मध्य प्रदेश में बढ़ा सोयाबीन का रकबा, जानिए इंदौर मंडी में तेल और सोयाबीन के ताजा भाव
खरीफ 2026 में देश और मध्य प्रदेश में सोयाबीन का रकबा सुधरा है। फसल की स्थिति अच्छी होने के साथ इंदौर मंडी और विभिन्न प्लांट्स में सोयाबीन व तेल के ताजा भाव जानें।
इंदौर : जुलाई के महीने में मानसून की सक्रियता बेहतर होने के कारण खरीफ 2026 सीजन में सोयाबीन की बोवनी (बुआई) के आंकड़ों में काफी सुधार देखने को मिला है। आगामी 31 जुलाई तक पूरे देश में सोयाबीन का कुल रकबा 117.68 लाख हेक्टेयर तक पहुँच चुका है, जो पिछले वर्ष के इसी समय के 118.52 लाख हेक्टेयर से केवल 0.7 फीसदी ही कम है।
केंद्रीय कृषि मंत्रालय से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में इस बार सोयाबीन का रकबा पिछले वर्ष की तुलना में अधिक दर्ज किया गया है। देश के सबसे बड़े सोयाबीन उत्पादक राज्य मध्य प्रदेश में बोवनी करीब 2 फीसदी बढ़कर 52.09 लाख हेक्टेयर हो गई है, जबकि गुजरात राज्य में लगभग 10 फीसदी की शानदार वृद्धि दर्ज की गई है।
इसके विपरीत, उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में तो सोयाबीन का रकबा पिछले वर्ष की तुलना में लगभग दोगुना तक पहुँच गया है। हालाँकि, कुछ राज्यों में मामूली गिरावट भी आई है; जैसे महाराष्ट्र में रकबा 3.84 प्रतिशत घटकर 46.56 लाख हेक्टेयर, राजस्थान में 5.48 प्रतिशत घटकर 9.17 लाख हेक्टेयर और कर्नाटक में 3.17 प्रतिशत घटकर 4.09 लाख हेक्टेयर पर आ गया है।
🌱 फसल की मौजूदा स्थिति और फूल आने की अवस्था
सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) के अनुसार, जून माह में बोई गई अधिकांश फसल अब बढ़कर फूल आने (फ्लावरिंग) की उन्नत अवस्था में पहुँच चुकी है।
देश के अधिकांश कृषि क्षेत्रों में फसल की वर्तमान स्थिति सामान्य से काफी बेहतर है। पौधों की बढ़वार बिल्कुल स्वस्थ है और राहत की बात यह है कि अब तक किसी भी बड़े कीट या रोग (Pest or Disease) का कोई गंभीर प्रकोप देखने को नहीं मिला है। यदि आने वाले अगस्त महीने में भी मौसम पूरी तरह अनुकूल बना रहता है, तो इस वर्ष सोयाबीन के बंपर उत्पादन की मजबूत संभावनाएं बनी रह सकती हैं।
💰 सोयाबीन की मजबूत मांग और बाजार का रुख
प्रोसेसिंग प्लांटों की तरफ से सोयाबीन की माँग लगातार अच्छी बनी हुई है और मंडियों में आवक (Arrival) कम होने के कारण सोयाबीन के दाम ऊँचे और मजबूती पर टिके हुए हैं।
इसके अलावा, घरेलू बाजार में खाद्य तेलों की अच्छी माँग और विदेशी बाजारों से मिल रहे मजबूत संकेतों के चलते तमाम कीमतें स्थिर और मजबूत बनी हुई हैं।
🌾 इंदौर छावनी मंडी के ताजा भाव (रुपये प्रति क्विंटल)
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सरसों निमाड़ी (बारीक): 8,100 से 8,300 रुपये
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रायडा: 7,100 से 7,200 रुपये
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सोयाबीन: 7,000 रुपये
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टोली: 5,300 से 5,400 रुपये
🛢️ लूज तेल के भाव (टैक्स अतिरिक्त - रुपये)
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मूंगफली तेल (इंदौर): 1,730 - 1,740 रुपये
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मुंबई मूंगफली तेल: 1,740 रुपये
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इंदौर सोयाबीन रिफाइंड तेल: 1,455 - 1,460 रुपये
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इंदौर सोयाबीन सॉल्वेंट: 1,400 - 1,405 रुपये
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इंदौर पाम तेल: 1,525 रुपये
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मुंबई सोया रिफाइंड: 1,485 रुपये
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मुंबई पाम तेल: 1,485 रुपये
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राजकोट तेलिया: 2,700 रुपये
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गुजरात लूज तेल: 1,675 रुपये
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कपास्या तेल (इंदौर - प्रति 10 किलो): 1,600 रुपये
🏭 विभिन्न प्लांट्स पर सोयाबीन के हाजिर भाव (रुपये प्रति क्विंटल)
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बैतूल प्लांट: 7,430 रुपये
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केएन इटारसी: 7,350 रुपये
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सांवरिया प्लांट: 7,300 रुपये
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प्रकाश प्लांट: 7,225 रुपये
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धीरेंद्र सोया नीमच: 7,225 रुपये
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सूर्या फूड्स: 7,200 रुपये
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नीमच प्रोटीन: 7,175 रुपये
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धानुका सोया: 7,150 रुपये
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एमएस सॉल्वेक्स नीमच: 7,150 रुपये
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पतंजलि प्लांट: 7,150 रुपये
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अवी एग्रो: 7,150 रुपये
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रामा प्लांट: 7,100 रुपये
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दिव्य ज्योति: 7,075 रुपये
🐂 कपास्या खली के थोक भाव (60 किलो भर्ती - रुपये)
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इंदौर: 2,690 रुपये
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देवास: 2,690 रुपये
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उज्जैन: 2,690 रुपये
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खंडवा: 2,660 रुपये
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बुरहानपुर: 2,660 रुपये
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अकोला: 3,950 रुपये
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