उज्जैन की बेटी निकिता पोरवाल 73वीं मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में करेंगी भारत का प्रतिनिधित्व
उमरिया और उज्जैन की शान, फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड 2024 निकिता पोरवाल वियतनाम में होने जा रही 73वीं मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।
उज्जैन: महाकाल की पावन नगरी उज्जैन की बेटी अब विश्व मंच पर भारत का नाम रोशन करने और देश का परचम लहराने के लिए पूरी तरह तैयार है। फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड 2024 का खिताब जीतने वाली निकिता पोरवाल अब प्रतिष्ठित 73वें मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रही हैं। वियतनाम में आयोजित होने जा रही इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में दुनिया भर के 120 देशों की चुनिंदा प्रतिभागियों के बीच निकिता विश्व सुंदरी का ताज हासिल करने के लिए अपनी कड़ी चुनौती पेश करेंगी। अभिनय, साहित्य लेखन, थिएटर, समाज सेवा और भारतीय संस्कृति से जुड़ी उनकी अनूठी बहुआयामी पहचान उन्हें सिर्फ एक साधारण ब्यूटी क्वीन नहीं, बल्कि एक सशक्त और प्रेरणादायक भारतीय प्रतिनिधि बनाती है।
👑 उज्जैन की गलियों से लेकर विश्व मंच तक का गौरवशाली सफर...
वियतनाम रवाना होने से पहले एक विशेष बातचीत में निकिता ने अपनी निजी जिंदगी और संघर्षों पर खुलकर बात की। उनका जन्म और शुरुआती जीवन उज्जैन में ही बीता है। वर्ष 2024 में फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड का प्रतिष्ठित खिताब जीतकर वह मध्य प्रदेश से यह मुकाम हासिल करने वाली पहली प्रतिभागी बनी थीं।
निकिता बताती हैं कि उन्होंने परफॉर्मिंग आर्ट्स में अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है। वह बचपन से ही अभिनय, कला और साहित्य के क्षेत्र से गहराई से जुड़ी रही हैं। मात्र आठ वर्ष की कोमल उम्र में उन्होंने अपनी पहली पुस्तक 'Smiles All The Way' लिख डाली थी। इसके बाद उन्होंने लगभग 350 पन्नों का एक विशाल नाटक 'कृष्णा लीला' लिखा, और अब तक वह अपने अभिनय करियर में 60 से अधिक नाटकों में शानदार अभिनय कर चुकी हैं।
🎭 थिएटर, कला और रचनात्मकता की एक अनूठी पहचान
निकिता केवल एक मॉडल भर नहीं हैं, बल्कि वह एक निपुण अभिनेत्री, लेखिका, नाटककार और प्रसिद्ध थिएटर कलाकार भी हैं।
उन्होंने 'रंगरेज' नाम से अपनी खुद की एक थिएटर कंपनी की स्थापना की है, जिसके माध्यम से वह एक क्रिएटिव डायरेक्टर के रूप में आज के युवा कलाकारों को एक बड़ा मंच प्रदान कर रही हैं। उन्हें शास्त्रीय नृत्य, कविता लेखन और संगीत से विशेष लगाव है। इसके अलावा हार्मोनियम और बांसुरी जैसे पारंपरिक वाद्ययंत्र बजाने में भी उनकी गहरी रुचि है। आपको जानकर हैरानी होगी कि निकिता 10,000 से अधिक दर्शकों के विशाल समूह के सामने रामलीला में माता सीता की ऐतिहासिक भूमिका निभा चुकी हैं।
🌱 'MAATI' प्रोजेक्ट के जरिए समाज सेवा का अनूठा संदेश
निकिता की पहचान सिर्फ ग्लैमर और मॉडलिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि उनका सामाजिक सरोकार भी बहुत गहरा है।
उनका 'Beauty With A Purpose' प्रोजेक्ट जिसका नाम 'MAATI - Empowering the Keepers of Our Roots' है, विशेष रूप से आदिवासी महिलाओं और बच्चों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाने का एक बेहतरीन प्रयास है। इस विशेष पहल के तहत उन्होंने ग्रामीण इलाकों में शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और स्वच्छ पेयजल जैसे गंभीर मुद्दों पर धरातल पर काम किया है। निकिता का स्पष्ट मानना है कि उनका मुख्य उद्देश्य आदिवासी संस्कृति को पूरी तरह संरक्षित करते हुए समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचाना है।
🌍 अब मिस वर्ल्ड का भव्य मंच, और पूरे भारत की उम्मीदें
निकिता ने बातचीत के दौरान साझा किया कि उनकी पूरी नजरें अब प्रतिष्ठित विश्व सुंदरी के ताज पर टिकी हुई हैं। वियतनाम में आयोजित होने वाली 73वीं मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए बेहद गर्व और सम्मान की बात है।
इस कड़ी स्पर्धा में उनके सामने लगभग 120 विभिन्न देशों की बेहद प्रतिभावान प्रतिभागी होंगी, और उन सबके बीच खुद को सर्वश्रेष्ठ साबित करना एक बड़ी चुनौती होगी। पिछले कई महीनों से देश के नामचीन और प्रमुख विशेषज्ञों द्वारा उनकी विशेष ग्रूमिंग और उच्च स्तर की तैयारी कराई गई है। उनके व्यक्तित्व, अद्भुत संचार कौशल, सांस्कृतिक समझ, सामाजिक कार्यों और मंचीय प्रस्तुति के बल पर निकिता को विश्व मंच पर भारत की सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
महाकाल की नगरी उज्जैन की होनहार बेटी निकिता पोरवाल आज उस ऐतिहासिक मंच पर खड़ी हैं, जहाँ दुनिया की सबसे प्रतिभाशाली और सुंदर महिलाओं के बीच भारत की नई पहचान गढ़ने का सुनहरा अवसर है। अभिनय, साहित्य, समाज सेवा और भारतीय संस्कृति की त्रिवेणी जैसी उनकी यह पहचान उन्हें इस ग्लोबल कॉम्पिटिशन में सबसे अलग बनाती है।
🇮🇳 भारत की तरफ से आखिरी बार मानुषी छिल्लर ने जीता था ताज
इस समय पूरे देश की निगाहें वियतनाम में होने वाले इस ग्रैंड फिनाले पर टिकी हुई हैं, जहाँ हर देशवासी यही उम्मीद कर रहा है कि विश्व सुंदरी का ताज एक बार फिर से भारत के नाम हो और उस गौरवशाली जीत की नई कहानी उज्जैन की बेटी निकिता पोरवाल लिखे।
आपको बता दें कि इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय ब्यूटी कॉम्पिटिशन से पहले भारत के लिए रीता फारिया (1966), ऐश्वर्या राय (1994), डायना हेडन (1997), युक्ता मुखी (1999), प्रियंका चोपड़ा (2000) और मानुषी छिल्लर (2017) मिस वर्ल्ड का यह प्रतिष्ठित ताज अपने नाम कर देश का गौरव बढ़ा चुकी हैं।
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