मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई से पहले फिर होगी झमाझम बारिश! जानें कब सक्रिय होगा नया सिस्टम

मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई से पहले सितंबर के आखिरी सप्ताह में नया बारिश का दौर आएगा। बंगाल की खाड़ी में बनने वाले सिस्टम से कई जिलों में बारिश के आसार।

Sep 17, 2026 - 18:17
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मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई से पहले फिर होगी झमाझम बारिश! जानें कब सक्रिय होगा नया सिस्टम

भोपाल। मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब धीरे-धीरे विदाई की ओर बढ़ रहा है, लेकिन जाने से पहले बारिश का एक और दौर पूरे प्रदेश को भिगो सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल के अनुसार, 2 अक्टूबर के आसपास मानसून की सामान्य विदाई से पहले सितंबर के आखिरी सप्ताह में बंगाल की खाड़ी में बनने वाला नया चक्रवाती सिस्टम राज्य में बारिश की गतिविधियों को बढ़ा सकता है। फिलहाल प्रदेश में दीर्घकालिक औसत से करीब 7 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है, लेकिन उम्मीद है कि मानसून के अंत तक यह कमी सामान्य सीमा के भीतर ही सिमट जाएगी। बता दें कि प्रदेश की औसत मौसमी बारिश का कोटा 37.3 इंच रहता है।

📊 प्रदेश में अब तक 7% कम वर्षा, पश्चिमी मध्य प्रदेश में 11% का घाटा: कोटा पूरा होना मुश्किल

वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, 1 जून से 17 सितंबर तक मध्य प्रदेश में औसत से 7 प्रतिशत कम पानी गिरा है।

क्षेत्रवार स्थिति देखें तो पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 2 प्रतिशत कम, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में 11 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि विदाई से पहले भले ही अच्छी बारिश हो जाए, लेकिन प्रदेश में मानसून का कुल कोटा पूरा होना काफी कठिन दिख रहा है। हालांकि, अंतिम आंकड़ा आधिकारिक तौर पर 'सामान्य बारिश' के दायरे में ही बना रहेगा।

🌀 18 सितंबर से बंगाल की खाड़ी में बनेगा चक्रवाती तंत्र: 19 सितंबर को निम्न दबाव में बदलने के संकेत

मौसम केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, विदाई से पहले मानसून का एक और सशक्त दौर देखने को मिल सकता है।

18 सितंबर की शाम तक बंगाल की खाड़ी में एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बनने की प्रबल संभावना है। इसके असर से 19 सितंबर तक निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) आकार ले सकता है। यदि यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ता है, तो मध्य प्रदेश में सितंबर के अंतिम सप्ताह में झमाझम बारिश होगी। हालांकि, 20 सितंबर तक भारी या अति भारी बारिश की चेतावनी जारी नहीं की गई है।

☔ पिछले 24 घंटों में 32 जिलों में बरसे बादल: हाटपिपलिया में पौने 2 इंच बारिश दर्ज

प्रदेश में स्थानीय मौसमी तंत्र के प्रभाव से पिछले 24 घंटों के दौरान 32 जिलों में हल्की से मध्यम बौछारें पड़ी हैं।

भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, सागर, दमोह, पन्ना, रीवा, सतना, शहडोल, धार, खरगोन, खंडवा और देवास सहित कई जिलों में बादल बरसे। सबसे अधिक बारिश देवास जिले के हाटपिपलिया में 45 मिमी (पौने दो इंच) रिकॉर्ड की गई, जबकि सागर के रहटगढ़ में 29.4 मिमी और सतना में 25.2 मिमी पानी गिरा।

📅 बीते 13 सालों का ट्रेंड: सितंबर के आखिरी हफ्ते में हर साल होती है बारिश

भोपाल मौसम केंद्र के बीते 13 वर्षों के आंकड़े दर्शाते हैं कि सितंबर के आखिरी सप्ताह में मध्य प्रदेश में बारिश का ट्रेंड लगातार बना रहता है।

अंतिम दिनों में कभी एक दिन तो कभी लगातार पांच दिनों तक बारिश दर्ज की गई है। साल 2019 में जहां पूरे सप्ताह बारिश हुई थी, वहीं साल 2025 में भी तीन दिनों तक बादल बरसे थे। इसके अतिरिक्त 2023 और 2024 में सितंबर के अंतिम दिनों में एक ही दिन में दो इंच से अधिक पानी गिरने का रिकॉर्ड दर्ज है।

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