दतिया उपचुनाव में हार के बाद बीजेपी संगठन भंग, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की बड़ी कार्रवाई
दतिया उपचुनाव में हार के बाद बीजेपी ने जिला संगठनात्मक इकाई को भंग कर दिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि पार्टी को इस बार पिछली बार से अधिक वोट मिले हैं।
भोपाल : दतिया विधानसभा उपचुनाव में मिली हार के बाद अब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का संगठन इसकी गहन समीक्षा करने में जुट गया है। चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वाले दतिया जिले के कई बड़े बीजेपी नेताओं पर अब अनुशासनात्मक कार्रवाई की तलवार लटक रही है। इसी कड़ी में कड़ा कदम उठाते हुए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत पूरी जिला संगठनात्मक इकाई को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। इस बीच, पार्टी नेता अपनी हार की झेंप मिटाने के लिए दतिया के हार-जीत के आंकड़ों को सामने रखकर भविष्य के लिए इससे सीख लेने की बात कर रहे हैं।
📈 "भले ही चुनाव हारे, लेकिन बीजेपी को इस बार मिले 1700 वोट ज्यादा"—सीएम मोहन यादव
इस पूरे चुनावी परिणाम पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि, "हम भले ही दतिया का यह उपचुनाव फिर से हार गए हों, लेकिन हमारे लिए राहत की बात यह है कि बीजेपी ने इस बार पिछले चुनाव की तुलना में ज्यादा वोट हासिल किए हैं। यह सीट साल 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने जीती थी, और इस बार भी कांग्रेस ने अपनी यह सीट बचा ली है। ऐसे में यह सवाल ही पैदा नहीं होता कि बीजेपी ने कोई सीट गंवाई है, बल्कि इस बार तो हमें पिछली बार की अपेक्षा 1700 वोट अधिक मिले हैं। हम पूरी विनम्रता के साथ इस जनादेश को स्वीकार करते हैं।"
🏆 मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गिनाए पार्टी की पिछली जीत के रिकॉर्ड आंकड़े
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए डॉ. मोहन यादव ने कहा कि, "विधानसभा चुनाव 2023 में प्रदेश की जनता ने बीजेपी को प्रचंड और शानदार जीत दिलाई थी, और इसके तुरंत बाद हुए लोकसभा चुनाव में हमने इतिहास रचते हुए राज्य की सभी 29 की 29 लोकसभा सीटें जीत लीं। यह रिकॉर्ड मध्य प्रदेश के इतिहास में पहली बार बना है। इसके अलावा, राज्यसभा की तीनों सीटों पर भी बीजेपी की ही जीत हुई है। बुधनी और अमरवाड़ा विधानसभा के उपचुनाव में भी हमारी पार्टी ने शानदार जीत दर्ज की थी। इसलिए कांग्रेस किसी भी तरह के मुगालते में न रहे, क्योंकि जनता की नजरों से कांग्रेस पहले ही पूरी तरह उतर चुकी है।"
📊 दतिया उपचुनाव और पिछले विधानसभा चुनाव के कुल आंकड़े
दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह को कुल 66,757 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को 60,741 वोट प्राप्त हुए। इसके अलावा, आजाद समाज पार्टी के प्रत्याशी दामोदर यादव ने भी कड़ा मुकाबला दिखाते हुए 22,527 वोट हासिल किए। इस प्रकार कांग्रेस ने बीजेपी को 6,016 वोटों के अंतर से शिकस्त दी।
आपको बता दें कि इससे पहले विधानसभा चुनाव 2023 में कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने प्रदेश के कद्दावर और दिग्गज बीजेपी नेता नरोत्तम मिश्रा को 7,742 वोटों के अंतर से हराया था। हालांकि, यह ऐतिहासिक तथ्य है कि लंबे समय तक दतिया की यह सीट भारतीय जनता पार्टी का एक अत्यंत मजबूत और अजेय किला मानी जाती थी।
⚖️ बैंक फ्रॉड मामले में सजा मिलने के बाद खाली हुई थी यह सीट
गौरतलब है कि बैंक फ्रॉड से जुड़े एक पुराने मामले में कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को अदालत से दो साल की सजा मिलने के बाद यह दतिया विधानसभा सीट रिक्त हो गई थी, जिसके कारण यहाँ उपचुनाव कराना पड़ा।
चुनाव से पहले वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा को पूरी उम्मीद थी कि इस बार भी पार्टी उन्हें ही अपना आधिकारिक उम्मीदवार बनाएगी, और उन्होंने अपने स्तर पर चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया था। लेकिन, ऐन वक्त पर पार्टी आलाकमान ने आशुतोष तिवारी को टिकट थमा दिया। टिकट कटने के बाद दतिया में नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने भारी विरोध प्रदर्शन और बवाल किया था, जिसे पार्टी की हार का एक बड़ा कारण भी माना जा रहा है।
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