बेरखेरी कलां गांव में बदहाल रास्ते से गुजर रहे छात्र, जिम्मेदारों की अनदेखी पर उठे सवाल
सागर के बेरखेरी कलां गांव में कोपरा नदी की पुलिया क्षतिग्रस्त होने के कारण स्कूली छात्राएं जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं। वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ है।
सागर: एक तरफ देश और प्रदेश की सरकारें 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का मजबूत नारा बुलंद करती हैं, तो दूसरी तरफ बुनियादी सुविधाओं और प्रशासनिक उदासीनता के अभाव में जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। हालात यह हैं कि जरा सी मामूली बरसात में भी नन्ही बेटियों को अपनी शिक्षा हासिल करने के लिए स्कूल जाने के वास्ते हर रोज अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ रही है। यह संवेदनशील मामला जिले के बेरखेरी कलां गांव का है, जहाँ कोपरा नदी की पुलिया लंबे समय से क्षतिग्रस्त पड़ी है, जिसके कारण बेटियां हथेली पर जान रखकर किसी तरह पुलिया पार करती हैं, तब जाकर वे स्कूल पहुँच पाती हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों की मदद के लिए स्थानीय ग्रामीणों को आगे आना पड़ता है, और एक-दूसरे का हाथ कसकर पकड़कर ये बेटियां उफनती नदी पार करती हैं।
🌉 कोपरा नदी की क्षतिग्रस्त पुलिया बनी स्कूली बच्चों के लिए जी का जंजाल
एक तरफ जहां सरकारें तेजी से आधुनिक बुनियादी ढांचा विकसित करने के बड़े-बड़े दावे करती हैं, वहीं दूसरी तरफ रहली जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली बेरखेरी कलां ग्राम पंचायत में कोपरा नदी पर बनी यह जर्जर पुलिया स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए एक बड़ा संकट बन गई है।
हालत यह है कि हल्की सी बारिश में भी स्कूली छात्राएं ग्रामीणों के मानवीय सहयोग से अपनी जान खतरे में डालकर नदी पार करने को विवश हैं। इन मासूम लड़कियों की इस रोजमर्रा की खतरनाक जद्दोजहद का एक वीडियो जब सोशल मीडिया पर तेजी से सर्कुलेट हुआ, तब जाकर स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्थाओं और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।
⚠️ जरा सी चूक बन सकती है किसी बड़े और भयानक हादसे का कारण
सामने आई जानकारी के अनुसार, बेरखेरी कलां ग्राम पंचायत से गुजरने वाली कोपरा नदी की यह पुलिया पिछले काफी समय से पूरी तरह क्षतिग्रस्त स्थिति में है।
वायरल हो रहे वीडियो में छात्राएं नदी के तेज बहते पानी के बीच ग्रामीणों के कंधों और हाथों के सहारे एक-एक करके संभलकर पुलिया पार करती हुई साफ दिखाई दे रही हैं। ऐसे में जरा सी भी लापरवाही या पैर फिसलने की चूक किसी बड़ी अनहोनी या हादसे का कारण बन सकती है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग बेरखेरी कलां और चेनपुरा गांव के दर्जनों विद्यार्थियों के रोजाना स्कूल पहुँचने का मुख्य रास्ता है। बारिश के मौसम के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने से यह खतरा और अधिक बढ़ जाता है। हालांकि, गांव तक पहुँचने के लिए लगभग तीन किलोमीटर लंबा एक वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध है, लेकिन दूरी अधिक होने के कारण अधिकांश ग्रामीण और विद्यार्थी इसी खतरनाक पुलिया का उपयोग करने को मजबूर हैं।
🚨 वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आया स्थानीय प्रशासन
ग्रामीणों ने दर्द बयां करते हुए बताया कि यह पुलिया लंबे समय से टूटी हुई है। पूर्व में एक ठेकेदार द्वारा इसके निर्माण का कार्य शुरू तो किया गया था, लेकिन किन्हीं कारणों से वह मरम्मत का काम अधूरा ही छोड़ गया, जो आज तक पूरा नहीं हो सका है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि इस क्षतिग्रस्त पुलिया का निर्माण जल्द से जल्द पूरा कराया जाए, ताकि किसी भी अप्रिय और बड़ी घटना के घटने से पहले इस समस्या का एक स्थायी समाधान निकल सके। वहीं, इस मामले पर रहली जनपद पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) रवि पाटीदार का कहना है कि क्षतिग्रस्त पुलिया पार करने का यह वीडियो सामने आने के तुरंत बाद संबंधित उपयंत्री (Sub Engineer) को मौके पर निरीक्षण के लिए भेज दिया गया है, और वहाँ जल्द से जल्द सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, पुलिया के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निर्माण के लिए संबंधित निर्माण एजेंसी से भी लगातार चर्चा की जा रही है।
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