छतरपुर के एक हॉस्टल से रहस्यमय तरीके से तीन बच्चे लापता, रात 12 बजे दीवार फांदकर भागे छात्र
छतरपुर के एक हॉस्टल से 10वीं के तीन बच्चे लापता हो गए हैं। बच्चे हॉस्टल में नोट छोड़ गए हैं कि वे एग्जाम के वक्त वापस आएंगे। पुलिस सीसीटीवी खंगाल रही है।
छतरपुर: बुंदेलखंड के छतरपुर जिले में स्थित एक हॉस्टल में पढ़ाई कर रहे तीन बच्चे अचानक लापता हो गए हैं। इस सनसनीखेज मामले की जानकारी जब बच्चों के परिजनों को लगी, तो हॉस्टल परिसर में भारी हंगामा खड़ा हो गया और परिजनों ने हॉस्टल संचालक पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए। घटना की जानकारी मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए हॉस्टल संचालक और परिजनों से पूछताछ शुरू कर दी है और इलाके के तमाम सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
🏫 एजुकेशन हब बनते छतरपुर में हॉस्टल की सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल
बुंदेलखंड क्षेत्र का छतरपुर लगातार एक प्रमुख एजुकेशन हब के रूप में विकसित हो रहा है। यहाँ के स्थानीय जिलों और ग्रामीण अंचलों से बड़ी संख्या में बच्चे आकर हॉस्टल में रहकर अपनी पढ़ाई करते हैं।
लेकिन बच्चों की सुरक्षा और देखभाल के मामले में कई बार हॉस्टल संचालकों की बड़ी लापरवाही सामने आ जाती है। शनिवार को इसका एक गंभीर उदाहरण तब देखने को मिला, जब शहर के एक निजी हॉस्टल से एक साथ तीन छात्र रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए। बच्चे न तो अपने घर पहुँचे और न ही किसी रिश्तेदार या दोस्तों के यहाँ गए। जब परिजनों को इसकी भनक लगी, तो वे तुरंत हॉस्टल पहुँचे और प्रबंधन के खिलाफ रोष जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
🌙 रात 12 बजे दीवार फांदकर भागे छात्र, परिजनों और संचालक में हुई तीखी नोकझोंक
यह पूरा मामला छतरपुर शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सटई रोड स्थित पीताम्बरा मंदिर के पास का है, जहाँ 'मां शारदा' के नाम से एक हॉस्टल संचालित होता है।
इसी हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करने वाले 3 छात्र अचानक गायब हो गए। इस बात को लेकर परिजनों और हॉस्टल संचालक के बीच तीखी बहस और कहासुनी हो गई, जिसके बाद मामला पुलिस थाने तक जा पहुँचा।
लापता छात्र सत्यम के पिता मातादीन पटेल ने रोते हुए बताया कि, "हॉस्टल संचालक का कहना है कि बच्चा रात को 12 बजे भाग गया और हमने उसे पकड़ने की कोशिश भी की थी, लेकिन वह हाथ नहीं आया।" उन्होंने बताया कि उनका बेटा सत्यम पिछले 3 वर्षों से इसी हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहा था। बीती रात गायब हुए इन तीन बच्चों में एक छात्र उत्तर प्रदेश के बांदा का रहने वाला है, जबकि दूसरा छात्र छतरपुर जिले के चंदला का रहने वाला है।
📝 हॉस्टल में छोड़ गए नोट: "एग्जाम के समय वापस आ जाएंगे, परेशान मत होना"
इस पूरे मामले पर सफाई देते हुए हॉस्टल संचालक राजकुमार उपाध्याय ने बताया कि, "ये तीनों बच्चे (सत्यम, दीपक और अंकित, जो कक्षा 10वीं के छात्र हैं) रात के समय हॉस्टल की दीवार फांदकर भाग गए। हमने उन्हें रोकने और पकड़ने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन रात के अंधेरे का फायदा उठाकर वे भागने में सफल रहे।"
संचालक ने बताया कि बच्चे अपने पीछे एक नोट भी छोड़ गए हैं, जिस पर लिखा हुआ है— "हम तीनों परीक्षा के समय वापस आ जाएंगे, हमारे लिए परेशान मत होना।"
फिलहाल पुलिस बच्चों का सुराग लगाने के लिए शहर के रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थानों के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाल रही है और आने-जाने वाले लोगों को बच्चों की तस्वीरें दिखाकर लगातार पूछताछ कर रही है।
👮 पुलिस बोली- मामले की गंभीरता से जांच जारी, तलाश के लिए खंगाले जा रहे सीसीटीवी
इस पूरे घटनाक्रम के संबंध में सिविल लाइन थाना प्रभारी आशुतोष श्रोती ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि, "परिजनों की शिकायत हमारे पास आ चुकी है और मामले की बहुत ही बारीकी से जांच की जा रही है।"
उन्होंने आश्वस्त किया कि रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य संदिग्ध मार्गों के सीसीटीवी कैमरे तलाशे जा रहे हैं, ताकि जल्द से जल्द बच्चों का पता लगाया जा सके और उन्हें सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुँचाया जा सके।
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