मध्य प्रदेश के डिफाल्टर किसानों को मोहन सरकार देगी बड़ी राहत, 5 हजार से ज्यादा किसानों का ब्याज होगा माफ

मध्य प्रदेश सरकार कैबिनेट बैठक में डिफाल्टर किसानों को राहत देने जा रही है। समिति की गड़बड़ी से डिफाल्टर हुए 5 हजार किसानों का ब्याज माफ हो सकता है।

Aug 04, 2026 - 11:17
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मध्य प्रदेश के डिफाल्टर किसानों को मोहन सरकार देगी बड़ी राहत, 5 हजार से ज्यादा किसानों का ब्याज होगा माफ

भोपाल: मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार प्रदेश के अन्नदाताओं यानी किसानों को एक बहुत बड़ी राहत देने की तैयारी में जुटी हुई है। राज्य सरकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में होने जा रही आगामी कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के डिफाल्टर किसानों को बड़ा तोहफा दे सकती है। इस संबंध में सहकारिता विभाग ने एक विशेष प्रस्ताव तैयार कर शासन के पास भेजा है, जिस पर कैबिनेट में विस्तार से चर्चा की जाएगी। इस योजना के तहत प्रदेश के करीब 5 हजार से अधिक ऐसे किसानों के ब्याज की राशि को सरकार द्वारा माफ किया जा सकता है, जिसके बाद ये सभी किसान आसानी से खाद और बीज प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा भी मंगलवार की इस कैबिनेट बैठक में आधा दर्जन से ज्यादा महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है।

⚠️ समिति पदाधिकारियों की गड़बड़ी और पिस रहे किसान

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के करीब 35 लाख किसानों को रबी और खरीफ फसलों के लिए शून्य प्रतिशत (0%) ब्याज दर पर अल्पकालिक कृषि ऋण उपलब्ध कराया जाता है।

यह लोन किसानों को फसल कटने के बाद समय पर चुकाना होता है, लेकिन विडंबना यह है कि प्रदेश के लगभग 5 हजार से अधिक किसान सहकारी समितियों के पदाधिकारियों की मनमानी और वित्तीय गड़बड़ियों के चलते अनजाने में ही डिफाल्टर की श्रेणी में आ गए हैं। इन किसानों ने तो समय पर अपने लोन की राशि जमा कर दी थी, लेकिन वह पैसा संबंधित बैंकों तक पहुँचा ही नहीं। कई मामलों में तो समिति के भ्रष्ट पदाधिकारियों ने किसानों की बिना किसी जानकारी या सहमति के उनके किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) का गलत इस्तेमाल कर लोन निकाल लिया और बाद में उसे समय पर नहीं चुकाया।

📈 ब्याज का बढ़ता बोझ और किसानों की लाचारी

पदाधिकारियों की इस प्रकार की कारगुजारियों के कारण इन खातों पर लगातार ब्याज का बोझ बढ़ता गया और अंततः ये भोले-भाले किसान डिफाल्टर घोषित कर दिए गए।

इस प्रकार की प्रशासनिक और सहकारिता गड़बड़ी के शिकार हुए किसानों की संख्या लगभग 5 हजार से अधिक है। हालांकि राज्य शासन ने इस तरह के मामलों में संज्ञान लेते हुए पूर्व में कई लापरवाह समिति पदाधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की है, लेकिन इस धोखाधड़ी से सीधे तौर पर प्रभावित हुए पीड़ित किसानों को अब तक कोई राहत नहीं मिल पाई थी। अब जाकर राज्य सरकार ऐसे सभी किसानों को बड़ी राहत देने का ठोस कदम उठाने जा रही है।

💰 कैबिनेट बैठक में किसानों का ब्याज माफ करने पर होगा अंतिम फैसला

आज होने वाली कैबिनेट की बैठक में इन सभी डिफाल्टर किसानों के लिए एक बहुत बड़ा और राहत भरा निर्णय लिया जा सकता है।

सहकारिता विभाग द्वारा तैयार किए गए प्रस्ताव के मुताबिक, सरकार इस मामले में किसानों पर लदे ब्याज और उस पर लगने वाले अतिरिक्त ब्याज (Penal Interest) को पूरी तरह माफ करने पर विचार कर रही है, ताकि ये किसान दोबारा से सहकारी सोसायटियों से खाद और बीज की खरीदी कर सकें। इसके अलावा बैठक में कई अन्य विकास योजनाओं की निरंतरता बनाए रखने से जुड़े प्रस्तावों को भी औपचारिक स्वीकृति दी जाएगी।

📅 अब किसानों को साल में सिर्फ एक बार चुकाना होगा बैंक लोन

आपको बता दें कि राज्य सरकार ने हाल ही में किसानों को बैंक लोन के नियमों के मामले में एक और बड़ी राहत पहले ही दे दी है।

अब तक के पुराने नियमों के अनुसार किसानों को रबी और खरीफ की अलग-अलग फसलों के लिए साल में दो बार कर्ज चुकाना पड़ता था, लेकिन सरकार ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कर्ज चुकाने की इस छह महीने की समयावधि को बढ़ाकर अब पूरा एक साल कर दिया है। यानी अब प्रदेश के किसान साल में एक बार कर्ज लेंगे और उसे आराम से एक साल पूरा होने पर चुका सकेंगे।

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