700 शिकायतें और फिर भी समाधान नहीं, कागजी दावों और जमीनी हकीकत के बीच फंसा छिंदवाड़ा
छिंदवाड़ा में एक शख्स ने समस्याओं को लेकर करीब 700 बार आवेदन दिए, लेकिन समाधान नहीं हुआ। एक तरफ सरकार जन विश्वास अभियान चला रही है, तो दूसरी तरफ प्रशासनिक लापरवाही सामने आ रही है।
छिंदवाड़ा : एक तरफ जहाँ मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार 'मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान' चलाकर आम जनता की छोटी-बड़ी समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी समाधान करने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, तो वहीं दूसरी तरफ छिंदवाड़ा जिले में जमीनी हकीकत इन दावों के ठीक विपरीत नजर आ रही है। यहाँ एक शख्स ऐसा भी है, जिसने अपनी और शहर की समस्याओं को दूर करने के लिए करीब 700 बार आवेदन दिए और अलग-अलग सरकारी दफ्तरों के अनगिनत चक्कर काटे, लेकिन इसके बाद भी उसकी समस्या का आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका है।
📝 करीब 700 शिकायतें दर्ज, कुछ का हुआ समाधान तो बाकी लंबे इंतजार में
छिंदवाड़ा के एक युवा समाजसेवी दयानंद चौरसिया ने शहर की बदहाल सड़कों, सड़कों पर बने अवैध डिवाइडर, नालियों की साफ-सफाई और अनियोजित स्पीड ब्रेकर जैसे कई गंभीर मुद्दों को लेकर अब तक अलग-अलग माध्यमों से करीब 700 शिकायतें दर्ज कराई हैं।
उन्होंने सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई और सीधे संबंधित विभागीय अधिकारियों को लिखित शिकायती पत्र तक सौंपे हैं। इनमें से कुछेक शिकायतों पर तो खानापूर्ति कर समाधान कर दिया गया, लेकिन अधिकांश शिकायतें आज भी कागजों में दबी हुई समाधान का लंबा इंतजार कर रही हैं।
दयानंद चौरसिया बताते हैं, "ऐसी दर्जनों शिकायतें हैं जो मेरे द्वारा सीएम हेल्पलाइन में की जा चुकी हैं, लेकिन अधिकतर मामलों में बिना जमीनी स्तर पर सुने ही पोर्टल पर फर्जी निराकरण लिख दिया जाता है।"
उन्होंने आगे कहा कि सरकार की मंशा हमेशा यही होती है कि जनता को समय पर उनकी समस्याओं से राहत मिल सके और उनके कार्य सुगमता से पूरे हों, लेकिन स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक अमला इतना ज्यादा बेपरवाह और उदासीन हो चुका है कि वह सरकार की इन कल्याणकारी योजनाओं पर सरेआम पलीता लगाता हुआ नजर आ रहा है, और इसी वजह से आम जनता पिसने को मजबूर है।
🏠 इमलीखेड़ा प्रधानमंत्री आवास योजना: सीएम हेल्पलाइन के आदेश के बावजूद हुई अतिरिक्त वसूली
इस प्रशासनिक लापरवाही का एक और बड़ा मामला छिंदवाड़ा नगर पालिका निगम से जुड़ा हुआ है। छिंदवाड़ा के इमलीखेड़ा क्षेत्र में नगर निगम द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत कुल 78 मकान बनाकर गरीब हितग्राहियों को बेचे गए थे।
शुरुआत में इन मकानों की कीमत 31 लाख रुपये तय की गई थी, लेकिन जब गरीब हितग्राहियों ने किश्तें भरकर मकान खरीद लिए, तो उसके बाद उन पर 3 लाख 50 हजार रुपये की अतिरिक्त वसूली का फरमान जारी कर दिया गया। इस मनमानी के खिलाफ एक हितग्राही बी.एस. चौहान ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई थी।
सीएम हेल्पलाइन द्वारा इस मामले में यह स्पष्ट निराकरण कर दिया गया कि हितग्राहियों से जो मूल कीमत तय की गई थी, उसके अलावा एक भी रुपया अतिरिक्त नहीं लिया जाना चाहिए। इसके बावजूद नगर निगम ने इन आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए हितग्राहियों से 3.5 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि वसूलने के बाद ही मकान की रजिस्ट्री उनके नाम की और हैंडओवर किया।
पीड़ित बी.एस. चौहान ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि, "नगर निगम ने हमसे जबरन 3.5 लाख रुपये तो वसूल लिए, लेकिन अनुबंध (एग्रीमेंट) के मुताबिक मकान में जो बुनियादी निर्माण सामग्री और सुविधाएं लगाकर देनी थीं, वे आज तक पूरी नहीं की गईं। आज भी इस आवासीय इलाके में व्यवस्थित पार्क, कम्युनिटी हॉल और पक्की नालियों जैसी जरूरी सुविधाएं नदारद हैं।"
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए छिंदवाड़ा नगर पालिका निगम के कमिश्नर चंद्र प्रकाश राय ने सफाई देते हुए कहा कि, "जब मैंने यहाँ पदभार ग्रहण किया था, तब मुझे इमलीखेड़ा प्रधानमंत्री आवास प्रोजेक्ट में मकान की मूल लागत और निर्माण का एरिया बढ़ा हुआ होने के कारण 3.5 लाख रुपये की राशि वसूलने से संबंधित दस्तावेज मिले थे। हमने उन्हीं नियमों का पालन करते हुए हितग्राहियों से अतिरिक्त राशि लेने के बाद ही नियमानुसार मकान की रजिस्ट्री उनके नाम की है।"
🏛️ पूर्ववर्ती शिवराज सरकार में भी चलाया गया था 'आपकी सरकार आपके द्वार' अभियान
मालूम हो कि जनता की समस्याओं का उनके गाँव और घर के दरवाजे पर जाकर त्वरित निराकरण करने का यह कोई पहला प्रयास नहीं है। इससे पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी 1 अगस्त 2019 को मध्य प्रदेश में ठीक इसी तर्ज पर एक अभियान की शुरुआत की थी, जिसका नाम "आपकी सरकार आपके द्वार" रखा गया था।
उस अभियान के दौरान भी पूरा सरकारी और प्रशासनिक अमला सुदूर गाँवों में कैंप लगाकर आम जनता की शिकायतों का मौके पर ही समाधान करने के बड़े-बड़े दावे करता था, लेकिन जमीनी हकीकत अक्सर इसके उलट ही देखने को मिलती थी।
🔍 सीएम के दौरे और नए अभियान से पहले संभाग स्तर के अधिकारियों ने डाला छिंदवाड़ा में डेरा
अब चूंकि एक बार फिर से 'मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान' की शुरुआत हो रही है, और मुख्यमंत्री का आगामी दौरा संभावित है, इसलिए किसी भी प्रकार की प्रशासनिक गड़बड़ी या लापरवाही उजागर न हो, इसके लिए जबलपुर संभाग के प्रमुख वरिष्ठ अधिकारियों ने छिंदवाड़ा में ही अपना डेरा डाल लिया है।
इनमें जनजातीय कार्य विभाग के उपायुक्त नरोत्तम सिंह बरकड़े, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी तथा अन्य पिछड़ा वर्ग समेत विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी शामिल हैं। मुख्यमंत्री के आगमन से ठीक पहले लंबित पड़ी सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों और अन्य जनसमस्याओं का तेजी से निराकरण करने में ये तमाम अधिकारी इन दिनों युद्धस्तर पर जुटे हुए हैं।
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