जहरीली शराब से मौत के मुंह से बचे लोगों पर अंधापन का खतरा, 3 गंभीर मरीज एम्स भोपाल रेफर

सागर के बंडा में जहरीली शराब कांड के बाद प्रभावित गांवों में 37 मरीजों की आंखों की रोशनी पर खतरा मंडराया है। 3 गंभीर मरीजों को एम्स भोपाल रेफर किया गया।

Sep 17, 2026 - 18:05
0
जहरीली शराब से मौत के मुंह से बचे लोगों पर अंधापन का खतरा, 3 गंभीर मरीज एम्स भोपाल रेफर

सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले अंतर्गत बंडा विधानसभा क्षेत्र के आसपास के गांवों में जहरीली कच्ची शराब ने ऐसा खौफनाक तांडव मचाया है कि लोग आज भी दहशत में हैं।

जिला प्रशासन ने अब तक जहरीली शराब के सेवन से 13 लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि की है, जबकि कांग्रेस पार्टी 50 से अधिक मौतों का दावा कर रही है। इस समय करीब 15 लोग गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से 6 की हालत अति-चिंताजनक बनी हुई है। कई परिवारों के चिराग बुझाने के बाद अब इस शराबकांड में मौत के मुंह से बच निकले लोगों पर स्थायी रूप से अंधापन छाने का नया संकट खड़ा हो गया है।

👁️ प्रभावित 10 गांवों में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर: जांच में सामने आए नेत्र रोग से पीड़ित 37 नए मरीज

बंडा शराबकांड के बाद पीड़ित गांवों में अचानक आंखों की समस्याएं बढ़ने से प्रशासन की चिंताएं दोगुनी हो गई हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए बंडा और शाहगढ़ विकासखंड के 10 प्रभावित गांवों—पाटन, चौका, बमूरा, छापरी, नौराज, गूगरा खुर्द, डिलोना, खटोरा खुर्द, बुढ़ना एवं घुरमार में 7 दिवसीय विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए गए हैं। सीएमएचओ (CMHO) देवेश पटैरिया ने बताया कि शिविर में कुल 226 लोगों का परीक्षण किया गया, जिनमें से 37 मरीज आंखों की रोशनी कम होने अथवा नेत्र रोग से पीड़ित पाए गए हैं। हालांकि, पीड़ित ग्रामीण शराब पीने की बात खुलकर स्वीकार करने से हिचकिचा रहे हैं।

🏥 3 मरीजों की दृष्टि पर गंभीर असर: बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज से एम्स भोपाल किए गए रेफर

शिविरों में मेडिकल ऑफिसर, नेत्र विशेषज्ञ, आप्टोमेट्रिस्ट और सीएचओ की विशेष टीमें तैनात की गई हैं।

बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) सागर में भर्ती शराबकांड के पीड़ितों में से कुछ मरीजों की आंखों की नसें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद कुछ मरीजों में सुधार हुआ है, लेकिन 3 मरीजों की आंखों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर सुपर-स्पेशियलिटी इलाज के लिए तत्काल एम्स भोपाल (AIIMS Bhopal) रेफर कर दिया गया है। इसके साथ ही डिस्चार्ज हो चुके मरीजों का भी फॉलोअप लिया जा रहा है।

🧪 मेथेनॉल मिली कच्ची शराब जहरीला रसायन: एक्सपर्ट बोले- 50 ग्राम भी ले सकती है जान

भोपाल के प्रसिद्ध नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश त्रिपाठी के अनुसार, देसी या अंग्रेजी शराब में इथेनॉल होता है, लेकिन अवैध व कच्ची शराब में अधिक नशा पैदा करने के लिए तस्कर उसमें 'मेथेनॉल' (Methanol) मिला देते हैं।

मेथेनॉल एक अत्यंत विषैला और जानलेवा रसायन है। यदि शराब में 50 से 100 मिलीग्राम मेथेनॉल भी घुल जाए, तो यह इंसान को तुरंत मौत के मुंह में धकेलने के लिए पर्याप्त है।

🧠 नर्वस सिस्टम और ऑप्टिक नर्व को तबाह कर देता है मेथेनॉल: परमानेंट ब्लाइंडनेस का भारी खतरा

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि मेथेनॉल शरीर के अंदर प्रवेश करते ही सीधे सेंट्रल नर्वस सिस्टम पर जानलेवा हमला करता है।

यह रसायन आंखों की मुख्य रोशनी देने वाली 'ऑप्टिक नर्व' (Optic Nerve) को पूरी तरह से क्षतिग्रस्त और सुखा देता है। यही कारण है कि जहरीली शराब पीकर जो लोग किसी तरह जीवित बच भी जाते हैं, उनके जीवनभर के लिए स्थायी रूप से अंधे होने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User