छिंदवाड़ा में यातायात पुलिस की सख्त कार्रवाई, नंबर प्लेट से छेड़छाड़ और काली फिल्म वालों पर कटेगा चालान

छिंदवाड़ा में यातायात पुलिस ने नंबर प्लेट से छेड़छाड़ और नियम विरुद्ध हूटर लगाने वालों के खिलाफ 15 दिन का विशेष अभियान शुरू किया है। जानिए क्या हैं नियम।

Aug 01, 2026 - 12:00
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छिंदवाड़ा में यातायात पुलिस की सख्त कार्रवाई, नंबर प्लेट से छेड़छाड़ और काली फिल्म वालों पर कटेगा चालान

छिंदवाड़ा: अपना रोब और भौकाल जमाने के लिए यदि कोई वाहन चालक अपनी कार की छत पर नियम के विरुद्ध जाकर हूटर, लाल-नीली बत्तियां लगवाता है, या फिर अपनी गाड़ी की नंबर प्लेट से छेड़छाड़ कर उस पर कुछ भी आपत्तिजनक या पदनाम लिखवाता है, तो ऐसे लोगों की अब बिल्कुल भी खैर नहीं होगी। इसका कारण यह है कि छिंदवाड़ा यातायात पुलिस द्वारा ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए आगामी 15 दिनों तक एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान उन तमाम वाहन चालकों पर शिकंजा कसा जाएगा जो नंबर प्लेट से छेड़छाड़ करते हैं या अपनी गाड़ियों पर अवैध रूप से बत्तियां और डार्क ब्लैक फिल्म लगाकर फर्राटा भरते हैं।

🚨 कार की नंबर प्लेट से छेड़छाड़ और हूटर लगाने वालों पर यातायात विभाग का कड़ा एक्शन

छिंदवाड़ा के यातायात डीएसपी रामेश्वर प्रसाद चौबे ने इस विशेष अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि, ''1 अगस्त से 15 अगस्त तक यातायात विभाग द्वारा एक विशेष अभियान चलाकर ऐसे तमाम लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है, जो अपनी कार, बाइक या अन्य दोपहिया वाहनों की नंबर प्लेट से छेड़छाड़ कर उस पर अनाप-शनाप या अपना पदनाम लिखवा लेते हैं।''

उन्होंने आगे बताया कि नंबर प्लेट के ऊपर अपने रुतबे को दर्शाने के लिए पदनाम या स्लोगन लिखवाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही, कई लोग अपनी गाड़ियों में नियम के विरुद्ध जाकर अवैध रूप से हूटर और फ्लैश लाइट लगाकर चलते हैं, ऐसे सभी वाहनों के खिलाफ भी मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालानी और जब्ती की कार्रवाई की जाएगी।

🏛️ भोपाल में महापौर की गाड़ी से भी उतारी गई थी नेम प्लेट और हूटर

आपको बता दें कि कुछ दिन पहले ही छिंदवाड़ा नगर पालिक निगम के महापौर विक्रम आहके जब अपनी सरकारी या निजी कार से भोपाल प्रवास पर गए थे, तब एमपी नगर इलाके के पास चेकिंग के दौरान उनकी कार पर लगी 'महापौर' लिखी हुई तख्ती और अवैध हूटर को पुलिस ने उतरवा लिया था।

साथ ही, नियमों का उल्लंघन करने पर 3,000 रुपये की चालानी कार्रवाई भी की गई थी। इस घटना के बाद से हालांकि महापौर ने अपनी गाड़ी से नेम प्लेट हटवा ली है, लेकिन इसके बावजूद छिंदवाड़ा शहर में कई ऐसे रसूखदार और राजनीतिक दलों के स्थानीय नेता हैं, जिनकी गाड़ियों पर आज भी हूटर के साथ-साथ उनके पदों के नाम की तख्तियां शान से लगी हुई हैं।

⚖️ जानिए आखिर कौन लोग कानूनी रूप से अपनी गाड़ियों पर लगा सकते हैं हूटर और फ्लैश लाइट

यातायात विभाग के डीएसपी रामेश्वर प्रसाद चौबे ने स्पष्ट किया कि भारत के मोटर व्हीकल एक्ट के नियमों के मुताबिक, देश में केवल कुछ चुनिंदा आपातकालीन और आधिकारिक सरकारी वाहनों में ही हूटर और फ्लैश लाइट (बत्ती) लगाने की कानूनी अनुमति दी गई है।

आम नागरिकों, मंत्रियों या जनप्रतिनिधियों के निजी वाहनों के लिए इनका उपयोग करना पूरी तरह से अवैध और गैरकानूनी है। जिन वाहनों को यह अनुमति प्राप्त है, उनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • पुलिस वाहन: कानून व्यवस्था बनाए रखने, गश्त करने और आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए उपयोग होने वाली गाड़ियां।

  • एम्बुलेंस: मरीजों की बहुमूल्य जान बचाने और उन्हें कम से कम समय में अस्पताल पहुँचाने वाले मेडिकल वाहन।

  • फायर ब्रिगेड (अग्निशमन सेवाएं): आगजनी की घटनाओं पर काबू पाने और आग बुझाने वाली गाड़ियां।

  • आपदा प्रबंधन: किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदा या आपातकालीन राहत कार्यों से जुड़े आधिकारिक वाहन।

  • न्यायिक अधिकारी: कुछ विशिष्ट न्यायिक दंडाधिकारी स्तर के अधिकारियों को भी निर्धारित नियमों के तहत फ्लैशलाइट और हूटर लगाने की छूट मिलती है।

💸 नंबर प्लेट से छेड़छाड़ की तो हो सकती है भारी आर्थिक पेनल्टी और जब्ती

केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम के नियम 50 के अनुसार, किसी भी गाड़ी की नंबर प्लेट पर अपना पदनाम, नाम, जाति, धर्म, किसी भी प्रकार का राजनीतिक लोगो या कोई भी स्लोगन लिखना पूरी तरह से गैरकानूनी कृत्य है।

नंबर प्लेट पर केवल भारत सरकार द्वारा निर्धारित आधिकारिक पंजीकरण संख्या (Registration Number) ही साफ और स्पष्ट शब्दों में मानक फॉन्ट में लिखी होनी चाहिए। अक्सर देखने में आता है कि लोग अपना रौब झाड़ने के लिए नंबर प्लेट के भीतर या उसके आसपास कई तरह के स्लोगन या पदनाम लिखवा लेते हैं।

इसी गैरकानूनी प्रवृत्ति पर लगाम कसने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत 500 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक की भारी-भरकम चालानी कार्रवाई की जा सकती है। यदि कोई वाहन चालक बार-बार समझाने के बावजूद इन्हीं नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो यातायात पुलिस द्वारा उसका वाहन पूरी तरह से जप्त भी किया जा सकता है।

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