए हैं कि हमारी इस समस्या का समाधान किया जाए और हमें जल्द से जल्द साइकिल दिलाई जाए।''
💻 तकनीकी और पोर्टल की समस्याओं के कारण छात्रों को नहीं मिल रहा योजना का लाभ
खोरा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रिंसिपल रामदास अहिरवार ने इस पूरे मामले पर अपनी बात रखते हुए बताया, ''हम पूरी तरह चाहते हैं कि सभी पात्र छात्र-छात्राओं को समय पर साइकिल का वितरण हो जाए, लेकिन इसके आड़े एक बड़ी तकनीकी समस्या आ रही है। हायर सेकंडरी विद्यालय ग्राम पंचायत खोरा के मुख्य मुख्यालय पर स्थित है, और इन बच्चियों का निवास ग्राम पंचायत खोरा के ही अंतर्गत आने वाले एक अन्य क्षेत्र में है।''
उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि समग्र पोर्टल पर इन सभी बच्चों की आईडी खोरा ग्राम पंचायत में ही दर्ज दिखा रही है, जिसके कारण पोर्टल की तकनीकी गणना के अनुसार इन बच्चियों को योजना का लाभ तकनीकी रूप से नहीं मिल पा रहा है।
खोरा ग्राम पंचायत का भौगोलिक क्षेत्रफल काफी बड़ा है, जिसमें कई छोटे-छोटे गांव और मजरा-टोले मुख्य पंचायत से 5 से 7 किलोमीटर की दूरी पर बसे हुए हैं। इन बच्चियों का गांव भी स्कूल से 5 किलोमीटर दूर स्थित है, लेकिन पोर्टल की इस तकनीकी समस्या का समाधान केवल जिला स्तर के अधिकारियों द्वारा ही किया जा सकता है। प्रिंसिपल ने कहा कि जिला अधिकारियों से जैसा भी मार्गदर्शन या आदेश प्राप्त होगा, उसी के अनुसार आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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