किसानों के आंदोलन के बाद सरकार का बड़ा फैसला, अब बिना ई-टोकन भी मिलेगी खाद
मध्य प्रदेश में किसानों की मांग और आंदोलन के बाद खाद वितरण व्यवस्था में बदलाव किया गया है। अब राज्य में हाइब्रिड मोड लागू कर दिया गया है, जिससे किसान बिना ई-टोकन के भी खाद खरीद सकेंगे।
सागर : मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में अब किसान आंदोलन का साफ असर नजर आने लगा है। वैसे तो प्रदेश के किसान मुख्य रूप से मूंग की फसल की खरीदी को लेकर विरोध प्रदर्शन और आंदोलन कर रहे थे, लेकिन सरकार के साथ चली बैठकों और बातचीत के दौरान किसानों की अन्य व्यावहारिक समस्याओं पर भी गंभीर चर्चा हुई। इसके परिणामस्वरूप सरकार ने खाद वितरण और ई-टोकन की जटिल व्यवस्था को लेकर एक बहुत बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है। अब राज्य के किसान बिना ई-टोकन के भी आसानी से अपनी जरूरत के मुताबिक खाद खरीद सकेंगे। दरअसल, राज्य सरकार द्वारा उर्वरक वितरण के लिए पहले लागू की गई ई-टोकन व्यवस्था में संशोधन करते हुए अब इसकी जगह एक नई 'हाइब्रिड व्यवस्था' लागू कर दी गई है। अब किसान ई-टोकन और बिना ई-टोकन, दोनों ही हालातों में सुगमता से खाद प्राप्त कर सकेंगे।
🔄 अब हाइब्रिड मोड पर मिलेगी खाद, किसानों को मिली बड़ी राहत
किसानों की लगातार नाराजगी और प्रदर्शन के बाद मध्य प्रदेश सरकार के कृषि कल्याण विभाग ने प्रदेशभर में उर्वरक वितरण व्यवस्था को पूरी तरह से 'हाइब्रिड मोड' में संचालित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) प्रणाली के माध्यम से 1 अप्रैल 2026 से शुरू की गई उर्वरक वितरण व्यवस्था में आंशिक संशोधन करते हुए, 30 जुलाई 2026 से सरकार द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशों के आधार पर अब खाद का वितरण हाइब्रिड मोड में किया जाएगा।
इस नए हाइब्रिड मोड के तहत खाद प्राप्त करने के लिए किसानों को अपने आधार कार्ड की फोटोकॉपी, मोबाइल नंबर और कंपनीवार (जैसे- यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी, एमओपी) खाद की मात्रा की पूरी जानकारी अनिवार्य रूप से दर्ज करानी होगी। इसके बाद विक्रय की गई इस मात्रा को बाद में आधिकारिक ई-विकास पोर्टल पर अपडेट करना होगा। यह पूरी नई व्यवस्था पैक्स (PACS), विपणन संघ के डबल लॉक केंद्रों, एमपी एग्रो के विक्रय केंद्रों के साथ-साथ सभी निजी उर्वरक विक्रेताओं पर भी समान रूप से लागू होगी। इस संबंध में सभी संबंधित शासकीय संस्थाओं और प्राइवेट दुकानदारों को विस्तृत निर्देश जारी कर इसका सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
📋 30 जुलाई से बदली व्यवस्था, किसानों को पूरी करनी होगी यह प्रक्रिया
राज्य के कृषि कल्याण विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि किसानों को खाद की उपलब्धता बेहद सुचारू रूप से बिना किसी रुकावट के मिलती रहे, इसलिए यह अंतरिम व्यवस्था लागू की गई है। इस पर बात करते हुए कृषि विभाग के उप संचालक राजेश त्रिपाठी ने बताया कि, ''सरकार ने 30 जुलाई से किसानों की सुविधा को सर्वोपरि रखते हुए ई-टोकन व्यवस्था के साथ-साथ इस प्रक्रिया का सरलीकरण किया है और हाइब्रिड व्यवस्था की शुरुआत की है। अब किसान भाई ई-टोकन के साथ-साथ अपनी पुरानी व्यवस्था की तरह भी सीधे खाद खरीद सकेंगे।''
अब कोई भी किसान अपने जरूरी दस्तावेज लेकर किसी भी सरकारी या निजी केंद्र से आसानी से खाद खरीद सकता है। इसके लिए किसानों के पास मुख्य रूप से उनका आधार कार्ड और ऋण पुस्तिका (खेत के दस्तावेज) होना आवश्यक है।
उन्होंने आगे जानकारी देते हुए यह भी आश्वस्त किया कि, ''हमारे जिले में इस वक्त पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है, जिसमें लगभग 30 हजार मीट्रिक टन और 15 हजार मीट्रिक टन उर्वरक प्रचुर मात्रा में मौजूद है। जिले में खाद की किसी भी प्रकार की कोई कमी या समस्या नहीं है। यदि किसी किसान के पास सभी जरूरी दस्तावेज हैं, तो वे ई-टोकन के जरिए और यदि दस्तावेज नहीं हैं, तो वे पहले की तरह सामान्य प्रक्रिया से भी खाद ले सकते हैं।''
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