राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर पद्मभूषण साध्वी ऋतंभरा का बड़ा बयान, कहा- श्रद्धा के धन पर गिद्ध दृष्टि रखना दंडनीय अपराध
इंदौर पहुंची साध्वी ऋतंभरा ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी की घटना की निंदा करते हुए इसे शर्मनाक बताया है। साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
इंदौर: उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की राशि चोरी होने के मामले पर अब धार्मिक और सामाजिक जगत से भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। राम मंदिर आंदोलन से जुड़ी प्रमुख संत और पद्मभूषण से सम्मानित साध्वी ऋतंभरा ने इस पूरे घटनाक्रम पर बेहद कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
एक दिवसीय विशेष दौरे पर बुधवार को इंदौर पहुँचीं साध्वी ऋतंभरा ने राम मंदिर में भगवान के चढ़ावे की चोरी करने वालों को 'दिव्य दृष्टि' (यानी गिद्ध दृष्टि) रखने वाला लालची और लोभी करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इतने बड़े और विशाल समाज में भी कुछ ऐसे लोग हमेशा मौजूद रहते हैं जो अपनी हरकतों से पूरे राष्ट्र और समाज को दुनिया के सामने लज्जित करते हैं।
🏛️ राम मंदिर में चोरी की घटना से पूरा राष्ट्र और समाज हुआ लज्जित
साध्वी ऋतंभरा इंदौर में 'विकसित भारत में युवाओं के जीवन में संस्कार का समावेश' विषय पर आयोजित एक विशेष प्रबोधन व्याख्यान में हिस्सा लेने के लिए बुधवार को पहुँची थीं। इस दौरान मीडिया से अनौपचारिक बातचीत के दौरान उन्होंने राम मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी की घटना को पूरी तरह स्वीकार किया और इसे पूरे संत समाज और देश को शर्मसार करने वाली घटना बताया।
⚖️ आरोपियों के खिलाफ हो कठोर कार्रवाई, श्रद्धा के धन पर बुरी नजर रखना अपराध
मीडिया से चर्चा के दौरान चढ़ावे की चोरी पर गहरा खेद जताते हुए साध्वी ऋतंभरा ने कहा, "यह एक ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना है जिसने हम सबको अंदर तक शर्मसार किया है। बहुत बड़े समाज में भी 50 या 100 लोग ऐसे निकल आते हैं जो अपने कृत्यों से राष्ट्र और समाज को लज्जित करते हैं, इसलिए जनता की अटूट श्रद्धा से अर्पित किए गए धन के प्रति ऐसी गिद्ध दृष्टि रखना एक गंभीर और दंडनीय अपराध है।"
उन्होंने मांग की कि इस घिनौनी घटना में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ कानून के तहत बेहद कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में कोई ऐसी हिमाकत न कर सके।
युवाओं के प्रदर्शन और भाषा शैली पर जताई चिंता, कही यह बड़ी बात
अपने संबोधन के दौरान उन्होंने आगे कहा कि, "राम मंदिर की इस चोरी की घटना ने हमें इसलिए सबसे ज्यादा आहत किया है, क्योंकि उस पवित्र स्थल के लिए 500 वर्षों तक सिर्फ धन का संग्रह नहीं किया गया, बल्कि वहाँ संतों और भक्तों ने अपने प्राण न्योछावर किए हैं।"
इस दौरान उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर सहित देश के अन्य हिस्सों में पेपर लीक और विभिन्न मुद्दों के खिलाफ हुए 'जेन-जी' (Gen-Z) आंदोलन का भी विशेष रूप से जिक्र किया।
उन्होंने चिंता जताते हुए कहा, "जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के दृश्यों को देखकर मेरा मन बहुत दुखी होता है, जहाँ प्रदर्शन के दौरान युवा लड़कियाँ तक सरेआम गंदी गालियाँ बक रही हैं। क्या लड़कियों को पुरुषों की अभद्र गालियों और भाषा के खिलाफ ही प्रदर्शन नहीं करना चाहिए?"
उन्होंने युवाओं को नसीहत देते हुए कहा कि युवतियों और युवा पीढ़ी द्वारा इस तरह सरेआम अभद्र भाषा का प्रयोग करना बेहद दुखद है। युवा पीढ़ी से मेरा विनम्र निवेदन है कि जब वे किसी भी बड़े आंदोलन में उतरें, तो उन्हें यह जरूर देखना चाहिए कि वे सलाह किससे ले रहे हैं।
उन्होंने बिना किसी का नाम लिए इशारों में यह भी कहा कि, "जो खुद महामूर्ख हैं, हे देश के युवाओं! कम से कम ऐसे लोगों के पीछे या उनके साथ बिल्कुल मत चलो।"
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