अमेरिका के 100 प्रतिशत तक टैरिफ अधिकार से भारत की बढ़ी मुश्किलें, एक्सपर्ट्स ने दी चेतावनी
अमेरिका के नए कानून से भारतीय निर्यात पर 100% शुल्क का खतरा मंडराया। निर्यातकों और जानकारों ने जताई गहरी चिंता।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भारतीय सामान पर 100 प्रतिशत तक शुल्क लगाने का अधिकार देने वाला नया अमेरिकी कानून निर्यातकों के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गया है। निर्यातकों के अनुसार, इस कदम से दोनों देशों के बीच अब तक मजबूत रहे व्यापारिक संबंधों को लेकर अनिश्चितता काफी बढ़ गई है। यदि यह भारी-भरकम शुल्क लगाया जाता है, तो अमेरिका को होने वाला भारत का निर्यात बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। हालांकि, इसका वास्तविक असर अमेरिका द्वारा शुल्क की दर, दायरे और समयसीमा तय होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
📜 2. रूस और ईरान पर प्रतिबंध संबंधी नए कानून के तहत ट्रंप को मिला अधिकार, रूसी तेल के खरीदार देश हैं निशाने पर
ट्रंप ने 18 सितंबर को रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने संबंधी एक कानून पर हस्ताक्षर किए हैं, जो राष्ट्रपति को रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों (जिनमें चीन और भारत शामिल हैं) पर 100 प्रतिशत तक शुल्क लगाने का अधिकार देता है। यह कानून राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के 30 दिनों के भीतर प्रभावी होगा और उन देशों पर लागू होगा जो पिछले 12 महीनों के दौरान रूसी कच्चे तेल या प्राकृतिक गैस के पांच सबसे बड़े खरीदारों में शामिल रहे हैं।
📉 3. फियो, टीपीसीआई और जीटीआरआई ने जताई चिंता, ऊर्जा सुरक्षा से समझौता न करने की दी सलाह
फियो (FIEO) के अध्यक्ष एससी रल्हन और अन्य प्रमुख निर्यातकों का कहना है कि इतने ऊंचे शुल्क को कोई आयातक वहन नहीं कर सकता, जिससे निर्यात पूरी तरह ठप हो सकता है। वहीं, आर्थिक शोध संस्थान जीटीआरआई (GTRI) के फाउंडर अजय श्रीवास्तव का कहना है कि अमेरिका इस कानून का इस्तेमाल भारत पर रूसी तेल की खरीद कम करने का दबाव बनाने के लिए कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को अस्थायी राहत के लिए अपनी ऊर्जा सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करना चाहिए।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)