मध्य प्रदेश में अगले तीन दिनों तक भारी बारिश का अनुमान, मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट
मध्य प्रदेश में नया वेदर सिस्टम सक्रिय होने से अगले तीन दिनों तक भारी बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग ने कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
भोपाल : कम बारिश के कारण औसत से काफी पीछे चल रहे मध्य प्रदेश के लिए अब राहत और आफत दोनों तरह की बारिश होने वाली है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, राज्य में एक नया वेदर सिस्टम सक्रिय हो चुका है, जिसके प्रभाव से मध्य प्रदेश में अगले तीन दिनों तक ताबड़तोड़ भारी बारिश होने के पूरे आसार हैं। आज जहाँ छतरपुर, कटनी, निवाड़ी, पन्ना, सतना, टीकमगढ़, अनूपपुर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडोरी, मंडला, सिवनी, शहडोल, सीधी और सिंगरौली जिलों में भारी बारिश की संभावना है, वहीं प्रदेश के बाकी अन्य क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बौछारों के साथ तेज तूफानी हवाएं चल सकती हैं।
⚠️ मध्य प्रदेश के कई जिलों के लिए मौसम विभाग का ऑरेंज अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आगामी 6 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश के कई इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि 7 अगस्त को पूर्वी और पश्चिमी दोनों ही क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट प्रभावी रहेगा।
आईएमडी के ताजा वेदर अपडेट के मुताबिक, "5, 6 और 7 अगस्त के दौरान पूरे पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में व्यापक स्तर पर भारी बारिश दर्ज की जाएगी। इसके अलावा, आज 5 अगस्त को विशेष रूप से अनूपपुर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडोरी, मंडला, सिवनी, शहडोल, सीधी और सिंगरौली में मूसलाधार बारिश हो सकती है।" इन इलाकों में गरज-चमक के साथ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और 5 से 15 मिलीमीटर तक पानी गिरने की संभावना जताई गई है।
🌀 नए वेदर सिस्टम के एक्टिव होने से होगी जोरदार बारिश
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्सों के ऊपर दो अलग-अलग साइक्लोनिक सर्कुलेशन (Cyclonic Circulation) सक्रिय हो गए हैं।
इनके साथ ही एक नया पश्चिमी विक्षोभ यानी वेस्टर्न डिस्टरबेंस (Western Disturbance) भी प्रभावी हो रहा है। इन दोनों शक्तिशाली प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से मध्य प्रदेश में झमाझम बारिश होने की पूरी संभावना मजबूत हो रही है, क्योंकि बंगाल की अरब सागर और खाड़ी से बादलों के साथ भारी मात्रा में नमी (Moisture) लगातार प्रदेश की ओर खींची चली आ रही है। मौसम के इस नए सिस्टम का असर आगामी 5 अगस्त से 7 अगस्त तक लगातार बने रहने की उम्मीद है।
📉 मध्य प्रदेश में अब तक सीजन के कोटे की आधी बारिश भी नहीं हुई
मानसून की इस आंख-मिचौली और बेरुखी का सीधा और बुरा असर मध्य प्रदेश की भौगोलिक स्थिति पर साफ देखने को मिल रहा है। पिछले कुछ हफ्तों के दौरान रुक-रुककर हुई छिटपुट बारिश के चलते इस मानसून सीजन में निर्धारित कोटे की भरपाई होना भी मुश्किल नजर आ रहा है।
फिलहाल के आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में कुल औसत बारिश के कोटे से लगभग 18 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। ऐसे में मौसम वैज्ञानिकों और आम जनता को पूरी उम्मीद है कि अगस्त के इस महीने में होने वाली अच्छी बारिश से औसत कोटे की कुछ हद तक भरपाई हो सकेगी। यदि ऐसा नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
मौसम विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, "मध्य प्रदेश में अब तक औसत रूप से मात्र 16 इंच बारिश ही रिकॉर्ड की गई है, जबकि इस समय तक सामान्य तौर पर 19.5 इंच बारिश हो जानी चाहिए थी।" इस लिहाज से वर्तमान में मध्य प्रदेश में करीब 3.5 इंच पानी की कमी बनी हुई है, जो कुल कोटे से 18 प्रतिशत कम है। यही वजह है कि आने वाले इन तीन दिनों की बारिश से किसानों और आम नागरिकों को बहुत अधिक उम्मीदें हैं।
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