बांधवगढ़ में टाइगर सफारी से पहले सख्त कदम; पुरानी जिप्सियां बाहर, सिर्फ BS-4 और BS-6 वाहनों को अनुमति

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 1 अक्टूबर 2026 से सफारी शुरू हो रही है। पार्क प्रबंधन ने सुरक्षा के लिहाज से 15 साल पुरानी BS-2 और BS-3 श्रेणी की जिप्सियों के संचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी है।

Sep 19, 2026 - 16:59
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बांधवगढ़ में टाइगर सफारी से पहले सख्त कदम; पुरानी जिप्सियां बाहर, सिर्फ BS-4 और BS-6 वाहनों को अनुमति

उमरिया। मानसून सत्र के कारण 3 महीने तक बंद रहने के बाद बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 1 अक्टूबर 2026 से एक बार फिर पर्यटकों की चहल-पहल लौटेगी।

देश और दुनिया भर के वन्यजीव प्रेमी बांधवगढ़ के कोर एरिया में बाघों का दीदार करने के लिए उत्सुकता से इंतजार कर रहे हैं। नए पर्यटन सत्र की शुरुआत से पहले बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने सफारी वाहनों को लेकर नए और सख्त दिशा-निर्देश लागू किए हैं। नए नियमों के अनुसार अब पार्क के भीतर BS-2 और BS-3 श्रेणी की पुरानी जिप्सियों से सफारी संचालित करने की अनुमति नहीं होगी।

🚫 BS-4 और BS-6 वाहनों को ही मिलेगी प्राथमिकता: PCCF वाइल्डलाइफ के निर्देश पर शुरू हुई कड़ाई

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में अब पर्यावरण सुरक्षा और तकनीकी मानकों के अनुसार BS-4 और BS-6 श्रेणी के आधुनिक वाहनों को ही सफारी के लिए प्राथमिकता दी जाएगी।

हालांकि, वाहनों के मानकीकरण का यह आदेश करीब 7 साल पहले जारी हुआ था, लेकिन इस सत्र से PCCF (वाइल्डलाइफ) ने बांधवगढ़ प्रबंधन को इस पर पूरी सख्ती से अमल कराने के कड़े निर्देश दिए हैं। वर्ष 2012 या उससे पहले निर्मित BS-2 और BS-3 श्रेणी की ऐसी सभी जिप्सियां, जिन्होंने अपनी 15 वर्ष की व्यावसायिक संचालन अवधि पूरी कर ली है, उन्हें सफारी रूट से बाहर किया जाएगा।

📜 वाहनों के फिटनेस व कागजातों की सघन जांच शुरू: 252 पंजीकृत जिप्सियों में से 46 पर मंडराया संकट

नए सत्र के स्वागत से पहले पार्क प्रबंधन ने पंजीकृत जिप्सी वाहनों के फिटनेस, रजिस्ट्रेशन और प्रदूषण प्रमाण पत्रों की सघन जांच शुरू कर दी है।

सभी वाहन मालिकों व संचालकों को अपने वैध दस्तावेज जमा करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। वर्तमान में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में लगभग 252 जिप्सियां पंजीकृत हैं, जिनमें से करीब 46 जिप्सियां BS-2 मानक श्रेणी की हैं। प्रबंधन का मानना है कि नए और फिट वाहनों के चलने से पार्क के दुर्गम, कच्चे और ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर पर्यटकों की यात्रा सुगम और हादसों से मुक्त रहेगी।

🛡️ क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय का बयान: "पर्यटकों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण हमारी पहली प्राथमिकता"

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक (Field Director) अनुपम सहाय ने बताया कि यह निर्णय पर्यटकों की सुरक्षा, सफर की सुगमता और निर्धारित पर्यावरणीय मानकों को ध्यान में रखकर लिया गया है।

उन्होंने बताया— "1 अक्टूबर से कोर एरिया में पर्यटन सत्र की विधिवत शुरुआत हो रही है। इससे पूर्व प्रवेश करने वाले सभी वाहनों के दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। 15 साल की मानक अवधि पूरी कर चुकी BS-2 और BS-3 जिप्सियों को बाहर किया जा रहा है। इस बार भारी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटकों के आने की संभावना है, जिसके लिए सुरक्षित और सुव्यवस्थित सफारी का खाका तैयार कर लिया गया है।"

🧭 नए पर्यटन सत्र के लिए गाइडों की ट्रेनिंग और समीक्षा पूरी: बेहतर व्यवस्था का दावा

जिप्सी संबंधी नियमों के साथ-साथ बांधवगढ़ प्रबंधन नए सत्र से जुड़ी अन्य प्रशासनिक व पर्यटक सुविधाओं को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है।

प्रशिक्षित गाइडों की तैनाती, गेट प्रबंधन, ऑनलाइन बुकिंग काउंटर और पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की जा रही है। पार्क प्रशासन का दावा है कि नए वाहनों और चुस्त-दुरुस्त व्यवस्थाओं के साथ इस बार पर्यटकों को एक सुखद और यादगार वाइल्डलाइफ सफारी का अनुभव मिलेगा।

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